कोरबा जिले को मिली 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात

रायपुर

 कोरबा जिले को 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात प्राप्त हुई है। आज बुधवार कोरबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने औपचारिक कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये आधुनिक वाहन उन्नत तकनीक से लैस हैं, जिनमें आधुनिक कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस सिस्टम तथा स्मार्ट मोबाइल उपकरण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में और अधिक त्वरित, सटीक एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

प्रदेश में छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-दो (नेक्स्ट जेन) के अंतर्गत अब सभी 33 जिलों में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश को कुल 400 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों को 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।

डायल 112 सेवा के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित आपातकालीन सहायता मिल सकेगी। यह व्यवस्था आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हुए जिला स्तर पर सुरक्षा एवं सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर करेगी। कार्यक्रम के दौरान कटघोरा विधायक  प्रेमचंद पटेल, तथा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर मती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर  कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी उपस्थित थे।

डायल 112 के नए वाहनों के शुभारंभ से जिले में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिससे नागरिकों को और अधिक सुरक्षित, त्वरित एवं विश्वसनीय सहायता मिल सकेगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन सम्पन्न

रायपुर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि सम्मेलन में कई नई आवासीय परियोजनाओं एवं प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिनसे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में मंडल का 86 वाँ मंडल सम्मेलन आज मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया गया। सम्मेलन में राज्य में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया।

तीन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं को मिली मंजूरी
                
 दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका (तिल्दा), जिला रायपुर- दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका में व्यावसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।
                 
स्ववित्तीय अटल विहार योजना, गिनाबहार, जिला जशपुर – गिनाबहार में 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस सहित कुल 97 आवासीय भवनों तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य के लिए स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है।
                
स्ववित्तीय योजना, सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली दृ सारधा में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण तथा 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 44.82 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रस्तावों को भी मंजूरी
                
सम्मेलन में निर्माण कार्यों के लिए जीएसटी भुगतान प्रणाली तथा रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने हेतु समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की 25 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार मंडल में यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के संचालन हेतु पीपीपी मोड में एजेंसी नियुक्ति को मंजूरी
               

 सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पीपीपी मॉडल के अंतर्गत एजेंसी चयन हेतु निविदा दस्तावेज एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया।

वर्ष 2026 के प्रथम चार महीनों में 317 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय
                 
सम्मेलन में सदस्यों को अवगत कराया गया कि मंडल ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में लगभग 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1,647 संपत्तियों का सफल विक्रय किया है। यह उपलब्धि मंडल की योजनाओं के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
               
 86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त  अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव  डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि  जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि  निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि  हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अबूझमाड़ में महुआ प्रसंस्करण के लिए बनेगा जनजातीय सहकारी मॉडल, संग्राहकों को हो रहा है सीधा ऑनलाइन भुगतान

रायपुर

अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास और वहां जनजातीय (आदिवासी) नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण (च्तवबमेेपदह) के लिए एक प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण तथा आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए वन धन योजना और श्ट्राईफेडश् के तहत महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघश् की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। 

वन धन समितियों द्वारा तैयार हो रहे हैं महुआ के कई उत्पाद
        
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वन धन सहकारी समितियों द्वारा महुआ के फूलों से विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। महुआ लड्डू और कुकीज, महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ का अचार और महुआ उत्पादों की प्रोसेसिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने हेतु स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों का संरक्षण और वित्तीय पारदर्शिता
       
 बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संग्रहण से जुड़े व्यापार में सरकार को वित्तीय हानि से बचाने और संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभांश पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा वर्तमान में संग्राहकों को पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए एक आधुनिक सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा हो रही है।

इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं-वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा,  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मती शम्मी आबिदी, गृह विभाग सचिव मती नेहा चंपावत, पीसीसीएफ निवास राव इसके साथ ही वन विभाग तथा लघु वनोपज संघ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने के कार्यों में आएगी तेजी

रायपुर

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन) के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर ले-आउट और फ्लोर-प्लान जाना। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।  बंसल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ बनाने के लिए तकनीकी कार्यों औऱ व्यवस्थाओं में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग और चिप्स को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, अपर सचिव  एस.एन. वास्तव, मुख्य अभियंता  टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता  डी.के. नेताम और कार्यपालन अभियंता  अभिनव वास्तव भी इस दौरान मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ‘लोकभवन’ का निर्माण राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप उत्कृष्टता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे परिसर के सौंदर्य, सूरज की रोशनी और पूर्ण उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने भवन की सभी बारीकियों पर पुख्ता काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रमों के आयोजन के लिए यहां बन रहे सभा-भवनों और कार्यालयीन कक्षों की बैठक व्यवस्था पहले से ही निर्धारित कर उनके अनुरूप कार्यों को अंजाम देने को कहा। उन्होंने भवन के निर्माण कार्य में लगे अलग-अलग एजेंसियों से कार्य प्रगति की जानकारी लेकर यथाशीघ्र सभी कार्य पूर्ण कर इसे लोक निर्माण विभाग को हैंड-ओवर करने को कहा।  

लोक निर्माण विभाग के सचिव  बंसल ने नए विधानसभा भवन में प्रवेश द्वार, सदन, अधिकारी दीर्घा, लॉबी, डाइनिंग एरिया, मीडिया ब्रीफिंग एरिया, समिति कक्ष, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, उप मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रियों के कार्यालयों, ऑफिसर लाउंज और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों के कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सभी कार्यालयीन कक्षों में समुचित फर्नीचर और बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए भवन में वर्तमान व्यवस्था की कमियों और खामियों को आगामी मानसून सत्र के पहले दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

विभागीय सचिव ने विधानसभा को ‘पेपरलेस’ करने तकनीकी व्यवस्थाओं को तेजी से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और चिप्स के अधिकारियों के साथ इसके लिए जरूरी इंतजामों, उपकरणों, हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स की भी समीक्षा की। उन्होंने बेहतर समन्वय और तेजी से काम करते हुए इस साल के शीतकालीन सत्र तक सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर पखवाड़े इसकी प्रगति की समीक्षा करने भी कहा।

 बंसल ने विधानसभा परिसर में गाड़ियों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था के साथ वाहन चालकों के लिए सर्वसुविधायुक्त कक्ष भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-3 में पास-काउंटर के पास आगंतुकों के लिए बनने वाले प्रतीक्षालय कक्ष के साथ ही विधानसभा ड्यूटी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैन्टीन बनाने का भी सुझाव दिया।

 

रायपुर : सियान गुड़ी बन रही वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहारा और सम्मान का केंद्र

रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है। समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं।

इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है। हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।

सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है। सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।

समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ को मिली 16 अत्याधुनिक डायल-112 ईआरवी वाहनों को दिखाई हरी झंडी

रायगढ़

 सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले को छत्तीसगढ़ डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन) के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की सौगात मिली है। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी संकट की स्थिति में अब रायगढ़वासियों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि “डायल-112  एक्के नम्बर, सब्बो बर” की अवधारणा के साथ यह सेवा पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है। राज्यभर में 400 से अधिक आधुनिक वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन प्रदान किए गए हैं।

कानून-व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यह योजना शासन के बड़े निर्णयों का धरातल पर दिखाई देने वाला परिणाम है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सुविधा होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नए वाहन

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि डायल-112 योजना वर्ष 2018 से संचालित है, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए ईआरवी वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

अब एक ही नंबर पर सभी आपात सेवाएं

नई डायल-112 प्रणाली के तहत पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सहायता सेवाओं को एकीकृत किया गया है। रायपुर स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से इन सेवाओं का संचालन किया जाएगा।

कार्यक्रम में महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे,  सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पेयजल की नियमित जलापूर्ति और शुद्धता की जांच जरूरी- मुख्य सचिव

रायपुर

 मुख्य सचिव  विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
      
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर
      

 मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है।
ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी।

वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश
        
 मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।
       
इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए।

सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति
         
बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।
      
पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।
       
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव मती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव  रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

 

छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए समर कैंप की तैयारी, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

रायपुर.

ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए समर कैंप आयोजित करने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक गतिविधियों और बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

जारी निर्देशों के अनुसार समर कैंप का आयोजन स्कूलों या गांव-शहर के सामुदायिक स्थानों में किया जा सकेगा। कैंप का संचालन प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक किया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि समर कैंप में कला एवं रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों को औद्योगिक संस्थान, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य बड़े संस्थानों का भ्रमण भी कराया जा सकेगा। समर कैंप में स्कूल शिक्षकों और पालकों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंप में चित्रकला, गायन-वादन, निबंध एवं कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य, खेलकूद और स्थानीय इतिहास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इसके अलावा जिला और स्कूल स्तर पर अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी शामिल किया जा सकेगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि समर कैंप पूर्णतः स्वैच्छिक रहेगा और इसके लिए अलग से कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग का उपयोग करने को कहा गया है।समर कैंप के आयोजन से पहले शाला विकास समिति और पालक-शिक्षक समिति की सहमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही ग्रीष्मकालीन प्रायोजना कार्यों को शिक्षक और पालकों के सहयोग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने और प्रतिभा निखारने के अवसर के रूप में उपयोग करें तथा आयोजित गतिविधियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं।

विगत एक सप्‍ताह मेंदिल्ली, गुजरात, बिहार एवं उत्तरप्रदेश से 5 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर लौटाई परिवारों की मुस्कान

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्‍ताह में पुलिस टीम ने प्रदेश के अन्‍य राज्‍यों से5 गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है।

उज्जैन

जिले के उन्हेल थाना पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत त्वरित कार्यवाही करते हुए गुमशुदा 16 वर्षीय बालिका को महज 24 घंटे के भीतर राजकोट (गुजरात) से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा। पुलिस की तत्परता एवं तकनीकी जांच के चलते बालिका सुरक्षित वापस लाई जा सकी, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।

कटनी

जिले में भी ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई। बरही थाना पुलिस ने अपहृत बालिका को दिल्ली से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।

वहीं थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने एक अन्य गुमशुदा नाबालिग बालिका को बिहार के पटना जिले से सुरक्षित खोज निकाला।

मुरैना

जिले के थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुमशुदा 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को प्रकरण दर्ज होने के 16 दिवस के भीतर हापुड़ (उत्तरप्रदेश) से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।

गुना

जिले में अपहृत अथवा गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी हेतु सतत एवं संवेदनशील कार्रवाई के तहत कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए लापता किशोरी को दिल्ली से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा एवं परिवारों की भावनाओं से जुड़ा मानवीय प्रयास बन चुका है। प्रदेश पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों, साइबर ट्रैकिंग, स्थानीय पुलिस समन्वय एवं निरंतर मैदानी प्रयासों के माध्यम से गुमशुदा बच्चों की तलाश में लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बालक अथवा बालिका के गुम होने की स्थिति में तत्काल निकटतम थाना अथवा डायल-112 पर सूचना दें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित खोजा जा सके। अभियान के अंतर्गत गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं दस्तयाबी की कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।

 

सजगता, सहयोग और सावधानी से सिकल सेल उन्मूलन संभव : राज्यपाल पटेल

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के उन्मूलन में जागरूकता और जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर जांच और समुचित उपचार से रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। जानकारी के अभाव में यह बीमारी माता-पिता से बच्चों तक पहुंच जाती है, लेकिन सजगता, सहयोग और सावधानी से इसका उन्मूलन संभव है। राज्यपाल  पटेल बुधवार को बैतूल के भीमपुर में सिकल सेल स्वास्थ्य शिविर एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  दुर्गादास उईके भी मौजूद थे।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही हैं। देशभर में लगभग 7 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन इसी दिशा में मजबूत कदम है। राज्यपाल  पटेल ने बैतूल जिले में सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” के संकल्प से सिकल सेल उन्मूलन का आह्वान किया।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि कोई भी बच्चा सिकल सेल से प्रभावित नहीं हो। इसके लिए विवाह से पूर्व लड़का और लड़की के स्वास्थ्य कार्ड का मिलान अवश्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए एलोपैथी, आयुर्वेद और होम्योपैथी में शोध एवं उपचार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल  पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. मरीजों को तैलीय एवं फास्ट फूड नहीं खाने, पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने तथा अनुशासित जीवन शैली अपनाने की सलाह दी।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, जनजातीय ग्रामों की अधोसंरचना विकास और मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से अभूतपूर्व है।  उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों का मानचित्र तैयार कर सरकार के प्रयासों को आवश्यकताओं के अनुरूप पहुँचाने के निर्देश दिए।  राज्यपाल  पटेल ने कहा कि शिक्षा ही प्रगति और सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। बेटियों को प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों को अच्छी शिक्षा देने का आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री जनजातीय मामले  दुर्गादास उइके ने कहा कि भीमपुर में सिकल सेल जांच मशीन का लोकार्पण जनजातीय एवं वंचित समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। केंद्रीय मंत्री  उईके ने राज्यपाल  पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में चल रहे सिकल सेल जागरूकता एवं उन्मूलन प्रयासों की सराहना की।

सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जांच मशीन “गजेल” का लोकार्पण

राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया जांच की अत्याधुनिक मशीन “गजेल” का लोकार्पण किया। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि मशीन जनजातीय बाहुल्य भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित की जाएगी। सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया जैसी आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारियों की त्वरित एवं सटीक जांच में सहायक होगी।

“मिशन रानी” अभियान का किया शुभारंभ

राज्यपाल  पटेल ने कार्यक्रम में “मिशन रानी” अभियान का भी शुभारंभ किया। अभियान में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय कार्य विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह अभियान महिलाओं, किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती माताओं में एनीमिया नियंत्रण के लिए प्रारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य एनीमिया में कमी लाना, रक्त में हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार करना तथा सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जैसी बीमारियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत हीमोग्लोबिन जांच, संपूर्ण रक्त जांच, सीरम फेरिटिन, विटामिन बी-12 एवं विशेष रक्त परीक्षण किए जाएंगे।

हितलाभ वितरण और प्रदर्शनी अवलोकन

राज्यपाल  पटेल ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। सिकल मित्र प्रमाण पत्र, जेनेटिक कार्ड, फूड बास्केट, मां गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह, सी.सी.एल. राशि प्रदान की। सी.बी.एस.ई. कक्षा 12वीं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सेजल उईके, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शिवानी उईके तथा अंतर्राष्ट्रीय कराटे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कल्याणी कोड़पे को सम्मानित किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, वन और स्वास्थ्य विभाग के स्टालों का भी निरीक्षण किया। विभागीय गतिविधियों, योजनाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

 

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