बिना अमेरिकी हमले के ही ईरान को बड़ा झटका! Inflation Attack ने बढ़ाई टेंशन, अब क्या होगा?

तेहरान 

अमेरिका के साथ ईरान के सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार है, होर्मुज को लेकर घमासान जारी है और इसके साथ ही तेल-गैस को लेकर दुनिया की टेंशन भी हाई बनी हुई है. लेकिन एक ओर जहां मिडिल ईस्ट युद्ध ने अमेरिका में तेल की कीमतों में इजाफा किया है, तो वहीं तेल पर निर्भर खुद ईरान की इकोनॉमी को भी तगड़ा झटका लगा है. वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के मुताबिक, दुनिया के सबसे ज्यादा महंगाई दर वाले देशों की लिस्ट में ईरान वेनेजुएला के बाद दूसरे नंबर पर आ गया है। 

तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में भी आंकड़ों के साथ बीते कुछ दिनों में ईरान की गंभीर स्थिति को दर्शाया गया है कि युद्ध के बीच आसमान छूती महंगाई में ईरान के लोगों की खाद्य सुरक्षा पर बड़ा संकट आ गया है. अब दुनिया में महंगाई से सबसे ज्यादा त्रस्त देशों की लिस्ट में भी ईरान ऊपर चढ़ता जा रहा है। 

वेनेजुएला के बाद ईरान का नंबर
वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स के सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर डालें, तो ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा महंगाई दर वेनेजुएला में 612% है और इसके बाद अर्जेंटीना के बजाय अब ईरान का नाम शामिल है, जहां सालाना महंगाई दर 50% हो चुकी है। 

बीते सप्ताह आई एक रिपोर्ट में ईरान में महंगाई की मार की तस्वीर पेश करते हुए कहा गया था कि Iran Inflation की रफ्तार हालिया कुछ समय में सबसे ज्यादा रही है और ये लगातार ईरानियों को गरीब बना रही है. तेहरान की एक निवासी के हवाले से अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया कि हम अब उन कुछ चीजों को खरीदने का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं, जो कुछ महीने पहले तक खरीद सकते थे. इसके पीछे वजह है कि युद्धग्रस्त ईरान में खासतौर पर खाद्य महंगाई (Iran Food Inflation) में आए उछाल के कारण लोगों की कमाई का बड़ा हिस्सा बुनियादी जरूरत के सामनों पर खर्च हो रहा है। 

इसमें आंकड़े देते हुए बताया गया था कि वनस्पति तेल की कीमतों में सबसे अधिक 350% से ज्यादा, आयातित चावल की कीमतों में 200%, ईरानी चावल की कीमतों में 175% प्रतिशत और चिकन की कीमतों में 190%  की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

इन 10 देशों में महंगाई का कोहराम
दुनिया के तमाम देशों में सालाना महंगाई दर के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जिन देशों में महंगाई सबसे ज्यादा कोहराम मचा रही है, उनकी टॉप-10 लिस्ट में पहले नंबर पर वेनेजुएला, जबकि दूसरे नंबर पर ईरान का नाम है. वहीं अन्य देशों की बात करें, तो अर्जेंटीना (32.4%), तुर्किए (32.37%), लेबनान (17.3%), नाइजीरिया (15.69%), इजिप्ट (14.9%), पाकिस्तान (10.9%), कजाखिस्तान (10.6%) और बांग्लादेश (9.05%) शामिल हैं। 

दुनिया के ‘ऑयल बैंक’ तेजी से हो रहे खाली, एक्सपर्ट्स बोले- हिल सकता है वैश्विक बाजार

 नई दिल्ली

ईरान जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से दुनिया में तेल खत्म होने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. तीन महीने पहले तक यह संभावना बेहद कम लग रही थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. होर्मुज स्ट्रेट लगभग पूरी तरह बंद रहने के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की भारी कमी का खतरा बढ़ता जा रहा है। 

विश्लेषकों को अब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद नहीं है. इसके बजाय उनका कहना है कि युद्ध लंबे समय तक चल सकता है जिससे एनर्जी सप्लाई लंबे समय तक बाधित रह सकती है. उनके अनुसार, तेल आपूर्ति की तस्वीर बिल्कुल अच्छी नहीं दिख रही। 

डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी से 8 मई तक मध्य पूर्व में तेल आपूर्ति में कुल 78.2 करोड़ बैरल की कमी आ चुकी थी और इस महीने के अंत तक यह आंकड़ा 1 अरब बैरल तक पहुंच सकता है। 

दैनिक उत्पादन के हिसाब से भी हालात गंभीर हैं. सऊदी अरब रोजाना 30 लाख बैरल से ज्यादा तेल उत्पादन गंवा रहा है. इराक का तेल उत्पादन 28.8 लाख बैरल प्रतिदिन कम हो गया है, जबकि ईरान का उत्पादन 16.9 लाख बैरल प्रतिदिन घटा है. कुवैत में भी रोजाना 17.5 लाख बैरल की गिरावट दर्ज की गई है। 

तेल उत्पादन घटा, दुनिया रिजर्व रखे तेल पर चल रही
इतने बड़े स्तर पर तेल उत्पादन बंद होने के बाद दुनिया पहले से निकाले गए तेल के भंडार को इस्तेमाल कर रही है. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) पहले कह चुकी थी कि दुनिया के तेल भंडार रिकॉर्ड स्तर पर हैं और इसी वजह से बाजार में भारी अतिरिक्त सप्लाई की संभावना थी. लेकिन यह अनुमान युद्ध शुरू होने से पहले का था. अब IEA चेतावनी दे रही है कि इस साल तेल की मांग सप्लाई से ज्यादा हो जाएगी। 

‘द ऑयल प्राइस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, IEA की ताजा मासिक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल वैश्विक तेल आपूर्ति में रोजाना करीब 39 लाख बैरल की गिरावट आ सकती है. हालांकि, यह आंकड़ा भी मध्य पूर्व में मौजूदा वास्तविक नुकसान से काफी कम है. एजेंसी का अनुमान है कि मध्य पूर्व में आपूर्ति में 1.05 करोड़ बैरल प्रतिदिन की कमी हो चुकी है. दूसरी ओर, मांग में सिर्फ 4.2 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आने का अनुमान है। 

अटलांटिक काउंसिल के ग्लोबल एनर्जी सेंटर की वरिष्ठ फेलो एलेन वाल्ड ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा, ‘खपत को एक सीमा तक ही कम किया जा सकता है. जब भंडार खत्म होंगे तो वे सचमुच खत्म हो जाएंगे. एक वक्त आएगा जब तेल की मांग और सप्लाई के बीच बड़ी खाई पैदा होगी और बाजार बुरी तरह हिल जाएगा. कीमतें तेजी से ऊपर जाएंगी। 

सऊदी अरामको के सीईओ ने भी दी है वॉर्निंग
यह चेतावनी अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमीन नासिर के बयान से भी मेल खाती है. उन्होंने कहा था कि दुनिया में जमीन पर मौजूद ईंधन भंडार रिकॉर्ड गति से घट रहे हैं. उनके मुताबिक, जमीन पर मौजूद तेल भंडार इस समय बाजार के लिए ‘एकमात्र सुरक्षा कवच’ हैं, लेकिन अब वे भी तेजी से कम हो रहे हैं। 

जमीन पर मौजूद तेल भंडार का मतलब उस तेल से होता है जो पहले ही जमीन से निकाल लिया गया है और बाद में इस्तेमाल के लिए बड़े टैंकरों, स्टोरेज फैसिलिटीज या रिजर्व में रखा गया हो. इस तेल को जरूरत की स्थिति, जैसे युद्ध, सप्लाई रुकना या कीमतें बढ़ना, में इस्तेमाल किया जाता है। 

जेपी मॉर्गन के कमोडिटी विश्लेषकों ने भी चेतावनी दी है कि अगले महीने तक विकसित देशों में व्यावसायिक तेल भंडार ‘ऑपरेशनल तनाव’ के स्तर तक पहुंच सकते हैं. इसका मतलब है कि तेल आपूर्ति में आई कमी को संभालना और मुश्किल हो जाएगा। 

तेल की कमी इतनी होगी कि होर्मुज खोलना ही होगा
जेपी मॉर्गन की वैश्विक कमोडिटी रणनीति प्रमुख नताशा कानेवा ने कहा, ‘हमारा निष्कर्ष है कि किसी न किसी तरह जून में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना ही होगा.’ उनके अनुसार, दुनिया तेल संकट से तभी बच सकती है जब युद्ध खत्म हो. अगर ऐसा नहीं हुआ तो अगला चरण सिर्फ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रिफाइनिंग और अंतिम उपभोक्ता तक ईंधन पहुंचाने का संकट बन सकता है। 

अमीन नासिर ने यह भी कहा कि बाजार में तेल भंडार की उपलब्धता को बढ़ा-चढ़ाकर आंका जा रहा है. उन्होंने बताया कि स्टोरेज में मौजूद सारा तेल वास्तव में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं होता. उसका बड़ा हिस्सा पाइपलाइन, न्यूनतम टैंक स्तर और अन्य परिचालन जरूरतों में फंसा रहता है. उन्होंने कहा, ‘यूरोप और अमेरिका में स्टोरेज से रोजाना अधिकतम 20 लाख बैरल तेल ही निकाला जा सकता है। 

केप्लर के अनुसार, फिलहाल भंडार से तेल निकासी सीमित स्तर पर है. मार्च के आखिर से अब तक जमीन पर मौजूद भंडार से करीब 6 करोड़ बैरल तेल निकाला जा चुका है. इसके बावजूद अभी करीब 3 अरब बैरल तेल स्टोरेज में मौजूद है, हालांकि उसमें से कितना वास्तव में उपलब्ध है, यह साफ नहीं है। 

कमजोर होता दुनिया का सुरक्षा कवच
विश्लेषकों का कहना है कि अगर मध्य पूर्व में आपूर्ति संकट लंबा खिंचता है तो भंडार तेजी से घटेंगे और उन्हें दोबारा भरने के लिए पर्याप्त नई सप्लाई उपलब्ध नहीं होगी. यानी युद्ध जितना लंबा चलेगा, दुनिया का सुरक्षा कवच उतना कमजोर होता जाएगा। 

हालांकि, कुछ राहत की खबर भी है. वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, बाजार अब इस स्थिति का आदी होने लगा है. भंडार से तेल निकालने की वजह से तत्काल घबराहट कम हुई है और अब बाजार कमी को मैनेज करना सीख रहा है जिसका मतलब है कि तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। 

कैपिटल इकोनॉमिक्स के कमोडिटी अर्थशास्त्री हमाद हुसैन ने कहा, ‘तेल कार्गो की तत्काल खरीद की होड़ अब कम हो गई है. लेकिन हम तेजी से भंडार खाली कर रहे हैं और इसका सीधा असर कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई देगा। 

मेडिकल स्टोर हड़ताल के बीच राहत की खबर, प्रदेश में दवाओं की नहीं होगी कमी; यहां मिलेंगी सभी जरूरी मेडिसिन

भोपाल 

मध्य प्रदेश में आज  यानी 20 मई को दवा दुकानों की हड़ताल रहेगी। भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में यह बंद बुलाया है।

भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि जिले के सभी रिटेल और थोक दवा व्यवसायी इस बंद का समर्थन करेंगे और 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि यह मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। घर-घर पहुंच रही ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट सिस्टम नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

अस्पतालों के मेडिकल बंद से मुक्त
एसोसिएशन के अध्यक्ष धाकड़ ने बताया कि ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी एवं गलत दवाओं के वितरण की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने भोपाल की जनता से इस बंद के कारण होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है तथा नागरिकों से अपील की है कि वे 20 मई से पूर्व ही अपनी नियमित उपयोग की आवश्यक दवाओं का संग्रह कर लें। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें  आज बंद रहेंगी । हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं।

दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां
इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है।

देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

कारोबार हो रहा प्रभावित
केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।

दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर?
हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। 

ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं
कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं।

इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी
कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

 

गोबरानवापारा में रेत के अवैध उत्खनन-भण्डारण पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 पोकलेन जब्त-सील

रायपुर

कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के आदेशानुसार तथा उप-संचालक (खनिज प्रशासन) श्री राजेश मालवे के नेतृत्व में खनिज विभाग के अमले द्वारा 18 एवं 19 मई 2026 को गोबरानवापारा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की गई।

सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक एवं खनिज अमले द्वारा की गई जांच में ग्राम लखना रेत खदान में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर तथा पर्यावरणीय शर्तों का उल्लंघन कर 02 चेन माउंटेड पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन किया जाना पाया गया। कार्रवाई करते हुए दोनों पोकलेन मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सीलबंद किया गया तथा अवैध उत्खनन कार्य तत्काल बंद कराया गया।

इसी क्रम में तहसील गोबरानवापारा के ग्राम नवागांव, जौंदा, जौंदी तथा डगनिया में महानदी से रेत लाकर श्री अनिल कुमार साहू, श्री गोविंद साहू, श्री ईश्वर पटेल, श्री प्रताप सेन, श्री त्रिलोकी साहू, श्री अजय साहू तथा श्री मनीष ठाकुर द्वारा बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध भण्डारण किया जाना पाया गया। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत संपूर्ण अवैध रेत को जब्त कर लिया गया है एवं संबंधित अवैध भण्डारणकर्ताओं को जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया गया है।

उप-संचालक खनिज श्री राजेश मालवे ने बताया कि जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज अमले द्वारा उक्त क्षेत्रों में लगातार गश्त कर सतत कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘सुशासन तिहार’ की धूम: एक ही छत के नीचे खुले सरकारी योजनाओं के द्वार हितग्राहियों के चेहरे खिले

​रायपुर      

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र के राजापारा रंगमंच में मंगलवार को ‘सुशासन तिहार शिविर’ का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर ने आम जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को मिटाते हुए एक ही छत के नीचे ढेरों सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया। शिविर में उमड़ी नगरवासियों की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं।
      
 ​शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी सौगातें दी गईं, जिसमें 6 हितग्राहियों को नए भवनों के निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रमाण पत्र सौंपे गए, वहीं 3 हितग्राहियों को उनका आशियाना पूर्ण होने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किया गया। अपना पक्का आशियाना और कानूनी दस्तावेज पाकर हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने राज्य सरकार व जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।
      
​इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल पर पारंपरिक और मंगलमयी माहौल देखने को मिला, जहाँ विभागीय सजगता के साथ 2 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और 2 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी की गई। इसके साथ ही, उपस्थित महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और सही देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए।
     
​प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए खाद्य विभाग की ओर से मौके पर ही 2 हितग्राहियों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए और जरूरतमंद लोगों को फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में पहुंचे बड़ी संख्या में नगरवासियों का ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उचित चिकित्सीय सलाह दी गई।
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सुशासन का असली अर्थ चरितार्थ करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने न केवल अपनी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि जनता से सीधे आवेदन और शिकायतें भी प्राप्त कीं। कई जटिल समस्याओं का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आमजन को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।
     
​इस जन-सरोकार के कार्यक्रम में स्थानीय पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, नगरपालिका सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी-कर्मचारी और भारी संख्या में सजग नागरिक उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का यह प्रयास बेहद सफल और सराहनीय रहा।

समाधान शिविर बना दिव्यांग तुलेश्वरी के लिए सहारा

रायपुर

विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया।

अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।

इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी।

उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

सिंगरौली पुलिस ने 02 वर्षीय अपहृत बालिका को 36 घंटे में झारखंड से सकुशल किया दस्तयाब

भोपाल

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबीहेतु सघन और सतत अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में 02 वर्षीय अपहृत बालिका को मात्र 36 घंटे के भीतर झारखंड राज्य से सकुशल दस्तयाब कर सिंगरौली पुलिस ने संवेदनशीलता, तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट परिचय दिया है। पुलिस की त्वरित एवं समन्वित कार्यवाही से बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार के साथ-साथ आमजन में भी पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

प्रकरण में थाना बैढ़न में 16 मईको फरियादी द्वारा सूचना दर्ज कराई गई थी कि वह अपनी 02 वर्षीय पुत्री के साथ बस स्टैण्ड बैढ़न में सोया हुआ था। देर रात नींद खुलने पर उसकी पुत्री वहां नहीं मिली। आसपास काफी तलाश करने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका व्यक्त की गई। सूचना पर थाना बैढ़न में प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल जांच प्रारंभ की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिंगरौली  षियाज के.एम. के निर्देशन में विशेष एसआईटी गठित की गई। उप पुलिस अधीक्षक सु रोशनी पटेल सहित थाना एवं चौकी प्रभारियों के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की 10 विशेष टीमों को बालिका की तलाश में लगाया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा अपहृता एवं आरोपी की जानकारी देने पर 10हजार रूपएके ईनाम की घोषणा भी की गई।

अपहृत बालिका की तलाश हेतु जिले सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं सीमावर्ती राज्यों के पुलिस थानों को रेडियो संदेश प्रसारित किए गए। बैढ़न, विंध्यनगर, मोरवा, बरगवां एवं माड़ा क्षेत्र में रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, अस्पतालों, डैम, नदियों एवं सुनसान स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस द्वारा लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का परीक्षण किया गया तथा बालिका के फोटो पम्पलेट सार्वजनिक स्थानों, ऑटो एवं बसों में चस्पा कर सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रसारित किए गए।

सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण करने पर पुलिस को एक संदेही व्यक्ति को बालिका के साथ बैढ़न से बिलौजी एवं आगे माजन मोड़ की ओर जाते हुए देखा गया। संबंधित बस चालक, परिचालकों एवं ऑटो चालकों से पूछताछ की गई, जिसके आधार पर पुलिस टीम को जानकारी मिली कि संदेही व्यक्ति निवासी ग्राम मासीआतो थाना बालूमार जिला लातेहार (झारखंड) है, जो बालिका को लेकर अपने गांव चला गया है।

सूचना प्राप्त होते ही पुलिस की विशेष टीमें तत्काल झारखंड रवाना की गईं। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर 02 वर्षीय अपहृत बालिका को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।

मध्यप्रदेश पुलिसआमजन से अपील करती है कि किसी भी बालक/बालिका के गुम होने अथवा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी थाना एवं डायल-112 को सूचना दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, गुम एवं अपहृत बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी तथा “मुस्कान अभियान” के तहत इस प्रकार की विशेष कार्यवाहियां आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।

 

अब तक 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेहूँ का उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है।

मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 18 हजार 707 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है।

मंत्री  राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

 

मध्यप्रदेश में 20 मई को दवाइयों की सप्लाई ठप, भोपाल सहित पूरे प्रदेश के मेडिकल स्टोर्स रहेंगे बंद

भोपाल

 ऑनलाइन दवा व्यापार और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में ‘मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन’ के आह्वान पर 20 मई को पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल के सभी निजी मेडिकल स्टोर्स बंद रहेंगे। भोपाल केमिस्ट संघ के अध्यक्ष जितेंद्र धाकड़ ने बताया कि दवा विक्रेता सुबह 10 बजे दवा बाजार में एकत्रित होंगे और सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के उल्लंघन का आरोप

एसोसिएशन का आरोप है कि ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का खुला उल्लंघन है। बिना फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाओं की होम डिलीवरी से नकली और एक्सपायरी दवाओं का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही ई-फार्मेसी कंपनियों की लागत से कम कीमत पर दवा बेचने की नीति (प्रेडेटरी प्राइसिंग) से पारंपरिक छोटे और मध्यम दवा व्यवसायियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

मरीजों की सुविधा के लिए खुले रहेंगे जन औषधि केंद्र

दवा बाजार बंद रहने के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। हड़ताल के दौरान सभी सरकारी अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की फार्मेसी और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। इसके अलावा निजी अस्पतालों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर्स को भी बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि भर्ती और आपातकालीन मरीजों को परेशान न होना पड़े।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की गूगल की टीम के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक बुधवार 20 मई को

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर 20 मई, बुधवार को भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक चर्चा करेंगे। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर भी मीटिंग में विचार किया जाएगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित यह बैठक मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर)  आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स)  मदन ओबेरॉय सहित सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई एवं डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में सिंहस्थ -2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन, स्मार्ट भीड़ प्रबंधन, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग,डेटा आधारित निगरानी, अधिक प्रभावी नागरिक सेवा विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, कृषि में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच और शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण और कौशल विकास पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक में एआई स्किलिंग, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्ट-अप इको सिस्टम और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। यह बैठक मध्यप्रदेश और गूगल के मध्य दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने और प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

 

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