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खाद वितरण में गड़बड़ी पर कलेक्टर सख्त, 66 अधिकारी-कर्मचारियों को थमाए नोटिस

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मुंगेली.

खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने खाद भंडारण और वितरण में लापरवाही बरतने वाले 21 सेवा सहकारी समितियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जारी नोटिस में संबंधित समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों, प्रभारी प्रबंधकों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों से जवाब मांगा गया है। बताया गया है कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप खाद का भंडारण और वितरण नहीं किया गया, जबकि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिक्षेत्र मुंगेली से प्राप्त खाद भंडारण एवं वितरण रिपोर्ट के परीक्षण में यह स्थिति सामने आई। सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं मुंगेली द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि खाद वितरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य के प्रति उदासीनता, अनुशासनहीनता और लापरवाही को दर्शाता है।

जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर होगी निलंबन की कार्रवाई
विभाग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। इसी को देखते हुए संबंधित समितियों को दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खाद वितरण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत प्राधिकृत अधिकारियों को पद से हटाने तथा प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों के निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

90 से अधिक उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण, 29 को नोटिस
वहीं कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व अनियमितता रोकने के लिए निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक जिले के 90 से अधिक उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 29 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 06 विक्रय केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।

उपसंचालक वीणा ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद के भंडारण, वितरण, रेट सूची, पॉश मशीन के उपयोग तथा किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान सभी विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया कि किसानों को संतुलित मात्रा में और शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद वितरित किया जाए। साथ ही किसानों को खाद की कमी संबंधी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ नील हरित शैवाल, हरी खाद एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग करने समझाइश दी गई। इन वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

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