वन है तो जीवन है : वन विभाग की योजनाओं से हजारों परिवारों को मिल रहा सहारा

रायपुर, 

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग वन आश्रित परिवारों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। “वन है तो जीवन है, तेन्दूपत्ता है तो रोजगार है” के संदेश के साथ वन विभाग और लघु वनोपज संघ ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को रोजगार, बीमा सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर श्रीमती प्रभाकर खलको ने कहा कि विभाग का उद्देश्य वन आश्रित परिवारों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है। वन विभाग की योजनाएं आज हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

तेन्दूपत्ता संग्रहण बना आय का प्रमुख साधन

शासन द्वारा वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 5.50 रूपए प्रति गड्डी तय की गई है। इसके अनुसार 100 गड्डियों पर 550 रूपए और प्रति मानक बोरा 5550 रूपए का भुगतान किया जाएगा। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिल रहा है।

लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य से आर्थिक मजबूती

न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सालबीज, महुआ, इमली, कोदो, माहुल पत्ता सहित विभिन्न लघु वनोपजों की निर्धारित दरों पर खरीदी की जा रही है। इससे वन आश्रित परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है।

बीमा योजनाओं से मिल रही सामाजिक सुरक्षा

राजमोहनी देवी बीमा योजना के अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को बीमा सुरक्षा दी जा रही है। सामान्य मृत्यु, दुर्घटना जनित मृत्यु और विकलांगता की स्थिति में सहायता राशि प्रदान की जाती है। इससे जरूरत के समय परिवारों को आर्थिक सहारा मिलता है।

इसके अलावा समूह बीमा योजना के तहत परिवार के अन्य सदस्यों को भी सहायता राशि का लाभ दिया जा रहा है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।

बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति

तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता मिल रही है।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षा प्रोत्साहन योजना भी संचालित है, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

चरण पादुका योजना से राहत

वनांचल में कार्य करने वाले तेन्दूपत्ता संग्राहकों को हर वर्ष चरण पादुका भी प्रदान की जाती है, ताकि उन्हें काम के दौरान सुविधा मिल सके।

करोड़ों रूपए की सहायता राशि का भुगतान

राजमोहनी देवी बीमा योजना के तहत जिले में अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक 33 हितग्राहियों को 34 लाख 70 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं समूह बीमा योजना के तहत 18 प्रकरणों में 2 लाख 16 हजार रूपए का भुगतान किया गया।
छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत भी विद्यार्थियों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्रदान की गई है।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों की जब्तील के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो दिनों में अनूपपुर, मंदसौर और नीमच जिलों की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक कीमत का गांजा, डोडाचूरा एवं अफीम जब्‍त किया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन भी जप्त किए गए हैं। पुलिस की इन कार्रवाइयों से प्रदेश में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया गया है।

अनूपपुर : जिले के थाना रामनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम फुलवारीटोला मार्ग पर नाकाबंदी कर एक वाहन को रोका। पुलिस टीम को देखकर चालक ने कार लेकर भागने का प्रयास किया। भागने के प्रयास में वाहन पेड़ से टकरा गया। मौके से पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 225 किलो 740 ग्राम अवैध गांजा प्राप्‍त हुआ। पुलिस ने गांजा एवं कार सहित लगभग 1 करोड़ 12 लाख 87 हजार की संपत्ति जब्‍त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

मंदसौर : जिले के थाना नारायणगढ़ पुलिस ने डोडाचूरा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक वाहन से 402 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस ने मुखबिर सूचना पर भांगी पिपलिया से चौथखेड़ी रोड पर नाकाबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से डोडाचूरा, स्कॉर्पियो-N कार एवं मोबाइल सहित लगभग 33 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

नीमच : जिले की थाना जावद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार से 01 किलो 784 ग्राम अवैध अफीम जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जावद-नयागांव रोड स्थित ढाबा माता मंदिर पुलिया के पास नाकाबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी के कब्जे से अफीम एवं तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार सहित लगभग 8 लाख 92 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की गई।

भोपाल : क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित RRL ब्रिज के पास कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 21 किलो 20 ग्राम अवैध डोडाचूरा जब्‍त किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये है।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

उज्जैन संभाग में सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित

उज्जैन 

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, उज्जैन के सभाकक्ष में अपेक्स बैंक, भोपाल के नवमनोनीत अध्यक्ष/प्रशासक माननीय श्री महेन्द्र सिंह जी यादव की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक उज्जैन के प्रशासक के रूप में भी उपस्थित रहे। साथ ही उज्जैन संभाग के सभी जिला बैंकों के सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
 वैश्विक ऊर्जा संकट के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण संदेश

माननीय प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह जी यादव ने वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट के संदर्भ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रहित में किए गए विनम्र अनुरोध का उल्लेख करते हुए सहकारिता एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से “ईंधन बचाओ–ऊर्जा बचाओ” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की अपील की।

साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में “वोकल फॉर लोकल” अभियान को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया गया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

 “एक पेड़ माँ के नाम” और “हरित सहकार अभियान”

बैठक में “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान को जिला बैंक मुख्यालय एवं पैक्स स्तर पर लक्ष्य अनुसार पूर्ण करने का आह्वान किया गया।

इन सभी पहलों के माध्यम से “हरित सहकार अभियान” को सहकारी समितियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का एक प्रभावी मॉडल बनाने पर जोर दिया गया।

 किसानों के सम्मान का सुझाव

प्रशासक महोदय द्वारा सुझाव दिया गया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वर्ष 2026-27 वित्तीय वर्ष समाप्ति पर आयोजित वार्षिक आमसभा में चयनित न्यूनतम 10 सदस्य किसानों को सम्मानित किया जाए, जिससे किसान सहभागिता और प्रोत्साहन को बढ़ावा मिले।
 सदस्यता अभियान और अंशपूंजी संग्रह की समीक्षा

बैठक में उज्जैन संभाग में चल रहे सदस्यता महाभियान की समीक्षा की गई।

उज्जैन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा लगभग 50 लाख रुपये की अंशपूंजी जमा की गई है, जो पूरे मध्यप्रदेश में सर्वाधिक है।
हालांकि यह निर्धारित लक्ष्य से कम है, फिर भी राज्य में शीर्ष प्रदर्शन माना गया।

सभी जिला बैंकों को सदस्यता एवं अंशपूंजी लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

  •  ऋण वितरण, वसूली और व्यवसाय विस्तार पर निर्देश
  • अल्पावधि फसल ऋण की वसूली बढ़ाने पर जोर
  • देवास जिला बैंक द्वारा संभाग में सर्वाधिक वसूली की सराहना
  • ऋण वितरण को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश
  • टर्म लोन वितरण में उदासीनता दूर करने की आवश्यकता पर बल
  • पैक्स स्तर पर व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर

 बैंकिंग सुदृढ़ता और CASA संग्रहण

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कासा (CASA) अमानतें बैंकों की वित्तीय सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

  • कुछ बैंकों द्वारा 100% से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया
  • कुछ बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा
  • सभी जिला बैंकों को CASA संग्रहण में सुधार करने के निर्देश दिए गए।
  •  गेहूं उपार्जन कार्य पर सख्त निर्देश
  • वर्तमान में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
  • ई-पीओ (EPO) लंबित न रहें
  • उपार्जित काश्त का शत-प्रतिशत परिवहन सुनिश्चित हो
  • किसी भी प्रकार की वित्तीय या संचालन संबंधी हानि न हो

 बैठक में प्रमुख उपस्थिति

बैठक में उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच एवं आगर-मालवा जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपेक्स बैंक के अधिकारी तथा ओएसडी श्री अभय प्रधान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 पूर्व भ्रमण कार्यक्रम

बैठक से पूर्व प्रशासक महोदय द्वारा भोपाल से देवास पहुंचकर जिला बैंक एवं विभिन्न सहकारी सोसाइटियों का निरीक्षण भी किया गया।

 

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

भोपाल

जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल संसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूर्ण ‍किया जाए। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर कार्यो का निरीक्षण करें एवं निरीक्षण प्रतिवेदन भिजवाएं। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उनकी प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को शिप्रा के निर्मल जल में स्नान कराया जाए और उनकी यात्रा सहज और सुगम हो।

मंत्री  सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में जलसंसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री  सिलावट ने विभाग की तीन प्रमुख राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एवं तापी मेगा रिचार्ज परियोजना में कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  सिलावट ने उज्जैन में कराए जा रहे सिंहस्थ सबंधी कार्यों कान्ह डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना और क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में निर्माणाधीन बैराजों की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागांतर्गत निर्माणाधीन वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। मंत्री  सिलावट द्वारा भोपाल में केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर निर्माण कार्य के अंतर्गत बिजली लाइन शिफ्टिंग एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये।

मंत्री  सिलावट ने सीएम मॉनिटरिंग से संबंधित प्रकरणों एवं मुख्यमंत्री की विभागीय घोषणाओं से संबंधित सभी बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही इन प्रकरणों की सतत निगरानी करते हुए, इनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट आगामी पन्द्रह दिवस में दिये जाने के निर्देश दिये।

 

पाकिस्तान के दावे की खुली पोल, जिन एयरबेस पर फतह-1 मिसाइल दागने की बात कही वो मौजूद ही नहीं

इस्लामाबाद 

पाकिस्तान में जियो न्यूज चैनल ने हाल ही में एक इंटरव्यू चलाया, जिसमें ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस के दौरान फतह-1 मिसाइलें दागने वाले लॉन्च टीम के सदस्यों से बात की गई. इस इंटरव्यू में पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि उनकी मिसाइलों ने भारत के दो सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. लेकिन इस दावे पर सवाल उठ गए हैं, क्योंकि उन्होंने जिन एयरबेसों का जिक्र किया है, वो भारत में हैं हीं नहीं। 

जियो न्यूज ने उन व्यक्तियों का इंटरव्यू दिखाया जिन्हें फतह-1 मिसाइल लॉन्च टीम का हिस्सा बताया गया. एंकर ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या फतह-1 मिसाइलें अपने तय टारगेट पर सही से गिरीं या नहीं. इसपर कैप्टन मुनीब जमाल ने जवाब दिया- एग्जेटली. हमें दो टारगेट सौंपे गए थे – राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस. हमने दोनों को सफलतापूर्वक एंगेज किया। 

यह इंटरव्यू पाकिस्तान में काफी दिखाया गया, जिसमें दावा किया गया कि मिसाइलें सटीक रूप से अपने टारगेट पर पहुंचीं और मिशन सफल रहा. लेकिन जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, लोगों ने इन टारगेट्स की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए। 

राजौरी और मामून एयरबेस – जो भारत में हैं ही नहीं
पाकिस्तानी अधिकारी द्वारा बताए गए दोनों नामों पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस नाम से कोई भारतीय वायुसेना का एयरबेस मौजूद ही नहीं है. राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक जिला है, जहां भारतीय सेना की कुछ यूनिट्स तैनात हैं, लेकिन वहां कोई ऑपरेशनल एयरफोर्स बेस नहीं हैं। 

इसी तरह मामून पठानकोट के पास एक सैन्य कैंटोनमेंट इलाका है, जहां मुख्य रूप से आर्मी की ब्रिगेड और अन्य यूनिट्स रहती हैं. वहां भी कोई एयरबेस नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी टीम ने शायद स्थानीय सैन्य ठिकानों के नामों को गलत तरीके से एयरबेस बता दिया या जानबूझकर प्रचार के लिए गलत नाम इस्तेमाल किया। 

दावे पर उठे सवाल
यह दावा सामने आने के बाद सोशल मीडिया और डिफेंस एनालिस्ट्स ने इसे फेक टारगेट वाला दावा करार दिया. भारत में कई असली एयरबेस जैसे पठानकोट, जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर आदि मौजूद हैं, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारी उनमें से किसी का भी सही नाम नहीं ले पाए। 

इस घटना ने पाकिस्तानी मीडिया और सेना के दावों की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. कई लोग इसे युद्ध के दौरान अपने लोगों को मनोबल बढ़ाने के लिए किया गया प्रचार मान रहे हैं। 

फतह-1 मिसाइल और ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस
फतह-1 पाकिस्तान की सतह से सतह पर मार करने वाली गाइडेड मिसाइल है, जिसे हाल के वर्षों में विकसित किया गया है. ऑपरेशन बुनयान अल-मरसूस के दौरान पाकिस्तान ने इन मिसाइलों का इस्तेमाल भारत के ठिकानों पर करने का दावा किया था। 

लेकिन जब टारगेट के नाम ही गलत या अस्तित्वहीन निकलते हैं, तो मिसाइल की सटीकता और मिशन की सफलता पर शंका होती है. भारतीय अधिकारियों ने अब तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन डिफेंस सर्किल में इसे पाकिस्तानी प्रोपगैंडा का हिस्सा माना जा रहा है। 

जियो न्यूज का यह इंटरव्यू एक बार फिर दिखाता है कि युद्ध या तनाव के समय दोनों तरफ से सूचना युद्ध भी जोरों पर होता है. पाकिस्तान ने फतह-1 मिसाइलों की सफलता का दावा तो किया, लेकिन जिन एयरबेस का जिक्र किया गया, वे भारत में हैं ही नहीं। 

विकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भोपाल 

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी ने जनजातीय समाज की पीड़ा को समझा और विकास प्रक्र‍िया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां बनायी हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष जैसी पहल से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस कार्य हो रहे हैं। वे मंगलवार को भोपाल के आदि भवन में जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत तकनीकी आधारित सतत् जनजाति विकास अवधारणा पर आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा, आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह सहित प्रदेश से आए विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री डॉ. शाह ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि वे वर्ष 1990 से लगातार जनजातीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जनजातीय समाज के साथ लगातार कार्य किया है। विभागीय अधिकारी भी सतत् रूप से गांवों में और वनवासी अंचल के बीच जाएं और उनके जीवन को नजदीक से देखें। साथ ही प्रत्यक्ष अनुभव से जो परिस्थितियां सामने आती है उसे समझें और उसके अनुरूप कार्य करें। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजाति वर्ग के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को उनके द्वार तक पहुँचाने के लिए “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में शिविरों के माध्यम से 18 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग के ग्रामीणों को दिलाया जाएगा।

मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि किस तरह से वनवासी अंचल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सन 1990 के दशक से लेकर अब तक स्थ‍ितियां बदल गयी है। आज जनजातीय समाज, विकास की मुख्यधारा में शामिल हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों में 50 हजार पानी की बॉटल वितरित कर रहे हैं। साथ ही पहली से कक्षा बारहवीं कक्षा तक के 45 हज़ार बच्चों को पेयजल के लिए पानी की बॉटल प्रदान की हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र की 150 ग्राम पंचायतों में वॉटर कूलर और आरओ लगाया हैं। इससे हर गाँव, हर स्कूल में शुद्ध पेयजल सुलभ होगा। उन्होंने कहा कि जनजाति अंचल की बच्चियां शहर के कॉलेज जाने में हिचकिचाती हैं और सुविधाओं के अभाव में उच्च शिक्षा छोड़ भी देती है। ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने प्रायोगिक तौर पर अपने क्षेत्र में 4 बसें संचालित की, जिससे कॉलेज जाने वाली बालिकाओं की संख्या 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार होना चाहिए।

कार्यशाला में आयुक्त जनजातीय क्षेत्र विकास डॉ. सतेंद्र सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यशाला में आजीविका तथा रोज़गार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग पर मैनिट के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. संयम शुक्ला ने अपना उद्बोधन दिया। सतत जनजातीय विकास में जीआईएस तथा उपग्रह सुदूर संवेदन विषय पर आईआईएसईआर के एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. कुमार गौरव ने भी संबोधित किया।

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में जनजातीय आजीविका तथा उद्यमिता विकास विषय पर आईएएस आरएम ट्राइफेड मती प्रीति मैथिल ने संबोधित किया। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारतीय कृषि को बदल रहा है’ विषय पर आईआईआईटी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभ्रज्‍योति देब ने संबोधित किया। साथ ही “स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर आईआईआईटी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. निखिल कुमार सिंह ने जानकारी दी। 

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।

एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

भोपाल के डायल 112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजन से मिलाया

भोपाल 

भोपाल के थाना अयोध्या नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता और संवेदनशील कार्यवाही से घर का रास्ता भटके एक 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसकी माँ से मिलाया गया। समय रहते की गई सहायता से परिजनों की चिंता और बेचैनी दूर हो सकी।

18 मईको राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना अयोध्या नगर क्षेत्र अंतर्गतइसरो एन सेक्टर स्थित दुर्गा मंदिरके पास एक छोटा बच्चा अकेला मिला है, जो अपने घर का रास्ता भटक गया है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफसउनि श्री मोहमद सादिक एवं पायलट श्री वैभव दुबेने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास के क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं स्थानीय लोगों से पूछताछ प्रारंभ की।तलाश के दौरान बालक की माँ अपने बच्चे को ढूँढ़ते हुए मिलीं। डायल-112 जवानों ने आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत मासूम बच्चे को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया।अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों का आभार व्‍यक्‍त किया।

डायल 112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं एवं आमजन की सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं के साथ उनकी सहायता के लिए भी हर समय तत्पर है। 

चिकन नेक इलाके की जमीन केंद्र को सौंपने पर मुहर, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला

कोलकाता
पश्चिम बंगाल सरकार ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकेन नेक) से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की मंजूरी दे दी है, जिससे करीब एक साल से लंबित प्रक्रिया पूरी हो गई. 7 राष्ट्रीय राजमार्ग खंड अब केंद्र के अधीन होंगे। 

ये हाईवे पहले राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन थे, लेकिन अब इन्हें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) संभालेंगे. करीब एक साल तक प्रस्ताव लंबित रहने की वजह से इन मार्गों पर विकास और निर्माण कार्य ठप पड़े थे। 

चिकन नेक कॉरिडोर
बता दें, चिकन नेक कॉरिडोर जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी कहा जाता है, भारत का एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक भूभाग है. यह देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। 

यह एक एक संकरा भूभाग है. पश्चिम बंगाल में स्थित इस कॉरिडोर की चौड़ाई कुछ जगहों पर महज 22 किलोमीटर है. यह कॉरिडोर रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से काफी अहम है। 

चिकन नेक कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जिलों के बीच स्थित एक अहम क्षेत्र है. यह उत्तर में नेपाल और भूटान, जबकि दक्षिण में बांग्लादेश से घिरा हुआ है. भारत की सुरक्षा और संपर्क व्यवस्था के लिहाज से यह कॉरिडोर काफी अहमियत रखता है। 

वहीं, इस बीच बंगाल सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित जांच में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी भी दी है। 

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई क्रूर हत्या और बलात्कार के मामले में, ईडी को तत्कालीन आरजीकर अधीक्षक संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है। 

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जांच प्रक्रिया को लंबे समय तक जबरन और अनैतिक रूप से रोके रखा। 

उन्होंने आगे कहा कि, हमारा मानना ​​है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता. मैं चाहता हूं कि असली दोषियों की जल्द से जल्द पहचान हो, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले, बंगाल की जनता को न्याय मिले। 

कोलकाता के राधागोविंद कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 9 अगस्त 2024 की रात 31 साल की महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप के बाद उसकी हत्या का मामला सामने आया था. ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था. इसके बाद इस मामले में कोलकाता पुलिस ने मुख्य आरोपी सिविल वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया। 

अस्पताल परिसर में हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया. घटना के विरोध में पश्चिम बंगाल समेत देशभर में डॉक्टरों ने प्रदर्शन और हड़ताल देखने को मिली। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए. जांच के बाद सीबीआई ने गैंगरेप के आरोपों से इनकार किया. मामले में संजय रॉय को दोषी पाया गया. इसके बाद जनवरी 2025 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। 

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत उज्जैन में 25-26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में नदी, तालाब और पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब व्यापक जनभागीदारी के साथ एक जन अभियान का रूप ले चुका है। इस अभियान में प्रदेश में अब तक 1 लाख 81 हजार 763 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन में 25-26 मई को ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई लोकप्रिय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही, वीर भारत न्यास द्वारा भोपाल में भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन किया जा रहा है।

उज्जैन में गंगा दशमी के पावन पर्व पर होगी शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  राम तिवारी ने बताया कि उज्जैन में गंगा दशमी के अवसर पर होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 25 मई को शुरू होने वाली यह परिक्रमा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम शनि मंदिर से होते हुए दत्त अखाड़ा घाट पहुंचेगी। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालु यहां रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, गंगा दशमी के अवसर पर यह परिक्रमा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से होते हुए पुनः रामघाट पर पहुंचकर संपन्न होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस परिक्रमा के दौरान माँ शिप्रा को 300 फीट की चुनरी अर्पित की जाएगी।

उज्जैन में 25-26 मई को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत रामघाट पर पंडित ढोली बुआ द्वारा नारद कथा गायन परंपरा पर आधारित ‘हरिकथा’ का आयोजन 17 मई से प्रतिदिन सायं 7:30 बजे किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित भजन संध्या में इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं साथी तथा जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल एवं साथियों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 26 मई को होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) के बैंड की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही मुंबई के केशवम् बैंड द्वारा भजन जैमिंग और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर एवं साथियों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भारत भवन में ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ

न्यासी सचिव  तिवारी ने बताया कि भारत भवन में 27 मई से 2 जून 2026 तक ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 मई को शाम 7 बजे इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। इस अवसर पर इसरो हैदराबाद के भू-विज्ञान समूह के समूह निदेशक डॉ. ईश्वर चंद्र दास विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सात दिवसीय समागम के माध्यम से जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों (जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि) पर केंद्रित एक राष्ट्रीय विमर्श आयोजित होगा। इस आयोजन में देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार, पर्यावरणविद् और नीति-निर्माता शामिल होंगे। यह पहला अवसर है जब इसरो , जेके ट्रस्ट, एचयूएल फाउंडेशन, जेके सीमेंट, जेएसडब्ल्यू, टाटा ट्रस्ट, एमडीएल, आईजीआरएमएस, हीरो फ्यूचर एनर्जीस, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान पावर, वेदांता ग्रुप और टाटा संस जैसी बड़ी कंपनियों व संस्थाओं के प्रतिनिधि जल संरक्षण के विषय पर एक मंच पर एकत्रित हो रहे हैं। इस समारोह में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, वेनेजुएला, मैक्सिको, सूरीनाम, इक्वाडोर, साइप्रस और नेपाल सहित नौ देशों के राजनयिक प्रतिनिधि भी भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले रहा है।

सदानीरा समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूतों पर आधारित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसमें देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे इसरो, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया और विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर (CSR) प्रमुख हिस्सा लेंगे।समारोह के दौरान प्रतिदिन शाम को नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इनमें भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, गोवर्धन लीला, गंगा यात्रा, अमृतमय, नदी गीत, पानी नामा, लघुशंका नगर, जल प्रवाह, नर्मदे हर, स्वानलेक, क्रिटिकल पॉइंट और ‘नर्मदा हर कंकर शंकर’ जैसी प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही, दक्षिण कोरिया की ‘मूट डांस कंपनी’ की प्रस्तुति विशेष रूप से आयोजित की जा रही है। दर्शकों को क्षेत्रीय संस्कृति से जोड़ने के लिए मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

सदानीरा समागम’ में प्रवाह फिल्म समारोह और जल केंद्रित प्रदर्शनियां होगी प्रमुख आकर्षण

समागम में 28 मई से 2 जून तक भारत भवन के ‘अभिरंग’ सभागार में ‘प्रवाह फिल्म समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें जल केंद्रित विषयों पर आधारित हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं की 15-15 डॉक्यूमेंट्री और डॉक्यू-ड्रामा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों में प्रमुख रूप से ‘जल संकट’, ‘गंगा नदी’, ‘जल डाकू’, ‘जब हर एक बूंद मायने रखती है’, ‘खतरे में नदियाँ’ और ‘आखिरी बूंद’ शामिल हैं। इसके साथ ही, परिसर में ‘जल, जंगल, जीवन’ पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें देश भर के कलाकार भाग लेंगे।

सदानीरा समागम के दौरान जल पर केंद्रित 4 विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें ‘लघु चित्रों में जल’, ‘भूगर्भीय जल स्रोत’, ‘मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान’ और ‘जलचर: जलीय जीवन के प्राणतत्व’ शामिल हैं। इन प्रदर्शनियों के आयोजन में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद , बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल सहयोग कर रहे हैं।

जल और संस्कृति आधारित 6 पुस्तकों का होगा विमोचन

समारोह में जल और संस्कृति पर आधारित 6 पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। इनमें वीर भारत न्यास और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की पुस्तक ‘अंतर्जली यात्रा’, ‘ वीर भारत न्यास की पुरोवाक्’,  प्रेमशंकर शुक्ल की ‘आत्मा की घाटी में पानी का संगीत’,  दिनेश पाठक की ‘युगयुगीन जल’,  राजेश्वर त्रिवेदी की ‘जल, संस्कृति और डॉ. प्रदीप जिलवाने की पुस्तक स्थापत्य’ और ‘लोक तीर्थ माहात्म्य’ शामिल हैं।

यह समागम भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन, भोपाल के सम्मिलित रूप से सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

 

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