CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, निगम-बोर्ड अध्यक्षों से बोले- फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम

भोपाल
 मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है।

योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है।

सेवा भावना से करें काम
मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें।

आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है
उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए।

अनावश्यक चीजों से बचना है हमें
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।

 

बिलासपुर हाईकोर्ट में पहली वेकेशन बेंच की शुरुआत, 14 सिंगल बेंच भी करेंगी सुनवाई

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गया है. अवकाश में जरूरी मामलों की सुनवाई वेकेशन बेंच में शुरू शुरू हो गई है. मंगलवार को पहली बार वेकेशन बेंच में सुनवाई शुरू हो रही है. हाईकोर्ट में समर वेकेशन शुरू हो चुका है. इसके बाद भी आवश्यक मामलों की सुनवाई करने चीफ जस्टिस के निर्देश पर अलग से व्यवस्था की गई है.

हर सप्ताह अलग से बेंच निर्धारित किया गया है. इनमें अवकाश के दौरान सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई की जाएगी. मंगलवार को जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच में आवश्यक रिट मामलों, फेमिली मैटर और अपराधिक मामलों की सुनवाई होगी. इसी प्रकार जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की सिंगल वेकेशन बेंच भी रखी गई है. हाईकोर्ट प्रशासन ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, जो 7 मई से प्रभावी है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं।

7 मई से लागू हुआ नया रोस्टर
हाईकोर्ट द्वारा जारी नई सूची के अनुसार अब अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई तय बेंचों द्वारा की जाएगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है।

पहली डिवीजन बेंच संभालेगी जनहित याचिकाएं
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की प्रथम डिवीजन बेंच को जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी।

दूसरी बेंच में होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई
जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करेगी। इस बेंच के पास गंभीर आपराधिक और कानूनी वैधता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी रहेगी।

कैदी अपीलों के लिए अलग बेंच गठित
तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। जेलों से जुड़े अपील मामलों और सजा संबंधी याचिकाओं की सुनवाई इसी बेंच में होगी।

वैवाहिक, टैक्स और सेवा मामलों के लिए चौथी बेंच
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की चौथी डिवीजन बेंच वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई करेगी। कर्मचारियों और पारिवारिक विवादों से जुड़े प्रकरण इसी बेंच में सुने जाएंगे।

14 सिंगल बेंच भी करेंगी नियमित सुनवाई
नई व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। ये बेंच विभिन्न श्रेणी के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है।

न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी
हाईकोर्ट के नए रोस्टर से न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। समर वेकेशन से पहले यह बदलाव कोर्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वकीलों और पक्षकारों के लिए अहम अपडेट
नए रोस्टर लागू होने के बाद अब अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बेंच के अनुसार तैयारी करनी होगी। कोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी है।

MP में तरबूज खाने से मौत मामले में बड़ा अपडेट, जांच की आंच भोपाल तक पहुंची

 भोपाल / श्योपुर

मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद ड्राइवर पिता की मौत और बेटे की तबियत बिगड़ने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। शहर के खातौली तिराहे के पास किराये के मकान में किराये से रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगडने और कोटा रेफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। अब इस मामले में पशुपालन विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रविवार को पशुपालन विभाग ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिए है।

पशुपालन विभाग पहुंची पोल्ट्री फार्म, भोपाल भेजे सैंपल
सुभाष बाबू दोहरे उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि, तीन पशु चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिया गया है। टीम द्वारा लिए गए सेंपल को जांच हेतु भोपाल भी भेजा जा चुका है। जहां से जांच उपरांत आने वाले रिपोर्ट के आधार पर ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि, गठित टीम पोल्ट्री फार्म की सतत निगरानी व देखरेख करेगी। सुभाष बाबू दोहरे ने बताया कि, टीम के सदस्य डॉ. सचिन उपाध्याय ने जानकारी दी है कि, यहां साफ-सफाई पाई गई है साथ ही मुर्गियों में भी ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए जिससे किसी प्रकार की आशंका व्यक्त की जा सके।

डॉक्टरों ने बताया था संभाविक कारण
हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है।

विनोद की हालत अभी स्थिर
मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है।

तरबूज खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबियत
बता दें कि, 15 मई शुक्रवार को सुबह 5 बजे इंद्र सिंह व उनके पुत्र विनोद की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन इंद्र सिंह की रेफर के दौरान मौत हो गई थी वहीं बेटा विनोद का उपचार अभी जारी है। बताया गया है कि, मृतक इंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। ऐसे में बर्ड संक्रमण की आशंकाओं के बीच इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 

मंत्री भूरिया की अध्यक्षता में हुई महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक

भोपाल

महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीतमी प्रतिमा बागरी बैठक में वर्चुवली शामिल हुईं। समिति द्वारा प्रमुख राज्य प्रवर्तित योजनाओं तथा महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता एवं योजनाओं में अपेक्षित बदलाव पर विस्तृत चर्चा की गई।

 

जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल

जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल

*सुशासन तिहार—जहां शिकायतें फाइलों में नहीं, खेतों तक पहुंचकर होती  हैं समाधान *

रायपुर
 महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के परसापाली गांव में शाम होते ही खेतों के किनारे बुजुर्ग किसान रामलाल यादव अक्सर गोड़बहाल जलाशय की तरफ टकटकी लगाकर देखते रहते थे। 

सालों से यही जलाशय पोटापारा और परसापाली के खेतों की प्यास बुझाता आया था। पर इस बार बरसात से पहले ही उसका मुख्य गेट जर्जर होकर जवाब दे गया। गेट से पानी रिसता रहता, खेतों तक पानी पहुंचता ही नहीं। बीज पड़े रहे, मगर सिंचाई न होने से फसल का सपना अधूरा रह जाता।

“साहब, बीज बो दिए, पर पानी नहीं पहुंचा तो सब मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी,”— यही दर्द लेकर रामलाल और गांव के दर्जनों किसान सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचे। मंच पर उनकी बात सुनी गई, कागजों में दर्ज हुई, और सबसे बड़ी बात—भूली नहीं गई।

शिकायत सुनते ही कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उसी वक्त जल संसाधन विभाग को निर्देश भेजे। अगली सुबह कार्यपालन अभियंता अजय खरे अपनी टीम के साथ गोड़बहाल पहुंचे। टूटे गेट को देखा, औजार मंगवाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत शुरू कर दी।

तीन दिन बाद जब गेट फिर से मजबूत होकर खड़ा हुआ, तो गांव में जैसे त्योहार जैसा माहौल हो गया। पानी का पहला प्रवाह जब नहरों में उतरा, तो खेतों की सूखी मिट्टी ने जैसे राहत की सांस ली। रामलाल की आंखें भर आईं। 

“सालों से यही शिकायत करते आए, पर इस बार  मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव की सरकार सरकार ने सच में सुनी। सुशासन तिहार ने हमारी आवाज को सीधे अफसरों तक पहुंचा दिया। अब  गोड़बहाल से निकलने वाला पानी सिर्फ खेतों को नहीं सींच रहा, वो किसानों के भरोसे को भी सींच रहा है। 

राज्य सरकार के लिए ये सिर्फ एक गेट की मरम्मत नहीं है। ये इस बात का सबूत है कि जब शासन ग्रामीणों की मांग को प्राथमिकता देता है, तो फसलों के साथ-साथ उम्मीदें भी फिर से लहलहा उठती हैं।

कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं

कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं

​रायपुर 

 
       छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायत नारायणपुर के ग्राम कोलियारी में आयोजित समाधान शिविर सफल रहा। आम जनता की समस्याओं को उनके घर-द्वार पर ही सुलझाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में प्रशासन द्वारा मौके पर ही कई आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।
     ​गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में ‘सुशासन तिहार’ का व्यापक जन-समस्या निवारण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का ऑन-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करना है।

​विभिन्न विभागों को मिले 176 आवेदन, पंचायत विभाग अव्वल

      ​कोलियारी के इस शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 176 आवेदन दर्ज किए गए। आंकड़ों के लिहाज से सबसे अधिक 58 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त हुए। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में 41, कृषि विभाग में 17 और विद्युत विभाग में 13 आवेदन जमा किए गए। ​इसी तरह ​ऊर्जा/क्रेडा के 9,पीएमई के 8, मत्स्य व परिवहन के  6-6, PMGSY (आरईएस) के 5,​जल संसाधन के 3,उद्योग, राजस्व व आदिम जाति कल्याण के 2-2,​महिला एवं बाल विकास, वन, शिक्षा व सहकारिता के 1-1 आवेदन प्राप्त हुए।

​स्वास्थ्य के लिए स्वेच्छानुदान और बुजुर्गों को डिजिटल राहत

   ​शिविर में संवेदनशील पहल करते हुए गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 21 हितग्राहियों को 5-5 हजार रुपये कुल 1 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी को सुगम बनाते हुए खाद्य विभाग द्वारा मौके पर ही वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) का ई-केवाईसी (e-KYC) सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

​खुशहाली की चाबी और ‘गोद भराई’ की रस्म

    ​शिविर में न केवल समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे तौर पर हितग्राहियों को सौंपा गया। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में
​04 हितग्राहियों को उनके सपनों के ‘प्रधानमंत्री आवास’ की चाबियां सौंपी गईं। इसी तरह ​02 परिवारों को नए राशन कार्ड वितरण के साथ-साथ ​5 गर्भवती माताओं की पारंपरिक रूप से ‘गोद भराई’ की रस्म संपन्न कराई गई।

​एक ही छत के नीचे समाधान से खिले ग्रामीणों के चेहरे

     ​दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने इस बात पर बेहद संतोष जताया कि उन्हें एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं और अधिकारी मिल गए, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत हुई। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें पात्रता अनुसार लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। ​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिला व जनपद स्तर के आला अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में मौसम का डबल अटैक, अगले 2 दिन बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी और उमस के बीच अब प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी और विदर्भ क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम का असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट और मौसम में नमी बढ़ने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

कई जिलों में हुई झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान रायपुर, बस्तर, दुर्ग, महासमुंद और आसपास के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में शनिवार को 62.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बस्तर संभाग के कई इलाकों में भी जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। दिनभर बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना रहा। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने भी इस बारिश को राहत भरी बताया है।

बिलासपुर सबसे गर्म, रायपुर में तापमान गिरा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

इन मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिम विदर्भ से मन्नार की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो लगातार नमी को मध्य भारत और छत्तीसगढ़ की ओर खींच रही है। इसी वजह से प्रदेश में बादलों का घना जमाव, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

अगले दो दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। विभाग के अनुसार इस दौरान मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से लोगों को खुले क्षेत्रों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में सोमवार को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिनभर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चल सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शाम के समय मौसम में  बदलाव देखने को मिल सकता है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश गर्मी से राहत देने के साथ-साथ खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।

मौसम विभाग की अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में न रहें, और पेड़ों तथा बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। तेज बारिश और आंधी के दौरान सुरक्षित जगहों पर शरण लेने की सलाह दी गई है, साथ ही मौसम से जुड़े ताज़ा अपडेट पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में यह बदला हुआ मौसम आने वाले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

बस्तर में अमित शाह की बड़ी बैठक, 4 राज्यों के लिए तैयार हुआ सुरक्षा और क्राइम कंट्रोल का फॉर्मूला

जगदलपुर

छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जगदलपुर में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी। 

बैठक में राज्यों के विकास के साथ-साथ गंभीर सामाजिक और सुरक्षा मुद्दों पर कड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में चारों राज्यों में अपराध नियंत्रण, विशेषकर महिलाओं के उत्पीड़न और रेप जैसे मामलों पर जल्द फैसले लेने पर चर्चा की गई।

विकास, समन्वय और सीमावर्ती मुद्दों पर चर्चा
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्यों के बीच आपसी समन्वय, कानून व्यवस्था, सीमा विवाद, परिवहन, बिजली, जल संसाधन और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में संयुक्त रणनीति और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर भी फोकस रहा।

बस्तर को नई पहचान देने की कोशिश
बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक खत्म होने के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजरें टिकी हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए केंद्र सरकार बस्तर को लेकर अपना भविष्य का विजन और बड़ा रोडमैप देश के सामने रखेगी।

इसके जरिए सरकार यह साफ संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बस्तर अब केवल संघर्ष या नक्सलवाद की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में यह अंचल पर्यटन, निवेश, तेज विकास और बड़ी प्रशासनिक गतिविधियों के एक नए और मजबूत केंद्र के रूप में उभरेगा, जिसकी शुरुआत इस सफल बैठक से हो चुकी है।

वर्चुअल हो सकती थी बैठक- दीपक बैज
बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को लेकर PCC चीफ दीपक बैज ने तंज कसा। बैज के मुताबिक एक तरफ प्रधानमंत्री देश से पेट्रोल-डीजल बचाने और वर्क फ्रॉम होम करने का आह्वान करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही गृहमंत्री और मुख्यमंत्री उनकी बातों को हवा में उड़ा रहे हैं।

जब केंद्रीय गृह मंत्रालय और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सचिवालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की हाईटेक सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं, तो इस बैठक को वर्चुअल भी किया जा सकता था।

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्कूल-हॉस्पिटल के आसपास मौजूदगी पर रोक वाले आदेश पर मुहर

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है. Supreme Court of India ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है. अदालत ने स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और अन्य संस्थागत क्षेत्रों से सभी आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश को बरकरार रखा है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि हटाए गए कुत्तों को दोबारा उसी स्थान पर छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। 

मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ (Vikram Nath) की अगुवाई वाली बेंच ने की. सुनवाई के दौरान अदालत ने देशभर में बढ़ती स्ट्रे डॉग्स की समस्या पर गंभीर चिंता जताई और राज्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के अनुपात में आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास नहीं किया गया. अदालत के मुताबिक नसबंदी और वैक्सीनेशन अभियान बिना किसी ठोस और दीर्घकालिक योजना के चलाए गए, जिसके कारण पूरे तंत्र का उद्देश्य प्रभावित हुआ। 

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
आज की सुनवाई में सबसे जरूरी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी बताया कि अनुच्छेद 21 के तहत जिंदगी और आजादी के अधिकार में हर नागरिक का यह अधिकार शामिल है कि वह बिना किसी शारीरिक हमले के लगातार डर या सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों के काटने जैसी जानलेवा घटनाओं के खतरे के आजादी से घूम सके और सार्वजनिक जगहों तक पहुंच बना सके। 

बेंच ने आगे कहा, ‘राज्य मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकता, जहां ह्यूमन लाइफ के लिए ऐसे खतरे, जिन्हें रोका जा सकता है. ऐसी घटनाएं उन वैधानिक तंत्रों के बावजूद बढ़ती जा रही हैं, जिन्हें विशेष रूप से इन खतरों से निपटने के लिए ही बनाया गया है। 

बता दें कि आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 जुलाई को स्वत संज्ञान लिया था.  सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने सभी पक्षों को एक हफ्ते के अंदर अपनी लिखित दलीलें जमा करने का निर्देश भी दिया था और इस मामले में 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिकाकर्ताओं, प्रतिवादियों, भारत सरकार, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI), कुत्तों से प्यार करने वाले लोगों, कुत्तों के काटने से पीड़ित लोगों, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, केंद्र और राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की दलीलें विस्तार से सुनने के बाद, अब मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। 

नवंबर 2025 में क्या हुआ?
पिछले साल कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे सार्वजनिक जगहों जैसे अस्पताल, पार्क, रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें शेल्टर में ले जाएं. कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इन कुत्तों को एक बार नसबंदी हो जाने के बाद वापस उन्हीं इलाकों में नहीं छोड़ा जा सकता, जहां वो मिले थे। 

कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर भी रोक लगा दी थी, सिवाय उन जगहों के जो इसके लिए तय की गई थीं 

अदालत का फैसला आने के बाद डॉग लवर्स और जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एनजीओ ने इस आदेशों को वापस लेने के लिए याचिकाएं दायर कीं. इनमें से कई याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने जनवरी में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

राज्‍य सरकारों पर तीखी टिप्‍पणी
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को आवारा कुत्तों से होने वाली घटनाओं और बढ़ती शिकायतों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अदालत के निर्देशों के बाद अब राज्यों और नगर निकायों पर संस्थागत क्षेत्रों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने और प्रभावी नियंत्रण नीति लागू करने का दबाव बढ़ गया है। 

आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ सेट फोटो वायरल, AI या असली?

बॉलीवुड एक्ट्रेसेस आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि यह फोटो कॉमेडियन समय रैना के मशहूर शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ सीजन 2 के सेट की है, जहां दोनों जज की कुर्सी पर बैठी दिख रही हैं. दरअसल, पिछले महीने ही समय रैना ने अपने स्टैंड-अप स्पेशल ‘स्टिल अलाइव’ के दौरान  इस शो के दूसरे सीजन का ऐलान किया था, जिसके बाद से फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अब दोनों एक्ट्रेस की इस वायरल तस्वीर ने इस खास एपिसोड को लेकर दर्शकों का उत्साह बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है.

जज की कुर्सी पर नजर आईं आलिया और शरवरी
वायरल हो रही इस लीक फोटो में शो के जजों के साथ बॉलीवुड स्टार आलिया भट्ट और शरवरी वाघ दिखाई दे रहे हैं. इस फोटो को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स तुरंत अंदाजा लगाने लगे हैं कि दोनों एक्ट्रेसेस यहां अपनी आने वाली स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘अल्फा’ का प्रमोशन करने पहुंची हैं. हालांकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह तस्वीर असली नहीं है, बल्कि इसे एआई की मदद से तैयार किया गया है. इसके अलावा, तेज नजर रखने वाले फैंस ने शो के लोगो पर लगी हथकड़ी और सेट पर रखी नींबू-मिर्ची को भी पहचान लिया है.

किस वजह से बंद करना पड़ा था पहला सीजन
दरअसल, साल 2025 में इस शो के एक एपिसोड में मशहूर पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया बतौर गेस्ट जज बनकर आए थे. उन्होंने शो के दौरान एक कंटेस्टेंट से बेहद अजीब और अश्लील सवाल पूछ लिया था. इस बयान के बाद पूरे देश में बहुत बड़ा बवाल खड़ा हो गया था. रणवीर अल्लाहबादिया पर अश्लीलता फैलाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी. यह मामला मुंबई पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया था, जिसके बाद रणवीर, अपूर्वा मखीजा और समय रैना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. इसी कानूनी कार्रवाई और हंगामे की वजह से समय रैना को अपने यूट्यूब चैनल से इस शो के सारे एपिसोड डिलीट करने पड़े थे.

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