स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।

एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

PM मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद ‘सपेरे’ वाले कार्टून पर विवाद, सोशल मीडिया पर भड़के लोग

नई दिल्ली
नॉर्वे के एक बड़े अखबार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कार्टून बनाया है जिस पर अब विवाद शुरू हो गया. इस कार्टून में पीएम मोदी को सपेरे की तरह दिखाया गया था. उनके हाथ में सांप जैसी दिखने वाली एक पेट्रोल पाइप भी दिखाई गई. कार्टून के साथ छपे लेख का शीर्षक था, “A clever and slightly annoying man” यानी “एक चालाक और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी। 

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस कार्टून को नस्लवादी बताया. लोगों का कहना है कि पश्चिमी मीडिया अब भी भारत को “सपेरों का देश” वाली पुरानी सोच से देखता है. कई यूजर्स ने लिखा कि यह भारत की गलत और पुरानी छवि दिखाने की कोशिश है। 
एक यूजर ने एक्स पर लिखा, “यह कार्टून रेसिस्ट लगता है. पीएम मोदी खुद कई बार कह चुके हैं कि पहले दुनिया भारत को सपेरों का देश मानती थी, लेकिन अब वही सोच फिर दिखाई जा रही है.” कुछ लोगों ने इसे “औपनिवेशिक मानसिकता” भी बताया। 

विवाद तब और बढ़ गया जब नॉर्वे की पत्रकार हेले लाइंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा कि पीएम मोदी मीडिया से सवाल क्यों नहीं लेते. उन्होंने भारत में प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकारों का मुद्दा भी उठाया. हालांकि पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर बिना जवाब दिए वहां से चले गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 

इसके बाद भारत की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई. भारतीय राजनयिक सिबि जॉर्ज ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मीडिया को समझे बिना कुछ विदेशी संस्थाएं अधूरी जानकारी के आधार पर राय बना लेती हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ दिल्ली में ही 200 से ज्यादा न्यूज चैनल हैं और भारत जैसे बड़े देश को समझना आसान नहीं है। 

इससे पहले भी कई विदेशी मीडिया संस्थानों पर भारत को पुराने “स्नेक चार्मर” वाले स्टीरियोटाइप में दिखाने के आरोप लग चुके हैं. पीएम मोदी ने 2014 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में कहा था कि दुनिया कभी भारत को “स्नेक चार्मर्स” यानी “सपेरों का देश” कहती थी, लेकिन आज भारत टेक्नोलॉजी और आईटी की ताकत बन चुका है। 

इटली में दिखी ‘मेलोडी’ की शानदार केमिस्ट्री, PM मोदी और मेलोनी ने साथ किया डिनर, फिर पहुंचे कोलोसियम

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के अहम कूटनीतिक दौरे के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम पहुंचने पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद खास अंदाज में उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने डिनर के बाद रोम के ऐतिहासिक ‘कोलोसियम’ का एक साथ दौरा किया है। इसके बाद, सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘मेलोडी’ (Meloni+Modi = Melodi) ट्रेंड कर रहा है।

तस्वीरों में ‘मेलोडी’ का खास अंदाज
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन तस्वीरों को शेयर किया है। इन खास तस्वीरों में भारत-इटली की मजबूत होती दोस्ती और दोनों नेताओं के बीच की सहजता साफ देखी जा सकती है। पहली दो तस्वीरों में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी एक बालकनी से रोम शहर के खूबसूरत नजारों को निहारते और गहरी बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी अपने चिर-परिचित नीले रंग के लिबास में हैं, जबकि मेलोनी पीच रंग के खूबसूरत और सौम्य परिधान में हैं।

एक तस्वीर में दोनों नेता कार की पिछली सीट पर बैठे हैं और कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे हैं। यह तस्वीर दोनों के बीच की बेहतरीन व्यक्तिगत बॉन्डिंग को दर्शाती है।

कोलोसियम का ऐतिहासिक नजारा: एक अन्य तस्वीर रात के समय की है, जहां दोनों नेता रोम की सबसे भव्य और प्राचीन इमारत ‘कोलोसियम’ के सामने खड़े होकर पोज दे रहे हैं।

पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “रोम में उतरने के बाद, मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद मैंने मशहूर कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। आज होने वाली हमारी बातचीत का मुझे बेसब्री से इंतजार है, जिसमें हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत बनाने के विषय पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।”

मेलोनी ने क्या कहा?
जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोम पहुंचने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “वेलकम टू रोम, माय फ्रेंड!”

पहले भी वायरल हुईं मोदी-मेलोनी की तस्वीरें
यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हों। इससे पहले साल 2023 में दुबई में हुए COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी की ‘Good friends at COP28’ वाली सेल्फी काफी वायरल हुई थी।

वहीं, साल 2024 में इटली के अपुलिया में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ‘मेलोडी टीम की तरफ से हैलो’ वीडियो ने भी दुनियाभर में चर्चा बटोरी थी।

दोनों नेताओं की यह आठवीं मुलाकात
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साल 2023 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच यह आठवीं मुलाकात है। मार्च 2023 में मेलोनी की भारत यात्रा और जी-20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी थी।

 

पीएम मोदी और मेलोनी का संदेश
इन पलों को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रोम में उतरने के बाद, प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ डिनर पर मुलाकात का अवसर मिला, जिसके बाद ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। आज होने वाली हमारी वार्ता को लेकर उत्सुक हूं, जहां हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत करने के तरीकों पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।

वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी के साथ की तस्वीर साझा करते हुए गर्मजोशी से लिखा- रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त! इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है जहां पीएम मेलोनी पीएम मोदी को रोम शहर के बारे में बता रही हैं।

आज की द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा
यह यात्रा केवल इन शानदार तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने का एक बड़ा अवसर है। ताज़ा जानकारियों के अनुसार, आज होने वाली आधिकारिक मुलाकातों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

रणनीतिक साझेदारी (2025-2029): दोनों देश ‘जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ की समीक्षा करेंगे। इसके तहत व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जाएगा। (आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16.77 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है)।

IMEC पर जोर: इस द्विपक्षीय वार्ता में ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे’ (IMEC) को लेकर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।

FAO मुख्यालय का दौरा: पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के ‘खाद्य और कृषि संगठन’ (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

राष्ट्रपति से मुलाकात: पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे।

प्रवासी भारतीयों द्वारा भव्य स्वागत
रोम पहुंचने पर पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने बेहद शानदार स्वागत किया। इस दौरान इतालवी कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत (राग हंसध्वनि) और कथक नृत्य प्रस्तुत किया। पीएम मोदी ने बच्चों को ऑटोग्राफ दिए, वाराणसी के घाटों की एक पेंटिंग देखी और भारतीय मूल के लोगों से खास बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने ‘सनातन धर्म संघ’ की इटली में आधिकारिक मान्यता को लेकर आध्यात्मिक गुरुओं से भी मुलाकात की।

यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के सफल दौरे के बाद, इटली में पीएम मोदी का यह स्वागत भारत की मजबूत होती वैश्विक पकड़ और इटली के साथ गहरी होती साझेदारी का एक स्पष्ट संकेत है। इन तस्वीरों ने कूटनीति के साथ-साथ दो वैश्विक नेताओं की व्यक्तिगत दोस्ती को भी बखूबी बयां किया है।

अमिताभ बच्चन की तबीयत को लेकर फैन्स की बढ़ी चिंता, बिग बी ने खास संदेश देकर किया आश्वस्त

मुंबई

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को लेकर इन दिनों उनके फैंस परेशान हैं. हाल ही में खबर आई थी कि सुपरस्टार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. फिर बताया गया कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है. अमिताभ या उनकी टीम की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, मगर रिपोर्ट्स ने उनके चाहनेवालों को जरूर चिंता में डाल दिया था. अब बिग बी ने इन खबरों के बीच अपना पहला ब्लॉग पोस्ट शेयर कर दिया है। 

अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने फैंस के नाम नया पोस्ट लिखा है. हालांकि उन्होंने तबियत को लेकर बात करने से परहेज किया. उन्होंने बुधवार देर रात एक कविता शेयर करते हुए लिखा, ‘चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन शुरू करें इर बीर फत्ते, कहन्, चल हमऊ, पिलावे सुरू करें. बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लगै जैसे, बोलन लगे कागा रे.’ पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, ‘प्यार, प्रार्थनाएं और बहुत कुछ। 

बिल्कुल ठीक हैं अमिताभ?

मंगलवार, 19 मई को खबर आई थी कि अमिताभ बच्चन, मुंबई के नानावती अस्पताल में 16 मई से भर्ती हैं. उन्हें पेट से जुड़ी समस्या के चलते एडमिट करवाया गया है. हालांकि बाद में एक दूसरी रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक्टर बिल्कुल ठीक हैं और रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे. ई टाइम्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया, ‘मिस्टर बच्चन सही में शनिवार को नानावती अस्पताल गए थे. हालांकि ये एक रूटीन चेकअप के लिए था, जो वो हर महीने करवाते हैं. चेकअप के बाद वो घर आ गए थे. ये खबर एकदम झूठ है. वो बिल्कुल ठीक हैं और शनिवार को रेगुलर हॉस्पिटल विजिट पर गए थे. वो घर आ गए थे और अगले दिन जलसा से जनक तक अपनी कार ड्राइव करके जाते हुए भी दिखे थे. वो फिलहाल घर पर हैं। 

प्रोजेक्ट्स की बात करें तो अमिताभ बच्चन को जल्द फिल्म ‘कल्कि एडी 2898’ के सीक्वल में देखा जाएगा. वो इस फिल्म में एक बार फिर अश्वत्थामा का किरदार निभाएंगे. हाल ही में उन्होंने पिक्चर के सेट से तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिनमें एक्टर कमल हासन को भी देखा गया. डायरेक्टर नाग आश्विन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का पहला पार्ट 2024 में आया था और बॉक्स ऑफिस पर सफल रहा था. इसके अलावा बिग बी ‘सेक्शन 84’ नाम की एक फिल्म भी कर रहे हैं। 

8 लोगों के सामने शूट हुआ इंटीमेट सीन, डेजी शाह बोलीं- किरदार के लिए जरूरी था बोल्ड अंदाज

मुंबई 

एक्ट्रेस बनने से पहले डेजी शाह ने बतौर बैकग्राउंड डांसर अपना करियर शुरू किया था. एक्ट्रेस के तौर पर उन्होंने सलमान खान की फिल्म ‘जय हो’ से पहचान बनाई। बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में डेजी शाह ने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर बात की है. एक्ट्रेस ने ‘हेट स्टोरी 3’ में किए बोल्ड रोल पर भी बात की। 
       
एक्ट्रेस से पूछा गया कि आपने ‘हेट स्टोरी 3’ जैसी मूवी क्यों चुनीं. इस पर उन्होंने कहा कि जय हो के बाद मेरी एक छवि बना दी गई थी। डेजी ने कहा कि जब भी मैं किसी फिल्ममेकर से मिलने जाती थी. या कोई मुझसे मिलने आता था, तो वो कहते थे कि ये लड़की हॉट नहीं लग सकती। मेरे लिए वो मेंटल बैरियर को ब्रेक करना बहुत जरूरी था. इसलिए मैंने ‘हेट स्टोरी 3’ की. क्योंकि मुझे दिखाना था कि मैं ऐसे रोल्स कर सकती हूं।       

एक्ट्रेस से पूछा गया कि ये बोल्ड फिल्म थी. आज कल इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर होते हैं. उस टाइम पर भी ये कॉन्सेप्ट था क्या. उन्होंने कहा कि नहीं हमारे टाइम पर ऐसा नहीं था.  उस समय इंटीमेट शूट करते हुए कुछ बाउंड्री होती हैं. कुछ सीन होते हैं जिसमें आप और आपके को-स्टार होते हैं, जो आपस में बात करते हैं। आप एक-दूसरे से बात करते बताते हैं कि किस चीज में कंर्फेटेबल हैं और किस चीज में नहीं है. एक-दूसरे की लिमिट का सम्मान करते हैं. डेजी ने कहा कि मेरे लिए इंटीमेट शूट करना आसान रहा है। फिल्म के डायरेक्टर विशाल पांडे इंटीमेट शूट के वक्त सेट पर हमेशा जरूरी क्रू को रहने की परमिशन देते थे. इन सीन्स को सिर्फ 7-8 लोगों की बीच शूट किया गया था। 

डेजी शाह का बयान
बैकग्राउंड डांसर से अभिनेत्री बनी डेजी शाह ने एक पुराना किस्सा याद करते हुए इंटरव्यू में बताया कि ‘फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ के सेट पर दीया मिर्जा के पास वैनिटी वैन ना होने की वजह से उन्हें मॉल में जाकर कपड़े बदलने पड़ते थे। वह रेस्टोरेंट के बीच में बैठकर अपना मेकअप किया करती थी। से दशक की काफी सफल अभिनेत्रियों में से एक थी।’

किसी को नहीं मिलती थी वैनिटी वैन
डेजी ने कहा कि ‘एक बार एक गाने की शूटिंग के लिए कपड़े बदलने थे तो उन्हें पास के मॉल में जाकर कॉस्ट्यूम चेंज करने पड़े। जरूरी नहीं उस समय सभी स्टार्स को वैनिटी वैन मिलती थी।’

‘क्योंकि रहना है तेरे दिल में दीया मिर्जा की पहली फिल्म थी। वह मुख्य अभिनेत्री थी। उनकी डेब्यू फिल्म थी और उन्हें कोई वैनिटी नहीं मिली थी। तो डांसर्स को तो भूल ही जाइए। कई बार हमें रेस्टोरेंट में बैठकर मेकअप करना पड़ता था।’

बता दें कि डेजी शाह एक बेहतरीन डांसर है जो बॉलीवुड में बतौर बैकग्राउंड डांसर काम कर चुकी है। सलमान खान के साथ फिल्म ‘जय हो’से उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी।

दीया मिर्जा का डेब्यू
बॉलीवुड इंडस्ट्री में साल 2001 में दीया ने आर माधवन के साथ फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में अभिनेत्री को काफी पसंद किया गया था। आर माधवन के साथ उनकी जोड़ी भी काफी हिट साबित हुई थी।

दुर्गम जंगलों के बीच पहुंची स्वास्थ्य सेवा, 771 ग्रामीणों की हुई जांच

रायपु

दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र ग्राम गमपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुंचकर जनसेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। बीजापुर जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र डोडीतुमनार की टीम ने जंगल और खराब रास्तों की चुनौतियों के बावजूद गांव में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान कुल 771 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई।

स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ मलेरिया, टीबी, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच भी की। सर्वेक्षण के दौरान 5 मलेरिया मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू किया गया। वहीं 2 संभावित टीबी मरीजों और 1 हाई रिस्क गर्भवती महिला को आगे की जांच और उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

जांच के दौरान 1 उच्च रक्तचाप और 2 एनीमिया से पीड़ित मरीजों को भी चिन्हित किया गया। उन्हें आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया।
स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनके गांव के पास इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध हुई है, जिससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। टीम के लगातार प्रयासों से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।

ग्राम गमपुर में चलाया गया यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि यह भी दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य विभाग लोगों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में निखर रही बच्चों की प्रतिभाएं

रायपुर

जिला प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से बीजापुर में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में बच्चों की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिल रही है। एजुकेशन सिटी में आयोजित इस आवासीय शिविर में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आए बच्चे उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कलेक्टर  विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और सुदूर अंचलों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनकी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।

शिविर में जिले के चारों विकासखंडों से आए 260 खिलाड़ी शामिल हैं। बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को दो पालियों में वालीबाल, फुटबॉल, सॉफ्टबॉल, तीरंदाजी, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स और कबड्डी सहित 8 खेलों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को खेलों के नियम, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी भी दी जा रही है। प्रतिदिन योग सत्र आयोजित कर बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

खेल गतिविधियों के साथ बच्चों को सेंट्रल लाइब्रेरी में सामान्य ज्ञान और शैक्षणिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर स्पोर्ट्स अकादमी में प्रवेश देकर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह ग्रीष्मकालीन खेल शिविर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित कर रहा है।

बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का किया जाये युक्तियुक्तकरण : मंत्री डॉ. शाह

बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का किया जाये युक्तियुक्तकरण : मंत्री डॉ. शाह

परामर्श समिति ने मंत्री डॉ. शाह के द्वारा क्षेत्र में किए नवाचारों को सराहा
जनजातीय कार्य विभाग की परामर्श समिति की बैठक हुई

भोपाल 

जनजातीय कार्य विभाग की विभागीय परामर्श समिति की बैठक मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। ब्लॉक मुख्यालय में जो कॉलेज बने हैं वहाँ जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों से विद्यार्थियों को आने के लिये बस सुविधा प्रारंभ की जाए।

बैठक में परामर्श समिति के सदस्यों ने मंत्री डॉ. शाह द्वारा अपने क्षेत्र में जनजातीय समाज की कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए प्रारंभ की गई बस सुविधा और विभिन्न कन्‍या छात्रावासों का नामकरण रानी दुर्गावती और शबरी माता के नाम पर किए जाने की सराहना की गई। बैठक में विधायक कुंवर सिंह टेकाम, जयसिंह मरावी, फुंदेलाल सिंह मार्को, सुगंगा सज्‍जन सिंह उइके, राजन मंडलोई तथा प्रमुख सचिव गुलशन बामरा एवं आयुक्त तरुण राठी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि समिति की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। जब भी विधानसभा की बैठक हो तब परामर्श समिति की बैठक भी आयोजित की जाए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया में जन्म दर की कमी पर विभाग द्वारा विशेषज्ञों से अध्‍ययन कराकर शोध रिपोर्ट बनवाएं। बैठक में यह निर्णय किया गया कि मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों सहारिया, बैगा और भारिया के समग्र कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए जाँए। बैगा जनजाति के लिए उमरिया, सहारिया के लिए शिवपुरी और भारिया जनजाति के लिए छिंदवाड़ा में विशेष विद्यालय प्रारंभ किए जाएं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को हर तरीक़े से प्रोत्साहन दिए जाने की ज़रूरत है। पातालकोट के भारिया बहुल ग्रामों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय परामर्श समिति के सदस्यों और विधायकगणों के सहयोग से तीनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के एक-एक गाँव को आदर्श बनाया जाएगा और यहाँ शासन की हर योजना का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर किया जाये मान्य

बैठक में सुझाव दिया गया है कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए चादर एवं अन्य सामग्री की राशि DBT के माध्यम से न देकर सामग्री प्रदान की जाए। वहीं विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों में अधीक्षकों की पृथक से भर्ती कर शिक्षकों को अध्यापन कार्य में संलग्न किए जाने की आवश्यकता है। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर मान्य किए जाने के लिए भी जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. विजय शाह की पहल को सराहा गया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर और विधायकगणों और कलेक्टर के साथ संयुक्त बैठक कर जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग को मिले यह सुनिश्चित किया जाए।

 

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री सिलावट

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री सिलावट

सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

भोपाल 

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल संसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूर्ण ‍किया जाए। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर कार्यो का निरीक्षण करें एवं निरीक्षण प्रतिवेदन भिजवाएं। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उनकी प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को शिप्रा के निर्मल जल में स्नान कराया जाए और उनकी यात्रा सहज और सुगम हो।

मंत्री सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में जलसंसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री सिलावट ने विभाग की तीन प्रमुख राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एवं तापी मेगा रिचार्ज परियोजना में कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सिलावट ने उज्जैन में कराए जा रहे सिंहस्थ सबंधी कार्यों कान्ह डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना और क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में निर्माणाधीन बैराजों की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागांतर्गत निर्माणाधीन वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। मंत्री सिलावट द्वारा भोपाल में केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर निर्माण कार्य के अंतर्गत बिजली लाइन शिफ्टिंग एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये।

मंत्री सिलावट ने सीएम मॉनिटरिंग से संबंधित प्रकरणों एवं मुख्यमंत्री की विभागीय घोषणाओं से संबंधित सभी बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही इन प्रकरणों की सतत निगरानी करते हुए, इनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट आगामी पन्द्रह दिवस में दिये जाने के निर्देश दिये।

 

अब तक 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेहूँ का उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 30 हजार 426 किसानों से 90 लाख 8 हजार 469 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है।

मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 18 हजार 707 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 78 लाख 52 हजार 546 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है।

मंत्री राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

 

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