अभिषेक बनर्जी को 43 संपत्तियों पर नोटिस, जानिए किन प्रॉपर्टीज को लेकर उठा विवाद

 कोलकाता
पश्चिम बंगाल BJP ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित रूप से जुड़ी 43 संपत्तियों की एक विस्तृत लिस्ट सार्वजनिक कर दी है. इनमें कई संपत्तियां अभिषेक बनर्जी के परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों जैसे ममता बनर्जी, अमृता बनर्जी, सबिता बनर्जी, मिनाती बनर्जी, बाणानी बनर्जी और सायानी घोष के साथ संयुक्त रूप से मालिकाना हक (स्वामित्व)वाली बताई गई हैं। 

इसके अलावा अर्पिता बनर्जी, सुदेष्णा बनर्जी, आकाश बनर्जी, सोमनथ बनर्जी और प्रियंका दास जैसे कई अन्य नाम भी अलग-अलग संपत्तियों के मालिकों या पर्सन लायबल टैक्स के रूप में सूची में शामिल हैं। 

बीजेपी ने इन संपत्तियों की लिस्ट जारी करते हुए आरोप लगाया है कि इनका सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध अभिषेक बनर्जी से जुड़ा हुआ है. सूची में शामिल संपत्तियों के स्वामित्व, स्थान और अन्य विवरणों को सार्वजनिक किया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। 

इस सामने आए डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, कोलकाता के विभिन्न स्ट्रीट और वॉर्डों में दर्ज ये संपत्तियां अलग-अलग लोगों के साथ ज्वाइंट ओनरशिप में हैं. लिस्ट में साफ तौर पर 58/3 बैरकपुर ट्रंक रोड पर स्थित ऑर्बिट ल्यूमियर, गरियाहाट रोड पर स्थित समिरन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी और बेहला के बेचराम चटर्जी रोड स्थित ‘साईं भवन’ जैसी अचल संपत्तियों के असेसी नंबर और पते दर्ज दिखाई दे रहे हैं। 

कोलकाता के कई पॉश इलाकों में फैली हैं संपत्तियां
असेसमेंट विभाग की इस लिस्ट में कोलकाता के कई महत्वपूर्ण इलाकों जैसे डी गुप्ता लेन, धर्मतला रोड, देवेन्द्र घोष रोड, सर्वे पार्क, कालीपद मुखर्जी रोड और मोतीलाल गुप्ता रोड की संपत्तियों को ‘एक्टिव’ स्टेटस में दिखाया गया है. इनमें से अधिकांश संपत्तियों के साथ अलग-अलग मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं, जिन्हें अब जांच और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में लाया जा रहा है। 

सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इन सभी 43 संपत्तियों के स्वामित्व विवरण की गहन जांच कराएगी. जांच में ये पता लगाया जाएगा कि इन संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व कौन है, इनकी खरीदारी के स्रोत क्या हैं और इनमें कोई अनियमितता तो नहीं है। 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि नगर मामलों के विभाग और कोलकाता नगर निगम की संपत्ति रिपोर्टों से पता चला है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की कथित तौर पर स्वामित्व वाली 24 संपत्तियों में से 14 उनकी कथित कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के नाम पर, 4 सांसद के नाम पर और छह उनके पिता के नाम पर पंजीकृत हैं। 

भवानीपुर में एक धन्यवाद सभा में बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री ने तृणमूल के तीन और नेताओं या उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों के बारे में विवरण का खुलासा किया और फिर जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी भ्रष्ट व्यक्तियों को सलाखों के पीछे भेज देगी। 

‘मैंने संपत्ति खोजने का दिया था निर्देश’
शुभेंदु ने लोगों को बताते हुए कहा कि मैंने नगर मामलों के विभाग के सचिव और कोलकाता नगर निगम के आयुक्त से 4 व्यक्तियों की संपत्ति का विवरण प्राप्त करने के लिए कहा था. क्या आप उनके नाम जानना चाहते हैं?

सीएम ने बताया, ‘पहले नंबर पर बेलेघाटा के राजू नस्कर हैं, जिनके पास 18 संपत्तियां हैं. दूसरे नंबर पर कस्बा की सोना पप्पू हैं, जिनके पास 24 संपत्तियां हैं. तीसरे नंबर पर भतीजा अभिषेक बनर्जी हैं. इनमें से 14 संपत्तियां ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी के नाम पर, चार उनके अपने नाम पर और छह उनके पिता के नाम पर पंजीकृत हैं. चौथे नंबर पर जावेद (अहमद) खान (तृणमूल के कस्बा विधायक) के बेटे हैं, जिनके पास 90 संपत्तियां हैं। 

‘सभी भ्रष्ट लोगों को भेजेंगे जेल’
उन्होंने आगे कहा, ‘जनता को लूटने वाले लुटेरे हैं. (पुलिस अधिकारी) शांतनु सिन्हा बिस्वास और (पूर्व मंत्री) सुजीत बोस की तरह, जिन्हें जेल भेजा गया था, बीजेपी सरकार निकट भविष्य में ये सुनिश्चित करेगी कि ऐसे सभी भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाए। 

वहीं, सोमवार को अभिषेक बिधाननगर पुलिस द्वारा हाल ही में उनके खिलाफ दर्ज किए गए एक मामले में सुरक्षा की मांग करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे। 

कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा, पक्षकारों में जमकर विवाद; तहसीलदार ने दर्ज कराई FIR

बलरामपुर.

जमीन से जुड़े मामले में सुनवाई के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे पक्षकार आपस में भिड़ गए. तहसील कार्यालय के पुलिस के निकाले जाने के बाद दोनों पक्ष तहसील परिसर में एक-दूसरे से मारपीट करने लगे. घटना पर वाड्रफनगर तहसीलदार गुरुदत्त पंचभावे की रिपोर्ट पर वाड्रफनगर चौकी पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर धरपकड़ में जुटी है.

दरअसल, वाड्रफनगर तहसीलदार के समक्ष मंगलवार को आवेदक इलियासुदीन पिता जलालूदीन विरूद्ध अनावेदकगण रसीद पिता इलियास, अफजल पिता इलियास और इलियास पिता इस्ताज के प्रकरण की सुनवाई हो रही थी. इसी दरम्यान अनावेदक पक्ष के पक्षकार एवं उनके साथ साक्ष्य के लिए उपस्थित गवाहों ने दूसरे पक्ष के अधिवक्ता सिद्वदकी के साथ गाली-गलौच करते हुए वाद-विवाद और मारपीट करने लगे. कोर्ट से निकाले जाने बाद तहसील एवं सिविल कोर्ट परिसर में दोनो पक्षों ने आपस में मारपीट की.

घटना के मद्देनजर तहसीलदार पंचभोई ने न्यायालय की गरिमा को क्षति पहुंचाने के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालने पर दोनो पक्षों के विरुद्ध शांति भंग करने पर बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई करने पुलिस में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. इसके साथ वीडियो भी संलग्न किया गया, जिससे पुलिस पूरे साक्ष्य के साथ मामले में कार्रवाई कर सके. मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू कर दी है.

करोड़ों की नहर परियोजना में बड़ा खेल! जांच में 2 इंच से कम निकली लाइनिंग

डोंगरगढ़.

डोंगरगढ़ क्षेत्र में देवकट्टा जलाशय से बेलगांव तक बनाई गई करीब 7.5 करोड़ रुपए की नहर परियोजना में गंभीर तकनीकी गड़बड़ियां सामने आने से हड़कंप मच गया है. ताजा निरीक्षण में नहर लाइनिंग की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हुए हैं. जांच के दौरान कई स्थानों पर लाइनिंग की मोटाई निर्धारित मानक से बेहद कम पाई गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी दोनों संदेह के घेरे में आ गई हैं.

जानकारी के मुताबिक नहर लाइनिंग की मोटाई 4 इंच तय थी, लेकिन मौके पर कई हिस्सों में यह 2 इंच से भी कम मिली. कमजोर कंक्रीट और घटिया निर्माण के कारण डेढ़ साल के भीतर ही लाइनिंग उखड़ने लगी है. कई स्थानों पर बेस लेयर खुल चुकी है और नहर की स्थिति किसी टूटी नाली जैसी दिखाई दे रही है. नहर में जगह-जगह सिल्ट और कचरा जमा होने से जल प्रवाह भी प्रभावित हो रहा है. सिर्फ मुख्य नहर ही नहीं, उससे जुड़ी माइनर नहरों में भी भारी लापरवाही सामने आई है.

किनारों की फिलिंग अधूरी बताई जा रही है और पर्याप्त कंपैक्शन नहीं होने से बरसात में कटाव का खतरा बढ़ गया है. कई हिस्सों में कंक्रीट की पतली परत उखड़ रही है, जिससे निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप और तेज हो गए हैं. बुधवार को विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान खामियों को गंभीर मानते हुए ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई गई और दोषपूर्ण हिस्सों में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए. जानकारी यह भी सामने आई है कि मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है.

किसानों का बड़ा आरोप
किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य अधूरा और मानक से कम होने के बावजूद पूरा भुगतान कर दिया गया. उनका दावा है कि यदि माप पुस्तिका और भुगतान रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच हो जाए तो पूरी गड़बड़ी सामने आ सकती है. ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि समय रहते गुणवत्ता सुधार नहीं किया गया तो आगामी बारिश में नहर की लाइनिंग बह सकती है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा है.

गर्मी की छुट्टियों में बदल गई कोर्ट की कार्यप्रणाली, CG हाईकोर्ट ने वीडियो सुनवाई का लिया बड़ा फैसला

बिलासपुर.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संसाधन बचाने और अदालती कामकाज को सुचारू रखने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर हाई कोर्ट प्रशासन ने समर वेकेशन के लिए एक विशेष सर्कुलर जारी किया है.

अब छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, ताकि भीषण गर्मी में अधिवक्ताओं और याचिकाकर्ताओं को बेवजह कोर्ट न आना पड़े. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जारी परिपत्र के अनुसार, अवकाश अवधि में मामलों की सुनवाई सामान्यतः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा सकेगी. इसका उद्देश्य अनावश्यक आवागमन कम करना और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना बताया गया है. परिपत्र में हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” सुविधा देने का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसके लिए यह शर्त रखी गई है कि कार्यालय में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति बनी रहे ताकि कामकाज प्रभावित न हो. घर से कार्य करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध रहना होगा.

ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का सुझाव भी दिया गया है. साथ ही न्यायाधीशों को भी आवश्यकतानुसार कार-पूलिंग के लिए प्रोत्साहित किया गया है. हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा है कि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए संबंधित रजिस्ट्री अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे.

MP कर्मचारियों को बड़ी राहत! तबादलों पर जल्द हटेगी रोक, CM मोहन के ऐलान से बढ़ी हलचल

भोपाल
 मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को आज बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। जी हां लंबे समय से कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक हटाई जा सकती है। इसके बाद धड़ाधड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाएगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजित की गई है। जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों पर रोक लेकर बड़ा ऐलान होने के उम्मीद है।

जानकारी के अनुसार, आज बुधवार को आयोजित होने जा रही कैबिनेट बैठक में तबादला नीति-2026 लाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने पहले ही तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज दिया है। अगर कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो लंबे समय से तबादलों पर लगा रोक हटाया जा सकता है। इसके साथ ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

राज्य सरकार प्रदेश के सरकारी कर्मचारी-अधिकारियों के ट्रांसफर दो स्तर पर करती है। पहले स्तर में लंबे समय से एक ही स्थान पर काम करने वाले  अधिकारियों का तबादला किया जाता है। जबकि दूसरे स्तर में वो अधिकारी शामिल होते है, जिनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं या जिसकी शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसके अलावा कई कर्मचारी अधिकारी स्वेच्छिक आधार पर भी तबादला कराने के लिए आवेदन देते हैं।

आपको बता दें कि राज्य में अब तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभागीय मंत्री को एक जिले से दूसरे जिले में तबादला करने की अनुमति रहेगी, जबकि प्रभारी मंत्रियों को जिले के भीतर ही तबादले का अधिकार दिया जाएगा।

कुछ विशेष मामलों में आवेदन पहले विभाग प्रमुखों के पास जाएंगे और फिर विभागीय मंत्री या प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। पिछले वर्ष 1 मई से तबादले शुरू किए गए थे, जिसमें पहली बार चार स्लैब बनाए गए और तबादलों का दायरा 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था।

MP में 41 हजार मेडिकल स्टोर बंद, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल; मरीजों की बढ़ी परेशानी

भोपाल 
मध्य प्रदेश में 41  हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद, दवा व्यापार पर बड़ा असर Bhopal में देशभर के केमिस्टों की ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल का असर देखने को मिला है. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिसमें लाखों केमिस्ट, फार्मासिस्ट और दवा वितरक शामिल हुए. मध्य प्रदेश में भी लगभग 41 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहे. भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अनुसार ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन है और इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. केमिस्टों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना फार्मासिस्ट निगरानी के दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं, जिससे नकली और गलत दवाओं के वितरण की आशंका बढ़ जाती है. साथ ही भारी छूट और कम कीमत की वजह से छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर्स आर्थिक संकट में हैं. दवा विक्रेताओं ने GSR 220(E) और GSR 817(E)/870(E) जैसे प्रावधानों का विरोध करते हुए ऑनलाइन दवा व्यापार को तुरंत नियंत्रित करने की मांग की है। 

अकेले भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स इस बंद में शामिल हैं। सिर्फ अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को ही खुला रखा गया है।

यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुलाया गया है।

आईओएसीएडी को जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने बताया कि प्रदेश के सभी रिटेल और थोक दवा व्यवसायियों ने इस बंद का समर्थन किया है। यह मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। घर-घर पहुंच रही ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट सिस्टम नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

हड़ताल से मरीज परेशान, दवा नहीं मिलने पर बुजुर्ग भटकते रहे

ग्वालियर के दवा बाजार में दवा लेने पहुंचे बुजुर्ग हरिओम कश्यप ने बताया कि वह अपनी 75 साल की पत्नी के लिए दवा लेने आए थे, लेकिन बाजार बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

काफी देर भटकने पर भी उन्हें दवा नहीं मिलीं। उन्होंने कहा कि जिस दवा के लिए वह आए हैं, वह उनकी पत्नी के लिए बेहद जरूरी है। समय पर दवा नहीं मिलने से उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है।

अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स बंद से मुक्त

    अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।

    इमरजेंसी मरीजों के लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाई गई है। संपर्क के लिए नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर कॉल कर मरीज दवा की मांग कर सकते हैं। टास्क फोर्स जरूरतमंदों तक दवाएं पहुंचाने का काम करेगी

कोविड-19 के दौरान सरकार ने ई-फार्मा को छूट दी कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा स्टोर्स (ऑनलाइन मेडिकल स्टोर्स) को कई बड़ी रियायतें दी थीं। सरकार ने ई-फार्मा को आवश्यक सेवा का दर्जा दिया, जिससे लॉकडाउन में भी उनकी डिलीवरी बिना रोक-टोक जारी रही। इसके अलावा, नियमों में ढील देते हुए डॉक्टरों के डिजिटल प्रिसक्रिप्शन (व्हाट्सएप या ईमेल पर भेजी गई पर्ची) के आधार पर दवाइयां बेचने की मंजूरी दी गई।

घर-घर जाकर दवाइयां पहुंचाने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया ताकि लोग अस्पतालों या मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर बैठे ही अपनी रेगुलर और जरूरी दवाइयां मंगा सकें।

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।

एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

PM मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद ‘सपेरे’ वाले कार्टून पर विवाद, सोशल मीडिया पर भड़के लोग

नई दिल्ली
नॉर्वे के एक बड़े अखबार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक कार्टून बनाया है जिस पर अब विवाद शुरू हो गया. इस कार्टून में पीएम मोदी को सपेरे की तरह दिखाया गया था. उनके हाथ में सांप जैसी दिखने वाली एक पेट्रोल पाइप भी दिखाई गई. कार्टून के साथ छपे लेख का शीर्षक था, “A clever and slightly annoying man” यानी “एक चालाक और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी। 

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस कार्टून को नस्लवादी बताया. लोगों का कहना है कि पश्चिमी मीडिया अब भी भारत को “सपेरों का देश” वाली पुरानी सोच से देखता है. कई यूजर्स ने लिखा कि यह भारत की गलत और पुरानी छवि दिखाने की कोशिश है। 
एक यूजर ने एक्स पर लिखा, “यह कार्टून रेसिस्ट लगता है. पीएम मोदी खुद कई बार कह चुके हैं कि पहले दुनिया भारत को सपेरों का देश मानती थी, लेकिन अब वही सोच फिर दिखाई जा रही है.” कुछ लोगों ने इसे “औपनिवेशिक मानसिकता” भी बताया। 

विवाद तब और बढ़ गया जब नॉर्वे की पत्रकार हेले लाइंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा कि पीएम मोदी मीडिया से सवाल क्यों नहीं लेते. उन्होंने भारत में प्रेस फ्रीडम और मानवाधिकारों का मुद्दा भी उठाया. हालांकि पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गाहर बिना जवाब दिए वहां से चले गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 

इसके बाद भारत की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई. भारतीय राजनयिक सिबि जॉर्ज ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मीडिया को समझे बिना कुछ विदेशी संस्थाएं अधूरी जानकारी के आधार पर राय बना लेती हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ दिल्ली में ही 200 से ज्यादा न्यूज चैनल हैं और भारत जैसे बड़े देश को समझना आसान नहीं है। 

इससे पहले भी कई विदेशी मीडिया संस्थानों पर भारत को पुराने “स्नेक चार्मर” वाले स्टीरियोटाइप में दिखाने के आरोप लग चुके हैं. पीएम मोदी ने 2014 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में कहा था कि दुनिया कभी भारत को “स्नेक चार्मर्स” यानी “सपेरों का देश” कहती थी, लेकिन आज भारत टेक्नोलॉजी और आईटी की ताकत बन चुका है। 

इटली में दिखी ‘मेलोडी’ की शानदार केमिस्ट्री, PM मोदी और मेलोनी ने साथ किया डिनर, फिर पहुंचे कोलोसियम

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के अहम कूटनीतिक दौरे के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम पहुंचने पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद खास अंदाज में उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने डिनर के बाद रोम के ऐतिहासिक ‘कोलोसियम’ का एक साथ दौरा किया है। इसके बाद, सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘मेलोडी’ (Meloni+Modi = Melodi) ट्रेंड कर रहा है।

तस्वीरों में ‘मेलोडी’ का खास अंदाज
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन तस्वीरों को शेयर किया है। इन खास तस्वीरों में भारत-इटली की मजबूत होती दोस्ती और दोनों नेताओं के बीच की सहजता साफ देखी जा सकती है। पहली दो तस्वीरों में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी एक बालकनी से रोम शहर के खूबसूरत नजारों को निहारते और गहरी बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी अपने चिर-परिचित नीले रंग के लिबास में हैं, जबकि मेलोनी पीच रंग के खूबसूरत और सौम्य परिधान में हैं।

एक तस्वीर में दोनों नेता कार की पिछली सीट पर बैठे हैं और कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे हैं। यह तस्वीर दोनों के बीच की बेहतरीन व्यक्तिगत बॉन्डिंग को दर्शाती है।

कोलोसियम का ऐतिहासिक नजारा: एक अन्य तस्वीर रात के समय की है, जहां दोनों नेता रोम की सबसे भव्य और प्राचीन इमारत ‘कोलोसियम’ के सामने खड़े होकर पोज दे रहे हैं।

पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “रोम में उतरने के बाद, मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद मैंने मशहूर कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। आज होने वाली हमारी बातचीत का मुझे बेसब्री से इंतजार है, जिसमें हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत बनाने के विषय पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।”

मेलोनी ने क्या कहा?
जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोम पहुंचने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “वेलकम टू रोम, माय फ्रेंड!”

पहले भी वायरल हुईं मोदी-मेलोनी की तस्वीरें
यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हों। इससे पहले साल 2023 में दुबई में हुए COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी की ‘Good friends at COP28’ वाली सेल्फी काफी वायरल हुई थी।

वहीं, साल 2024 में इटली के अपुलिया में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ‘मेलोडी टीम की तरफ से हैलो’ वीडियो ने भी दुनियाभर में चर्चा बटोरी थी।

दोनों नेताओं की यह आठवीं मुलाकात
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साल 2023 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच यह आठवीं मुलाकात है। मार्च 2023 में मेलोनी की भारत यात्रा और जी-20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी थी।

 

पीएम मोदी और मेलोनी का संदेश
इन पलों को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रोम में उतरने के बाद, प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ डिनर पर मुलाकात का अवसर मिला, जिसके बाद ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। आज होने वाली हमारी वार्ता को लेकर उत्सुक हूं, जहां हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत करने के तरीकों पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।

वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी के साथ की तस्वीर साझा करते हुए गर्मजोशी से लिखा- रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त! इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है जहां पीएम मेलोनी पीएम मोदी को रोम शहर के बारे में बता रही हैं।

आज की द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा
यह यात्रा केवल इन शानदार तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने का एक बड़ा अवसर है। ताज़ा जानकारियों के अनुसार, आज होने वाली आधिकारिक मुलाकातों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

रणनीतिक साझेदारी (2025-2029): दोनों देश ‘जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ की समीक्षा करेंगे। इसके तहत व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जाएगा। (आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16.77 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है)।

IMEC पर जोर: इस द्विपक्षीय वार्ता में ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे’ (IMEC) को लेकर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।

FAO मुख्यालय का दौरा: पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के ‘खाद्य और कृषि संगठन’ (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

राष्ट्रपति से मुलाकात: पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे।

प्रवासी भारतीयों द्वारा भव्य स्वागत
रोम पहुंचने पर पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने बेहद शानदार स्वागत किया। इस दौरान इतालवी कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत (राग हंसध्वनि) और कथक नृत्य प्रस्तुत किया। पीएम मोदी ने बच्चों को ऑटोग्राफ दिए, वाराणसी के घाटों की एक पेंटिंग देखी और भारतीय मूल के लोगों से खास बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने ‘सनातन धर्म संघ’ की इटली में आधिकारिक मान्यता को लेकर आध्यात्मिक गुरुओं से भी मुलाकात की।

यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के सफल दौरे के बाद, इटली में पीएम मोदी का यह स्वागत भारत की मजबूत होती वैश्विक पकड़ और इटली के साथ गहरी होती साझेदारी का एक स्पष्ट संकेत है। इन तस्वीरों ने कूटनीति के साथ-साथ दो वैश्विक नेताओं की व्यक्तिगत दोस्ती को भी बखूबी बयां किया है।

अमिताभ बच्चन की तबीयत को लेकर फैन्स की बढ़ी चिंता, बिग बी ने खास संदेश देकर किया आश्वस्त

मुंबई

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को लेकर इन दिनों उनके फैंस परेशान हैं. हाल ही में खबर आई थी कि सुपरस्टार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. फिर बताया गया कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया है. अमिताभ या उनकी टीम की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, मगर रिपोर्ट्स ने उनके चाहनेवालों को जरूर चिंता में डाल दिया था. अब बिग बी ने इन खबरों के बीच अपना पहला ब्लॉग पोस्ट शेयर कर दिया है। 

अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने फैंस के नाम नया पोस्ट लिखा है. हालांकि उन्होंने तबियत को लेकर बात करने से परहेज किया. उन्होंने बुधवार देर रात एक कविता शेयर करते हुए लिखा, ‘चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन शुरू करें इर बीर फत्ते, कहन्, चल हमऊ, पिलावे सुरू करें. बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लगै जैसे, बोलन लगे कागा रे.’ पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, ‘प्यार, प्रार्थनाएं और बहुत कुछ। 

बिल्कुल ठीक हैं अमिताभ?

मंगलवार, 19 मई को खबर आई थी कि अमिताभ बच्चन, मुंबई के नानावती अस्पताल में 16 मई से भर्ती हैं. उन्हें पेट से जुड़ी समस्या के चलते एडमिट करवाया गया है. हालांकि बाद में एक दूसरी रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक्टर बिल्कुल ठीक हैं और रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए थे. ई टाइम्स ने एक सूत्र के हवाले से बताया, ‘मिस्टर बच्चन सही में शनिवार को नानावती अस्पताल गए थे. हालांकि ये एक रूटीन चेकअप के लिए था, जो वो हर महीने करवाते हैं. चेकअप के बाद वो घर आ गए थे. ये खबर एकदम झूठ है. वो बिल्कुल ठीक हैं और शनिवार को रेगुलर हॉस्पिटल विजिट पर गए थे. वो घर आ गए थे और अगले दिन जलसा से जनक तक अपनी कार ड्राइव करके जाते हुए भी दिखे थे. वो फिलहाल घर पर हैं। 

प्रोजेक्ट्स की बात करें तो अमिताभ बच्चन को जल्द फिल्म ‘कल्कि एडी 2898’ के सीक्वल में देखा जाएगा. वो इस फिल्म में एक बार फिर अश्वत्थामा का किरदार निभाएंगे. हाल ही में उन्होंने पिक्चर के सेट से तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिनमें एक्टर कमल हासन को भी देखा गया. डायरेक्टर नाग आश्विन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का पहला पार्ट 2024 में आया था और बॉक्स ऑफिस पर सफल रहा था. इसके अलावा बिग बी ‘सेक्शन 84’ नाम की एक फिल्म भी कर रहे हैं। 

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