सर्वमंगला पुल सड़क का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ

रायपुर

सर्वमंगला पुल सड़क का डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ

नगर निगम कोरबा क्षेत्र के सर्वमंगला पुल सड़क का बहुप्रतीक्षित डामरीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन व महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने डामरीकरण कार्य हेतु पूजा अर्चना की, वहीं उद्योग मंत्री  देवांगन ने नारियल तोड़कर कार्य का शुभारंभ कराया तथा कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये कार्य को यथाशीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। 

नगर पालिक निगम केारबा द्वारा जिला खनिज न्यास मद से 82 लाख रूपये की लागत से निगम क्षेत्रांतर्गत सर्वमंगला पुल सड़क एवं एप्रोच सड़क के डामरीकरण चैड़ीकरण व मजबूतीकरण का कार्य कराया जाना हैं, आज प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन व महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने उक्त कार्य का भूमिपूजन किया, उन्होने पूजा अर्चना की तथा उद्योग मंत्री  देवांगन ने नारियल तोड़कर कार्य का शुभारंभ कराया। उन्होने तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये यथाशीघ्र कार्य को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को दिये। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने कहा कि ईरान-इजराईल युद्ध के कारण निर्मित हुई वैश्विक परिस्थितियों व इससे उत्पन्न डामर की कमी के कारण सड़कों के डामरीकरण के कार्य में अवरोध उपस्थित हो रहा है जबकि निगम क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों के डामरीकरण व मजबूतीकरण का कार्य स्वीकृत हैं, निविदा आदि की प्रक्रिया कर ली गई है, किन्तु डामर की कमी के चलते कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं जबकि प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं,  उन्होने कहा कि काफी प्रयासों के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी से आग्रह कर सर्वमंगला पुल सड़क के डामरीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया है, इस कार्य के पूरा हो जाने के पश्चात इस मार्ग पर आवागमन अधिक  सुविधाजनक हो जायेगा तथा उडने वाली धूल से राहत मिलेगी, उद्योग मंत्री  देवांगन ने कहा कि कोरबा की अन्य सड़कों का डामरीकरण कार्य भी प्रारंभ हो, इस हेतु लगातार मेरे द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं, वहीं कलेक्टर  कुणाल दुदावत व निगम आयुक्त  आशुतोष पाण्डेय द्वारा प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार प्रयास जारी हैं।   

इस अवसर पार्षद चन्द्रलोक सिंह, ईश्वर पटेल, रामाधर पटेल, माधव जायसवाल, पूर्व पार्षद दीपा राठौर, मण्डल अध्यक्ष मनीष मिश्रा, केारबा मण्डल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, रामशंकर साहू, हीरू जायसवाल, उत्तम जायसवाल, सुकेश दलाल, मनोज राठौर, अमित सिंह, वैभव शर्मा, जोन कमिश्नर सुनील टाण्डेय, सहयक अभियंता पीयूष सिंह राजपूत, उपअभियंता विनोद गोंड़, अंजय पाण्डेय, दीपक यादव, मनोज सिंह राजपूत, अनिल यादव आदि के साथ अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।

सुशासन तिहार: शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे गांव तक: विधायक मोहले

रायपुर

शासन की योजनाओं का लाभ अब सीधे गांव तक: विधायक  मोहले

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जनसमस्याओं के निराकरण और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड मुंगेली के ग्राम ठकुरीकापा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और विभिन्न विभागों के माध्यम से अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की सामग्री का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक  पुन्नूलाल मोहले शामिल हुए। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष  कांत पांडेय, जनपद अध्यक्ष  रामकमल सिंह परिहार, नगर पँचायत बरेला के अध्यक्ष  नरेश पाटले, अतिरिक्त कलेक्टर मती निष्ठा पांडेय तिवारी, जनपद पंचायत सदस्य  पवन पांडेय तथा मुंगेली एसडीएम अजय शतरंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।        

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक  मोहले ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचे और लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो। उन्होंने कहा कि जमीन सीमांकन, विद्युत पोल, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, श्रम एवं कृषि विभाग सहित सभी विभागों के अधिकारी गांव के लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री की सुशासन की परिकल्पना को धरातल पर उतारते हुए योजनाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण में जिला प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहा है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। विधायक मोहले ने ग्रामीणों से 10 जून तक इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में मुंगेली को अव्वल दर्जा दिलाने के लिए प्रशासन और जनता दोनों की सहभागिता आवश्यक है।  

जिला पंचायत अध्यक्ष कांत पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य कर रही है। पहले लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब गांव में ही शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को भी मंच के माध्यम से अधिकारियों के समक्ष रखा और उनके त्वरित निराकरण की बात कही। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष मुंगेली ने भी आमजनों को योजनाओं का लाभ उठाने प्रेरित किया        

एडीएम ने बताया कि सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में कुल 24 शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंगेली जनपद क्षेत्र में पांच शिविर प्रस्तावित हैं, जिनमें यह चौथा शिविर था। इस शिविर में लगभग 300 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवेदनों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। 

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। शिविर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 20 हितग्राहियों को चेक व प्रमाण पत्र, 20 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 20 हितग्राहियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र, 05 हितग्राहियों को नवीन राशनकार्ड, 20 हितग्राहियों को नानी सुरक्षा प्रमाण पत्र, 04 हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं नाव जाल, 10 किसानों को अरहर मिनी किट, 18 किसानों को केसीसी का चेक, 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 18 हितग्राहियों को श्रम कार्ड, 05 को फलदार पौधा और 05 विद्यार्थियों को गणवेश वितरण कर लाभान्वित किया गया।

छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर-  अग्रवाल

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री तथा अंबिकापुर विधायक  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम लक्ष्मणगढ़, शंकरपुर, कुमदेवा एवं सायर में विभिन्न मंदिरों के जीर्णाेद्धार कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ संपन्न हुए इन कार्यक्रमों के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा गया।

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर-  अग्रवाल

संस्कृति और सामाजिक एकता के केंद्र हैं मंदिर
          
ग्राम लक्ष्मणगढ़ में सुआहारिन मंदिर, ग्राम शंकरपुर एवं कुमदेवा में शिव मंदिर तथा ग्राम सायर में मंदिर जीर्णाेद्धार कार्यों के शुभारंभ अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मंदिर हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे धार्मिक कार्य समाज में श्रद्धा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करने का काम करते हैं।

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर-  अग्रवाल

धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
        
मंत्री  अग्रवाल ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक विरासत को सहेजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंदिरों के जीर्णाेद्धार और विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनता है।

धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर-  अग्रवाल

सुख-समृद्धि की मंगलकामना
        
कार्यक्रम के अंत में धर्मस्व मंत्री ने भगवान भोलेनाथ और क्षेत्र की आराध्य शक्तियों की पूजा कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने क्षेत्र की निरंतर उन्नति के लिए ईश्वर से आशीर्वाद भी मांगा। विभिन्न गांवों में आयोजित इन कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह था। ग्रामीणों ने मंदिर जीर्णाेद्धार के इस ऐतिहासिक कार्य के लिए राज्य सरकार और मंत्री  राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।

पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन

रायपुर

पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया।

अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा

मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा।

तकनीकी क्षमता का उठाएं पूरा लाभ

बिलासपुर रेंज के आईजी  रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैन

मुंगेली एसएसपी  भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी।

आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सु ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री की बचत अपील का दिखा असर

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी  रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की।
कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर मती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सु नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक  हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष  राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता  रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में भिलाई में मारुति शोरूम के CEO की सरेआम पिटाई

भिलाई

भिलाई में मारुति सुजुकी शोरूम के सीईओ पर महिला कर्मचारी ने स्याही फेंक दी। छेड़छाड़ से परेशान महिला कर्मचारी ने पुलिस के सामने सीईओ को थप्पड़ जड़ दिया और लात भी मारी। मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह समझाकर महिला को शांत कराया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहा है। घटना भिलाई चौहान ऑटोमोबाइल मारुति सुजुकी शोरूम की है।

मिली जानकारी के अनुसार शोरूम में कार्यरत महिला ने शोरूम के सीईओ के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया है। महिला का आरोप है कि सीईओ अंकित आनंद उसे अश्लील मैसेज भेजते थे और गलत तरीके से बात करते थे।

महिला का गुस्सा फूट पड़ा

मामले की जांच के दौरान जब पुलिस अधिकारी अंकित आनंद को लेकर शोरूम पहुंचे, तभी महिला का गुस्सा फूट पड़ा। जैसे ही सीईओ ऑफिस के अंदर पहुंचे, सामने से आई महिला कर्मचारी ने उनके चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंक दी।

स्याही फेंकने के तुरंत बाद महिला सीधे सीईओ के सामने पहुंची और उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद उसने लात भी चलाई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी बीच-बचाव की कोशिश करते रहे, लेकिन महिला काफी गुस्से में थी।

इस दौरान वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, जिसकी वजह से पुलिस सिर्फ समझाइश देती नजर आई। मामले में भिलाई नगर पुलिस ने आरोपित अंकित आनंद के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों का क्या कहना

महिला की शिकायत पर मारुति सुजुकी शोरूम भिलाई के सीईओ अंकित आनंद के खिलाफ छेड़छाड़ का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित पर महिला ने अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया है। सत्यप्रकाश तिवारी, सीएसपी भिलाई नगर

जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों से वनांचल में सुशासन- पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ

रायपुर

 सबसे दूर सबसे पहलेष् एक प्रमुख प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सबसे दुर्गम, सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों (विशेष रूप से जनजातीय और आदिवासी बहुल गांवों) तक सरकारी सुविधाओं और विकास योजनाओं को सबसे पहले पहुँचाना है। दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड राजपुर के ग्राम पतरापारा और विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम बराहनगर में विशेष शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल की।

पतरापारा शिविर-विशेष पिछड़ी जनजातियों को चौपाल पर राहत
          
जनपद पंचायत सीईओ श्री संजय दुबे के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पतरापारा में आयोजित शिविर में पतरापारा सहित डिगनगर, अमदरी, चंद्रगढ़ एवं करजी से बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार पहुंचे। शिविर की मुख्य उपलब्धियां रहीं स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा 71 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए मौके पर ही 21 पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में 11 स्थानीय किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर डिजिटल पंजीयन किया गया।

बराहनगर शिविर- राजस्व और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सीधा लाभ
         
रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम बराहनगर में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय के नेतृत्व में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय सेवाओं से सीधा लाभान्वित किया गया। राजस्व एवं नागरिक सेवाएं के तहत राजस्व विभाग द्वारा मौके पर ही 6 जाति, 6 आय और 6 निवास प्रमाण पत्रों सहित कुल 27 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य एवं श्रम विभाग के द्वारा खाद्य विभाग द्वारा 37 पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए तथा श्रम विभाग के अंतर्गत 10 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।
            
पशुधन एवं कृषि कल्याण विभाग द्वारा पशुधन विकास विभाग द्वारा 68 पशुपालकों को निःशुल्क पशु दवाओं का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने पीएम किसान सम्मान निधि के 6 लंबित प्रकरणों का सुधार किया, 2 किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन किया तथा 1 मृदा परीक्षण सैंपल लिया।  शिविर में 157 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 2 नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के तहत 2 हितग्राहियों को पेंशन तथा 1 हितग्राही को परिवार सहायता योजना की राशि स्वीकृत की गई।

दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित- जिला प्रशासन
        
गौरतलब है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में इन शिविरों का संपादन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य फोकस पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से जिले के अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित हो सकी है।

मुरैना के डायल-112 हीरोज ट्रक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 02 व्यक्तियों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

मुरैना जिले के थाना कैलारस क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से ट्रक के अनियंत्रित होकर पलटने से घायल दो व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

23 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कैलारस क्षेत्र अंतर्गत निरार शीतलापुरी के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया है, जिसमें 02 व्यक्ति घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कैलारस थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  विजय पाल गुर्जर एवं पायलट  मनोज धाकड़ ने पाया कि ट्रक अनियंत्रित होकर पलट जाने से दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

डायल-112 जवानों ने सभी घायलों को तत्काल एफआरव्ही वाहन की सहायता से शासकीय अस्पताल, कैलारस पहुँचाया।

डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

 

प्रदेश व्यापी ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना 2026-27 हुई ऑनलाइन गिद्ध गणना में लगभग 10 हजार 742 गिद्ध पाये गये

भोपाल 

प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना-2026-27 के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन गणना 22 मई से 24 मई 2026 तक सूर्योदय से प्रातः 9 बजे तक प्रदेश के सभी 16 वृत्त, 9 टाईगर रिजर्व, वन विकास निगम के क्षेत्रों एवं अन्य संरक्षित क्षेत्रों में गिद्ध गणना का कार्य वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के अतिरिक्त स्वयंसेवकों के सहयोग से गिद्ध गणना ऑनलाइन ऐप के माध्यम से किया गया है, जिससे आंकड़ों का संकलन शीघ्र हो पाया है। मध्यप्रदेश में प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना की शुरूआत वर्ष 2016 से की गई थी, जिसमें 7,028 गिद्धों का आंकलन किया गया था। विगत वर्ष 2025 में शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना की गई थी। इस वर्ष 2026 में भी शीतकालीन गणना की गई है।

इस वर्ष ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना ऐप के माध्यम से ऑनलाइन की गई। गणना का कार्य विभिन्न वनमंडलों एवं टाईगर रिजर्व/राष्ट्रीय उद्यानों में सभी स्थानों पर कार्य किया गया। गिद्ध गणना में लगभग 10 हजार 742 गिद्ध पाये गये, जिसमें 9394 वयस्क एवं 1348 किशोर गिद्ध पाये गये। इस वर्ष 10 हजार 742 गिद्ध की संख्या पिछले वर्ष की गिद्ध संख्या 9509 से लगभग 1200 संख्या में ज्यादा है, जो कि बेहतर संरक्षण को इंगित करती है।

गिद्धों की गणना के लिये ‘ऑनलाइन ऐप’ तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से गिद्धों की गणना की गई। ‘ऐप’ के माध्यम से गणना किये जाने पर आंकड़ों के संकलन एवं रिपोर्ट तुरंत लाइव प्राप्त होने से कार्य क्षमता में वृद्धि हुई है। ऐप के माध्यम से गणना किये जाने के लिये मास्टर ट्रेनर्स, अशासकीय संस्थाओं एवं अधिकारियों/कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया था।

गिद्धों की गणना के लिये गणनाकर्मी एवं स्वयंसेवक आदि सुबह सूर्योदय के तत्काल बाद प्रथम चरण में चयनित गिद्धों के घोंसलों के समीप पहुंच जाते थे। उन्होंने घोंसलों के आसपास बैठे गिद्धों एवं उनके नवजातों की गणना कर ऐप में उसकी जानकारी दर्ज की। गणना में केवल आवास/विश्राम स्थलों पर बैठे हुए गिद्धों को ही गणना में लिया गया। उड़ते हुए गिद्धों को गणना में नहीं लिया गया। इस वर्ष वन विभाग के कर्मचारियों के साथ पूरे प्रदेश के विभिन्न स्थानों में पक्षी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, छात्र एवं स्थानीय नागरिकों ने इस गणना में भाग लिया। कंट्रोल रूम वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में बनाया जाकर गणना के बाद डाटा संकलन का कार्य किया जा रहा है।

 

गंगा दशहरा जल के प्रति कृतज्ञता का पर्व- डॉ. मोहन यादव

भोपाल

भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में नदियों को मात्र जल स्रोत नहीं, बल्कि देवी के रूप में पूजा जाता है। इनमें गंगा का स्थान सर्वोपरि है। गंगा दशहरा या गंगावतरण ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है। इस दिन को गंगा दशहरा, गंगा दशमी या दशहरा के नाम से जाना जाता है। यह पर्व गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है। दरअसल, गंगा दशहरा जल के प्रति कृतज्ञता का पर्व है.

गंगा यानी पवित्र-साफ जल के इसी महत्व को समझते हुए यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने जल संरक्षण को एक राष्ट्रीय जन आंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने जल को विकास का प्रमुख पैरामीटर बनाते हुए हर घर जल और जल है तो कल है के संकल्प को साकार किया। उनके नेतृत्व में जल शक्ति मंत्रालय का गठन, जल जीवन मिशन, नमामी गंगे, अमृत सरोवर मिशन और जल शक्ति अभियान जैसी ऐतिहासिक पहल हुईं, जिन्होंने देश की जल सुरक्षा को नई दिशा दी है।

अमृत सरोवर योजना ने जल संरक्षण को नया आयाम दिया। प्रत्येक जिले में 75 जलाशयों के निर्माण या पुनरुद्धार का लक्ष्य रखा गया। अब तक 70 हजार से अधिक अमृत सरोवर तैयार हो चुके हैं। इनसे वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज और सिंचाई सुविधा बढ़ी है। यह मिशन आजादी का अमृत महोत्सव का हिस्सा है और सामुदायिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। नमामी गंगे परियोजना, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नदी फ्रंट विकास और जैव विविधता संरक्षण के कार्य भी हो रहे हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाके तहत प्रति बूंद अधिक फसल का मंत्र दिया गया, जिसमें ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा मिला। कैच द रेन अभियान ने वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाया। प्रधानमंत्री ने बार-बार कहा कि पानी बचाना स्वच्छ भारत मिशन की तरह सामूहिक दायित्व है। उनके मार्गदर्शन में लाखों जल संरचनाएं बनीं, चेकडैम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार हुआ।

इन प्रयासों का परिणाम साफ दिखता है। भूजल रिचार्ज बढ़ा है, ओवर-एक्सप्लॉइटेड इकाइयों की संख्या घटी है और कई जिलों में जल संकट कम हुआ है। प्रधानमंत्री  मोदी का विजन केवल बुनियादी ढांचा निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि जल संरक्षण को संस्कृति और आदत बनाने का है। वे बच्चों को वाटर वॉरियर्स बनाने और समाज को जिम्मेदार बनाने पर जोर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण भारत की विकास यात्रा का अभिन्न अंग बन गया है। ये प्रयास न केवल वर्तमान की जरूरतें पूरी कर रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल-समृद्ध भारत का आधार तैयार कर रहे हैं। जल संरक्षण अब मात्र नीति नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का हिस्सा बन चुका है।

मध्यप्रदेश भी, जिसे प्राकृतिक जल संसाधनों से समृद्ध माना जाता है, जल संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल कर रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान एक राज्य स्तरीय जन आंदोलन है। वर्ष 2025 में यह अभियान 19 मार्च से 30 जून तक चलाया गया। चालू वर्ष-2026 में भी यह अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन करना है, ताकि प्रदेश जल संकट से मुक्त हो सके।अभियान के तहत नदियों, तालाबों, कुओं, बावड़ियों, चेकडैम और अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, गहरीकरण, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। नए जल स्रोतों का निर्माण, वर्षा जल संचयन, भूजल रिचार्ज और पुरानी जल संरचनाओं का पुनरुद्धार अभियान के प्रमुख स्तंभ हैं। प्रदेश में 10 हजार से अधिक चेकडैम और स्टॉपडैम के संधारण, हजारों तालाबों के गहरीकरण, नई जल संरचनाओं का निर्माण और लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत से बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। यहां की अर्थव्यवस्था और किसानों की समृद्धि जल पर निर्भर है। बढ़ती जनसंख्या, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और जल प्रदूषण ने जल संकट को गहरा दिया है। इस अभियान का महत्व इन्हीं चुनौतियों के समाधान में निहित है।

अभियान से वर्षा जल का अधिकतम संचयन होता है, जिससे सिंचाई सुविधा बढ़ती है। भूजल स्तर में वृद्धि से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में भी फसल उत्पादन संभव होता है। खेत तालाबों, रिज-टू-वैली मॉडल और जल संरक्षण संरचनाओं से किसानों की आय बढ़ रही है।

मध्यप्रदेश में प्राचीन बावड़ियां, तालाब और जल संरचनाएं सांस्कृतिक धरोहर हैं। उनका जीर्णोद्धार सांस्कृतिक गौरव बढ़ाता है और पर्यटन को बढ़ावा देता है।अभियान जनभागीदारी पर आधारित है। पानी चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को कम पानी वाली फसलें, ड्रिप सिंचाई और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इससे जल संरक्षण की संस्कृति विकसित हो रही है। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से सामुदायिक जिम्मेदारी बढ़ रही है।

इस अभियान से मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। अमृत सरोवरों के जल क्षेत्र में भारी वृद्धि, नदियों का पुनःप्रवाह और लाखों जल संरचनाओं का निर्माण राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

यह अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प है।यशस्वी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में सफल हो रहा है।यह मध्यप्रदेश के भविष्य की नींव है। यह हमें सिखाता है कि जल ही जीवन है और उसकी रक्षा हमारा दायित्व है। यदि हम आज जल स्रोतों का संरक्षण करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियां समृद्ध जल संसाधनों का उपयोग कर सकेंगी। प्रदेशवासियों को इस अभियान से जुड़कर जल संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। स्वच्छ, समृद्ध और जल-सम्पन्न मध्यप्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इसमें अपना योगदान देगा।

 

भिण्ड पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी

भोपाल 

​भिण्ड जिले के थाना गोहद चौराहा क्षेत्र में मध्यप्रदेश पुलिस का मानवीय, साहसिक एवं संवेदनशील चेहरा उस समय देखने को मिला, जब एक व्यक्ति शराब के नशे की हालत में भिण्ड रोड किनारे लगे एयरटेल टॉवर पर चढ़ गया। सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सूझबूझ, धैर्य और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्यवाही करते हुए व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतारकर एक बड़ी अनहोनी टाल दी।

23 मई को थाना गोहद चौराहा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गोहद चौराहा रामनरेश यादव पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे तथा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। एसडीओपी गोहद श्री महेन्द्र गौतम ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पूरे रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली। व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु थाना प्रभारी गोहद सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम के माध्यम से एसडीआरएफ टीम एवं नगर पालिका गोहद की फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस द्वारा टॉवर पर चढ़े व्यक्ति से लगातार मोबाइल फोन एवं शासकीय वाहनों में लगे पी.ए. सिस्टम के माध्यम से संवाद स्थापित किया गया। साथ ही उसके पिता, पत्नी एवं बच्चों से भी बात कराकर उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाइश दी गई।

हालांकि व्यक्ति शराब के नशे में होने के कारण किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं था। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कर्मचारी, एसडीआरएफ टीम एवं स्थानीय साहसी युवकों की मदद से योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस दौरान एसडीआरएफ टीम द्वारा सुरक्षा जाल लगाया गया, वहीं आरक्षक 621 श्री परशुराम रावत ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना टॉवर पर चढ़कर उक्त व्यक्ति को सुरक्षित अपने कंधे पर बैठाया और रस्सियों के सहारे नीचे उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की तत्परता एवं साहसिक कार्यवाही के चलते व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस द्वारा व्यक्ति का मेडिकल परीक्षण कराकर सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस लगातार कानून व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं एवं जनसुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए हर परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर है।

 

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