अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प

भोपाल 

रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित करने हेतु संचालित “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल स्थित अशोकनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य डीआरएम  पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में तेजी से प्रगति पर है। लगभग 24.10 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करने के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।

अशोकनगर स्टेशन एनएसजी-5 श्रेणी का महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया (परिसंचरण क्षेत्र) में सुधार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा चुका है। साथ ही बीना छोर पर प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 का चौड़ीकरण भी किया गया है।

यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 पर कवर ओवर शेड की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 की सतह में सुधार कार्य भी किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। स्टेशन भवन के अग्रभाग, शौचालयों में सुधार, आंतरिक भाग एवं प्रतीक्षालयों का आधुनिकीकरण किया गया है। 

इसके साथ ही द्वितीय प्रवेश द्वार के विकास का कार्य एवं यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य दूसरे फेज में किया जा रहा है, जिससे प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होगा। इस कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।  

भोपाल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर स्टेशन का पुनर्विकास पूर्ण होने के बाद यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं एवं बेहतर अधोसंरचना का नया उदाहरण बनेगा।

जन सम्पर्क अधिकारी
पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

विद्युत आपूर्ति में लापरवाही पर 2 इंजीनियरों को नोटिस

इंदौर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार रात इंदौर शहर के बिजली सब स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधे बात की, बिजली आपूर्ति के संबंध में प्रथम दृष्टया स्थानीय इंजीनियरों की लापरवाही पाए जाने पर 2 के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री सिंह ने इंदौर के ओल्ड पलासिया पहुंचकर बिजली उपभोक्ताओं से संवाद किया। कुछ उपभोक्ताओं ने बार-बार बिजली जाने की शिकायत की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता आरसी जैन को ओल्ड पलासिया, मनोरमागंज क्षेत्र के बिजली इंजीनियरों सत्यप्रकाश जायसवाल और कमलेश टाले को नोटिस देने के निर्देश दिए। मंत्री तोमर ने निर्देश दिए हैं कि मेंटेनेंस गुणवत्ता से हो ताकि बिजली बार-बार न जाए, मेंटेनेंस की सूचना स्थानीय रहवासियों को दी जाए। बिजली आपूर्ति के संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर 2 इंजीनियरों को मंगलवार दोपहर नोटिस जारी कर दिए गए। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिहं चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कार्य एसएल करवाड़िया, शहर अधीक्षण अभियंता डीके गाठे आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

 

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा ट्रांसमिशन लॉसेस का लक्ष्य 2.75 प्रतिशत निर्धारित किया गया था, जबकि एमपी ट्रांसको ने इसे 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखकर बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि एमपी ट्रांसको को देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ में शामिल करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बढ़ती विद्युत मांग, सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड में एकीकरण तथा लगातार विस्तारित हो रहे ट्रांसमिशन नेटवर्क जैसी चुनौतियों के बावजूद ट्रांसमिशन लॉसेस को पिछले वर्ष के स्तर 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको सहित प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है । उन्होंने कहा कि सभी विद्युत कंपनियों के समन्वित प्रयास, बेहतर तकनीकी प्रबंधन एवं टीम वर्क के कारण ही मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का ट्रांसमिशन लॉसेस 2.60 प्रतिशत था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता, तकनीकी क्षमता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग के दौरान भी यह उपलब्धि हासिल होना अत्यंत गौरव का विषय है।

 

ममता सरकार में साइडलाइन रहीं दमयंती सेन की वापसी, शुभेंदु सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी

कलकत्ता

सीनियर आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन की पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था में वापसी हो गई है. उन्होंने साल 2012 के पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस की जांच से खूब सुर्खियां बटोरी थीं. लेकिन तत्कालीन TMC सरकार में नो हाशिए पर धकेल दी गई थीं। 

दमयंती सेन को शुभेंदु सरकार ने एक विशेष आयोग में नियुक्त किया है. ये आयोग महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच के लिए बनाया है.  श्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद इस नियुक्ति का ऐलान किया। 

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आईपीएस दमयंती सेन को उस जांच आयोग का ‘मेंबर सेक्रेटरी’ नियुक्त किया गया है, जो टीएमसी के 15 साल के शासनकाल के दौरान महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हुए अत्याचारों की जांच करेगा. ये आयोग अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं और बच्चों के साथ हुए अपराधों की जांच करेगा। 

कौन हैं आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन?
बता दें कि साल 1996 बैच की आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन कोलकाता पुलिस की पहली महिला ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम) थीं. 6 फरवरी 2012 को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में एक नाइट क्लब से निकली महिला के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार हुआ था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को उनकी नई सरकार को बदनाम करने के लिए रचा गया एक ‘सजायनो घटना’ (मनगढ़ंत कहानी) करार दिया था। 

सच का साथ देने पर हुआ था तबादला
दमयंती सेन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच की और कुछ ही दिनों में आरोपियों को दबोच लिया. पुलिस जांच ने साबित कर दिया कि बलात्कार की घटना सच थी, जो सरकार के राजनीतिक दावों के बिल्कुल उलट था. केस सुलझने के तुरंत बाद ही दमयंती सेन का तबादला लालबाजार क्राइम ब्रांच से बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज कर दिया गया था। 

सरकार ने इसे रूटीन ट्रांसफर बताया था, लेकिन विपक्ष और आलोचकों का मानना था कि सरकार के रुख के खिलाफ जाकर सच सामने लाने की वजह से उन्हें सजा दी गई. इसके बाद टीएमसी के पूरे कार्यकाल में उन्हें किसी बड़े की जिम्मेदारी नहीं दी गई। 

हाईकोर्ट ने जताया था भरोसा
प्रशासनिक हलकों में दमयंती सेन की
ईमानदारी हमेशा चर्चा में रही. साल 2022 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने न्यायपालिका का भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य के चार बलात्कार मामलों और चर्चित रसिका जैन मौत मामले की जांच सौंपी थी. इसके बाद 2023 में उन्हें एडीजी (ट्रेनिंग) बनाया गया था। 

पुतिन का फिर भारत दौरा तय, सितंबर में BRICS सम्मेलन में होंगे शामिल

 नई दिल्ली

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर को आयोजित होगा। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि कर दी है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पिछले साल दिसंबर में 23वें भारत-रूस एनुअल समिट में हिस्सा लेने के लिए यहां आए थे। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत में थे। ब्रिक्स नेताओं की बैठक पिछले साल जुलाई में ब्राजील के रियो डि जनेरियो में हुई थी। यह ब्रिक्स का 17वां शिखर सम्मेलन था, जिसका विषय था-‘अधिक समावेशी और सतत शासन के लिए वैश्विक दक्षिण सहयोग को सशक्त बनाना।’

भारत के लिए रूस अहम क्यों
भारत का रूस संबंध विदेश नीति के लिए काफी अहम है। खासतौर पर पिछले कई दशकों से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और ऊर्जा संबंध काफी करीबी रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ अरसे में भारत, अमेरिका के नजदीक आया है। इसके बावजूद, भारत अभी भी रूस को अपनी दीर्घकालीन रणनीतिक हितों की सुरक्षा में अहम सहयोगी मानता है।

भारत के लिए रूस इसलिए भी अहम है क्योंकि, देश के डिफेंस स्ट्रक्चर में यह एक बड़ी भूमिका निभाता है। भारतीय सशस्त्र बलों के सैन्य हार्डवेयर का एक बड़ा हिस्सा रूसी मूल का है। इसमें एस-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम, सुखोई लड़ाकू विमान और संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस मिसाइल शामिल हैं। दशकों में, मॉस्को भारत का सबसे भरोसेमंद सप्लायर बनकर उभरा है जो उन्नत सैन्य उपकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रणनीतिक रक्षा सहयोग प्रदान करता है।

तेल संकट में भी बड़ा मददगार
एक जो सबसे अहम बात है, वह यह है कि मौजूदा हालात को देखते हुए रूस भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है। यूक्रेन संघर्ष के बाद मॉस्को पर पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते, भारत ने रियायती रूसी कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ा दिया। इस कदम ने नई दिल्ली को वैश्विक ऊर्जा मूल्य झटकों से बचाने, घरेलू ईंधन की कीमतों को स्थिर करने और आर्थिक अनिश्चितता के समय मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद की।

चीन के खिलाफ भी आएगा काम
रक्षा और ऊर्जा के अलावा, इस संबंध का जियो-पॉलिटिकल महत्व भी काफी है। रूस के साथ भारत की घनिष्ठ भागीदारी तेजी से ध्रुवीकृत हो रहे वैश्विक क्रम में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। मॉस्को के साथ मजबूत संबंध बनाए रखकर, नई दिल्ली यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि रूस की चीन के साथ बढ़ती साझेदारी सीधे भारतीय हितों के खिलाफ एक गठबंधन में न बदल जाए। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई संवेदनशील मुद्दों पर लगातार भारत का समर्थन भी किया है, जिससे नई दिल्ली को वीटो रखने वाली वैश्विक शक्ति का समर्थन मिलता है।

ब्रिक्स क्या है
ब्रिक्स एक प्रभावशाली
संगठन है, जिसे मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर बनाया था। इसका मकसद पश्चिमी देशों के पारंपरिक भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभुत्व को चुनौती देना था। यह संगठन विश्व की जनसंख्या और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का एक विशाल हिस्सा प्रतिनिधित्व करता है। इसका ध्यान अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में सुधार करने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है।

रायपुर में SDM कोर्ट सख्त, गबन और आदेश की अनदेखी पर 11 पूर्व सरपंच जाएंगे जेल

अभनपुर/रायपुर.

रायपुर के अभनपुर विकासखंड के 11 पंचायतों के पूर्व सरपंचों को न्यायालय एसडीएम अभनपुर की ओर से 30 दिनों के लिए जेल भेजने का आदेश जारी किया गया है, जिससे हड़कंप मच गया है। यह आदेश उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय राशि का गबन और उस राशि को राजकोष में जमा करने के आदेश का उल्लंघन करने पर जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला
30 दिनों का जेल भेजने का आदेश जारी किए जाने के पहले उन सभी पूर्व सरपंचों को न्यायालय एसडीएम अभनपुर की ओर से मांग नोटिस जारी करने के साथ ही उनकी चल/अचल संपति जब्त करने की कार्रवाई भी गई थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित राशि चुकाने के लिए पर्याप्त साधन होने के बाद भी संबंधित पूर्व सरपंचों द्वारा गबन की गई शासकीय राशि जमा करने में हीलाहवाली किया जा रहा था।

नोटिस का नहीं दिया जवाब
इतना ही नहीं एसडीएम न्यायालय द्वारा सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें उनके कृत्य के लिए क्यों न जेल भेजा जाए ? भी पूछा गया था, लेकिन किसी भी पूर्व सरपंच ने नोटिस का संतोषजनक और वैधानिक उत्तर नहीं दिया। आखिरकार 18 मई को एसडीएम न्यायालय द्वारा सभी को 30 दिन या फिर जब तक वे संबंधित राशि जमा नहीं कर देते हैं, तब तक सिविल जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। आदेश की तामिली करते हुए संबंधित पूर्व सरपंचों को जेल भेजने का पत्र संबंधित थाना प्रभारी को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी इसका पत्र भेजा गया है ।

इन पूर्व सरपंचों के खिलाफ जारी किया गया आदेश
जिन पूर्व सरपंचों के विरुद्ध इस आशय का आदेश जारी किया गया है उनमें सेवाराम यादव (पूर्व सरपंच घोंठ ) 1 लाख 96 हजार रुपए, गोपाल ध्रुव (पूर्व सरपंच कुर्रु) 80 हजार रुपए, गोपेश ध्रुव (पूर्व सरपंच आलेखुंटा) 50 हजार रुपए, तुलसीराम बारले (पूर्व सरपंच खोला) 20 हजार 927 रूपए, रामेश्वर प्रसाद डहरिया (पूर्व सरपंच परसुलीडीह) 5 लाख 90 हजार 387 रुपए, थनवार बारले (पूर्व सरपंच पचेड़ा) 3 लाख 80 हजार रुपए, सावित्री यादव (पूर्व सरपंच गोतियारडीह) 2 लाख 47 हजार 34 रुपए, धर्मेंद्र यदु (पूर्व सरपंच चंपारण) 30 हजार 700 रुपए, राधेश्याम लहरी (पूर्व सरपंच घुसेरा) 80 हजार रुपए, तुकाराम कारले (पूर्व सरपंच भोथीडीह) 2 लाख रुपए और सेवेंद्र तारक (पूर्व सरपंच तोरला) 1 लाख 56 हजार 915 रुपए शामिल हैं। एसडीएम अभनपुर ने बताया कि अगर संबंधित पूर्व सरपंच राशि जमा कर देते हैं तो उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा ।

‘मैं वापस आऊंगा’ ट्रेलर रिलीज: इम्तियाज अली की नई इमोशनल प्रेम कहानी

मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली अपनी फिल्मों में प्यार और भावनाओं को एक अनोखे अंदाज में दिखाने के लिए जाने जाते हैं. अब वह दर्शकों के लिए एक इमोशनल कहानी लेकर आ रहे हैं. उनकी आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज कर दिया गया है. इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी जैसे बेहतरीन कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे, जो इंसानी रिश्तों की गहराई को स्क्रीन पर उतारेंगे.

देश के बंटवारे और 78 साल पुराने इंतजार की दास्तान
इस फिल्म का ट्रेलर प्यार, लंबे इंतजार और अपनेपन की एक खूबसूरत दुनिया की झलक दिखाता है. फिल्म के बारे में बात करते हुए डायरेक्टर इम्तियाज अली ने बताया कि ‘मैं वापस आऊंगा’ प्यार और इंतजार की एक ऐसी निजी कहानी है, जो देश के बंटवारे के 78 साल बाद भी किसी के दिल में बसी रही उन सैकड़ों कहानियों की गूंज भी है, जिन्हें मैंने उस पीढ़ी से सुना है जिसने अपनी आंखों से पार्टिशन देखा था. यह फिल्म आज के नजरिए से उस दौर और उस पीढ़ी की धड़कनों को महसूस करने की कोशिश करती है. इस कहानी पर काम करना और इसे फिल्म के रूप में दर्शकों तक पहुंचाना मेरे लिए गर्व और खुशी की बात है.

इम्तियाज, ए.आर. रहमान और इरशाद कामिल की तिकड़ी फिर साथ
फिल्म की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक बार फिर भारतीय सिनेमा की सबसे कामयाब तिकड़ी साथ आई है. डायरेक्टर इम्तियाज अली, संगीतकार ए. आर. रहमान और गीतकार इरशाद कामिल ने मिलकर इस फिल्म के लिए बेहतरीन गाने तैयार किए हैं. मेकर्स के मुताबिक, फिल्म के टीजर और गानों को पहले ही दर्शकों का भरपूर प्यार मिल चुका है, और अब ट्रेलर को लेकर भी फैंस के बीच काफी उत्सुकता है.

इस दिन रिलीज होगी फिल्म
अप्लॉज एंटरटेनमेंट के मूवी बिजनेस हेड सुनील चैनानी ने खुशी जताते हुए कहा कि वे इस बेहतरीन टीम के साथ काम करके बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह फिल्म स्क्रीन पर दर्शकों को एक बेहद इमोशनल और यादगार अनुभव देगी. बिरला स्टूडियोज, अप्लॉज एंटरटेनमेंट और विंडो सीट फिल्म्स द्वारा बनाई गई यह फिल्म 12 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है.

छत्तीसगढ़ के जंगल में दिखा दुर्लभ सफेद एल्बिनो भालू, वन विभाग हुआ सतर्क

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही.

छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक ओर जहां दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू को देखकर ग्रामीण हैरान है, तो वहीं दूसरी ओर इस भालू के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। वही वन विभाग भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर है।

दरअसल, मरवाही वनमंडल के आमादांड गांव के जंगलों में दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू देखने को मिला है। काले भालुओं के बीच दिखे सफेद भालू ने सबको हैरान कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इसके हमले ने इलाके के लोगों को डर को साए में जीने को मजबूर कर दिया है।

सफेद भालू ने ड्राइवर पर किया हमला
बताया जा रहा है कि सफेद भालू ने स्थानीय निवासी लल्लू ड्राइवर पर अचानक हमला कर दिया। भालू के इस जानलेवा हमले में लल्लू ड्राइवर के हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।

रंग दोष के कारण सफेद हो जाता है रंग
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि भालू के शरीर में जीन परिवर्तन यानी रंग में दोष परिवर्तन के कारण इनका रंग काले की जगह पूरी तरह सफेद हो जाता है, जिसे विज्ञान की भाषा में एल्बिनो कहा जाता है। वहीं वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

रीवा कलेक्टर का अनोखा दौरा, 42 अफसरों संग नॉन-एसी बस से गांव पहुंचे; टिकुरी में लगाई चौपाल

रीवा 
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव में ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान उन्होंने 42 विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर सूर्यवंशी नॉन एसी बस से कलेक्ट्रेट से टिकुरी पहुंचे। ग्राम पंचायत प्रांगण में आयोजित चौपाल में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन में देरी पर नाराजगी जताई और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र नियमित न खुलने की शिकायत पर संबंधित सुपरवाइजर को निलंबित करने तथा सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए रास्ता विवाद को तत्काल सुलझाने और सड़क चौड़ीकरण के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए, ताकि आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि टिकुरी गांव में शिविर लगाकर विभिन्न विभागों के अधिकारी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।

  कलेक्टर ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को भी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी। नल-जल योजना के सुचारू संचालन में लापरवाही मिलने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरपंच और जनपद सीईओ को योजना जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने एक स्वर में पानी का शुल्क देने की सहमति भी जताई।

विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं टंट्या मामा योजना के तहत पात्र हितग्राही को ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने अंत में कहा कि यदि अब इस गांव से शिकायतें जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ प्राची चतुर्वेदी सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल समेत देशभर में कल बंद रहेंगे 8 लाख मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

भोपाल 

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें बंद रहेंगे। हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं।

दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां
इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है।

देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

कारोबार हो रहा प्रभावित
केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।

दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर?
हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। 

ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं
कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं।

इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी
कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

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