Prime Video की ‘Off Campus’ में मीका अब्दुल्ला की चर्चा, महिमा चौधरी से हो रही तुलना

प्राइम वीडियो की नई सीरीज ‘ऑफ कैंपस’ (Off Campus) लगातार चर्चा में बनी हुई है. 13 मई को इस शो का प्रीमियर हुआ था. तब से सोशल मीडिया पर इसने धमाल मचाया हुआ है. फैंस लगातार सीरीज को लेकर एडिट्स, क्लिप्स और रिएक्शन्स शेयर कर रहे हैं. ‘ऑफ कैंपस’ की लीड जोड़ी हैना वेल्स (Ella Bright) और गैरेट ग्राहम (Belmont Cameli) की जबरदस्त केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया है. मगर भारत में कोई और ही जनता का खूब ध्यान खींच रहा है.

लेखिका एली केनेडी (Elle Kennedy) की बेस्ट सेलिंग बुक सीरीज पर बना ‘ऑफ कैंपस’ शो, कॉलेज में पढ़ने वाले हैना और गैरेट की लव स्टोरी है. इन दोनों को प्यार होता है और उनकी जिंदगी बदल जाती है. शो में यंग एक्टर्स एला ब्राइट और बेलमॉन्ट कमेली ने बढ़िया का किया है. लेकिन शो में एक और किरदार है, जिसने भारतीय दर्शकों को हैरान कर दिया है. वो है एली हेज का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस मीका अब्दुल्ला (Mika Abdalla).

सीरीज में दिखीं महिमा चौधरी की बेटी?
कई भारतीय दर्शकों ने सीरीज देखते हुए नोटिस किया है कि मीका अब्दुल्ला दिखने में काफी हद तक बॉलीवुड एक्ट्रेस महिमा चौधरी जैसी हैं. ऐसे में यूजर्स ने दोनों के लुक्स की तुलना शुरू कर दी. यंग महिमा चौधरी को याद किया जाने लगा. इसके अलावा कुछ यूजर्स ऐसे भी थे, जिन्हें मीका को देखकर महिमा की बेटी अरियाना चौधरी की याद आ गई. मीका अब्दुल्ला और अरियाना चौधरी की शक्ल भी बहुत मिलती-जुलती है. ऐसे में यूजर्स का कन्फ्यूज होना लाजिमी था.

एक इंस्टाग्राम यूजर ने सीरीज में मीका अब्दुल्ला के डांस करते हुए वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘प्लॉट ट्विस्ट: महिमा चौधरी की असली बेटी ऑफ कैंपस में ही थी सबके सामने.’ वीडियो में महिमा चौधरी के यंग दिनों की तस्वीरें भी शामिल थीं. वीडियो शेयर होने के तुरंत बाद कमेंट्स सेक्शन फैंस से भर गया. एक फैन ने लिखा, ‘मुझे भी यही लगा था. वो बिल्कुल उनकी रेप्लिका हैं. वो साइड लुक…’ दूसरे फैन ने लिखा, ‘सही में भाई. मेरे दिमाग में सबसे पहले यही आया था.’ तीसरे ने कहा, ‘सच में ब्रो, वो महिमा चौधरी जैसी ही लगती हैं.’ एक और यूजर ने लिखा, ‘आखिरकार किसी ने ये बात कह ही दी. मेरा ख्याल भी बिल्कुल यही था.’ एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘मुझे लगा मैं अकेली हूं जिसे लगा वो महिमा चौधरी जैसी दिखती है.’

कौन है मीका अब्दुल्ला?
‘ऑफ कैंपस’ सीरीज में मीका अब्दुल्ला ने एली हेज (Allie Hayes) का रोल निभाया है. एली, शो की हीरोइन हैना वेल्स की क्लोज फ्रेंड और रूममेट हैं. इस अमेरिकी कॉलेज रोमांस ड्रामा में बेलमॉन्ट कमेली, स्टीफन कलिन, जेलन थॉमस ब्रुक्स संग अन्य ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं. लुईसा लेवी (Louisa Levy) का क्रिएट किया गया ये शो एक म्यूजिक स्टूडेंट और यूनिवर्सिटी के स्टार हॉकी प्लेयर के रोमांस की कहानी है, जो फिलहाल अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग हो रहा है.

ग्लोबल बाजारों में गदर, सेंसेक्स-निफ्टी में ताबड़तोड़ रैली; ये 10 शेयर बने सुपरहिट

मुंबई 
अमेरिका से लेकर एशियाई शेयर बाजारों तक में जोरदार तेजी से भारतीय शेयर बाजार का मूड भी सुधरा है और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला. इस तेजी के बीच बीईएल, इंडिगो से लेकर जोमैटो की पेरेंट कंपनी एटरनल और टाटा स्टील जैसे शेयक खुलते ही दौड़ लगाते नजर आए। 

सेंसेक्स-निफ्टी में तेज उछाल 
गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,318 की तुलना में तेजी लेकर 75,732 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ये 75,945 पर कारोबार करता हुआ नजर आया. BSE Sensex की तरह एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी बुधवार के अपने बंद 23,659 के मुकाबले तेजी लेकर 23,830 पर ओपन हुआ। 

ये 10 शेयर खुलने के साथ ही भागे
Share Market की तेज शुरुआत के बीच अगर सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndiGo Share (2.60%), BEL (2.20%), Eternal Share (1.80%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था। 

इसके अलावा मिडकैप में शामिल TI India Share (2.10%), Godrej Properties Share (1.80%), Bharat Forge Share (1.50%)और Suzlon Share (1.40%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में देखें, तो Samman Cap Share (7%), AIIL Share (4%), Angel One Share (3.60%) की तेजी में नजर आया। 

विदेशों से मिले थे ग्रीन सिग्नल
भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से भी ग्रीन सिग्नल मिल रहे थे, एक ओऱ जहां अमेरिकी शेयर बाजारों में बीते कारोबारी दिन तूफानी उछाल देखने को मिला था और Dow Jones 645 अंक की धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुआ था, तो वहीं खुलने के साथ ही गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में धमाल मचा था. जापान का निक्केई 2000 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 7.70 फीसदी या 560 अंक की तेजी देखने को मिली। 

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

रायपुर में शुरू हुआ ई-रिक्शा पंजीयन अभियान, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर.

राजधानी में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो के ऑनलाइन पंजीयन के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने इस अभियान का शुभारंभ किया। जनहित फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किए गए क्यूआर कोड और ऑनलाइन पंजीयन लिंक के जरिए ई-रिक्शा चालकों और मालिकों को अगले 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

पूरी जानकारी होगी दर्ज
ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया में ई-रिक्शा मालिक और चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस अभियान से राजधानी में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो की वास्तविक संख्या का पता चल सकेगा। साथ ही वाहन संचालकों का पूरा डेटा भी पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा।

बिना पंजीयन पर होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने 5 जून तक विशेष पंजीयन अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ई-रिक्शा और ऑटो चालक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से भी आसानी से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 5 जून के बाद बिना पंजीयन के संचालित होने वाले ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में यातायात व्यवस्था को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

गर्मी की छुट्टियों में स्कूल खोलना पड़ा भारी, DPI ने कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश

रायपुर.

भीषण गर्मी के बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान स्कूल संचालित करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों पर अब कार्रवाई की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को ऐसे स्कूलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए भी कहा गया है।

20 अप्रैल से 15 जून तक घोषित है ग्रीष्मकालीन अवकाश
राज्य सरकार की ओर से सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त और अशासकीय विद्यालयों में 20 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। इसके बावजूद कई निजी स्कूलों में बच्चों को बुलाकर नियमित कक्षाएं संचालित किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं।

आदेश की अनदेखी कर स्कूल चला रहे कई निजी संस्थान
जानकारी के मुताबिक कुछ अशासकीय विद्यालय शासन के स्पष्ट आदेश के बावजूद विभिन्न कारणों से स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। शासन ने इसे आदेश का उल्लंघन माना है और ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। हाल ही में हाई कोर्ट ने भी अवकाश अवधि के दौरान निजी स्कूलों में कक्षाएं संचालित किए जाने पर चिंता व्यक्त की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

भारत में लॉन्च हुई MINI Cooper S JCW GP Inspired Edition, 58.90 लाख में मिलेगा दमदार स्पोर्टी लुक

मुंबई 

प्रीमियम हैचबैक निर्माता कंपनी MINI India ने इस महीने की शुरुआत में अपनी MINI Cooper S JCW GP इंस्पायर्ड एडिशन की बुकिंग शुरू की थी, और अब कंपनी ने इस कार को भारत में लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस स्पेशल ए़डिशन को 58.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है। 

भारतीय बाज़ार के लिए इस कार की सिर्फ़ 30 यूनिट्स ही सीमित रखी गई हैं. यह स्पेशल एडिशन MINI GP से इंस्पायर्ड है और विक्ट्री एडिशन के बाद MINI Cooper S पर बेस्ड दूसरा स्पेशल एडिशन है, जिसे भारतीय बाजार में पेश किया गया है। 

MINI Cooper S JCW GP इंस्पायर्ड एडिशन का डिजाइन
GP इंस्पायर्ड एडिशन को एक्सक्लूसिव लेजेंड ग्रे एक्सटीरियर शेड में फिनिश किया गया है, जिसके कंट्रास्ट में चिली रेड रूफ और मिरर कैप्स हैं. इसमें GP-इंस्पायर्ड बोनट और साइड स्ट्राइप्स भी हैं, जो रेड और ग्रे कलर में फिनिश किए गए हैं, और कार के C-पिलर पर ‘1/30’ बैजिंग है। 

MINI ने John Cooper Works के लिए कई खास कॉस्मेटिक चीज़ें भी जोड़ी हैं, जिसमें स्पॉइलर एक्सटेंशन, फ्रंट और रियर विंगलेट, साइड स्कर्ट और रियर डिफ्यूज़र शामिल हैं. इसके अलावा, हैचबैक में 17-इंच के JCW स्प्रिंट स्पोक अलॉय व्हील हैं, जिन्हें चिली रेड कलर में फिनिश किए गए GP-इंस्पायर्ड व्हील हब कैप के साथ जोड़ा गया है। 

MINI Cooper S JCW GP इंस्पायर्ड एडिशन का इंटीरियर
कार के इंटीरियर की बात करें तो, केबिन में इस एडिशन के लिए कई खास एलिमेंट्स दिए गए हैं. इनमें इल्यूमिनेटेड GP-इंस्पायर्ड डोर सिल्स, ‘1/30’ फ्लोर मैट और JCW-स्पेसिफिक डोर लॉक पिन दिए गए हैं। 

कंपनी ने इस हैचबैक में वेस्किन और कॉर्ड अपहोल्स्ट्री कॉम्बिनेशन में फिनिश की गई JCW स्पोर्ट सीट्स, JCW डैशबोर्ड ट्रिम और पैडल शिफ्टर्स के साथ एक नया JCW स्टीयरिंग व्हील दिए गए हैं। 

MINI Cooper S JCW GP इंस्पायर्ड एडिशन के फीचर्स
फीचर्स की बात करें तो, स्पेशल एडिशन में 9.4-इंच का सर्कुलर OLED टचस्क्रीन, एक हेड-अप डिस्प्ले, एक हारमन कार्डन साउंड सिस्टम, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो और कनेक्टेड कार टेक जैसे फीचर्स मिलते हैं. वहीं, सेफ्टी फीचर्स के तौर पर इस कार में कई एयरबैग, ABS, डायनामिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग और एक रियर-व्यू कैमरा मिलते हैं। 

MINI Cooper S JCW GP इंस्पायर्ड एडिशन का इंजन
Cooper S JCW GP इंस्पायर्ड एडिशन में 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 204 hp का पावर और 300 Nm का टॉर्क देता है. इसे 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है. इस इंजन की बदौलत यह हैचबैक 6.6 सेकंड में 0-100 kmph की स्पीड पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 242 kmph बताई गई है। 

’जल जीवन मिशन से बदली ग्राम सोनझरी की तस्वीर’

कबीरधाम/रायपुर.

कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनझरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और गांव को “हर घर जल ग्राम” के रूप में नई पहचान मिली है।

पहले ग्राम सोनझरी में खासकर गर्मी के दिनों में, गांव के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए तपती धूप में दूर-दूर तक जाना पड़ता था और घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी के इस इंतजाम में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद हो जाती थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में तेजी से काम किया गया। इसके अंतर्गत सोनझरी गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया, जल स्रोतों को सुधारा गया और एक ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया। इसके बाद गांव के सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू की गई।

गांव की एक बुजुर्ग निवासी पंचकुंवर बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले इस उम्र में दूर से पानी लाना उनके लिए सबसे मुश्किल काम था, और सुबह होते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। लेकिन अब घर के पास ही साफ पानी मिलने से उनका जीवन बेहद आसान हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार जताया है। सोनझरी गांव में आई इस बड़ी तब्दीली के बाद अब चौतरफा सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। महिलाओं का कीमती समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होती और साफ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी भारी कमी आई है।

इस सफलता को आधिकारिक रूप देने के लिए बीते 13 मई 2026 को सोनझरी में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ष्हर घर जलष् प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया गया और सोनझरी को आधिकारिक रूप से “हर घर जल ग्राम” घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल पानी पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण जीवन में सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान का नया सवेरा लाया है।

प्रधानमंत्री मोदी को एफएओ एग्रीकोला मैडल से सम्मानित होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को  रोम, इटली में संयुक्त राष्ट्र संगठन के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सर्वोच्च सम्मान “एफएओ एग्रीकोला मैडल” से सम्मानित किया जाना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा में संवर्धन और कृषि विकास की वैश्विक स्वीकृति है।

श्रीअन्न को मिली है नई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों के कल्याण और वैश्विक स्तर पर “श्रीअन्न (मिलेट्स) को नई पहचान दिलवाने के उनके ऐतिहासिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया यह प्रतिष्ठित सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत सहित अन्य देशों में भी श्रीअन्न की लोकप्रियता और उपयोग में वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत किसानों के कल्याण, कृषि में नवाचार और अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के नित नए प्रतिमान गढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संगठन के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सर्वोच्च सम्मान को भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।

 

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार
जिन किसानों के 23 मई तक स्लॉट बुक हैं, उन्हें मिली बड़ी राहत
मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूँ उपार्जन में हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जायेगा। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 93 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद चुके हैं।

गेहूँ उपार्जन के लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। हमने निर्णय किया है कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक की जाती है।

अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं।

2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें, सरकार उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य सहित किसानों को खरीदी केंद्रों पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा चारों वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। 

वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे।

वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों के कल्याण के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। किसान भाई-बहन चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं।

 

बंगाल के मदरसों में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’, शुभेंदु सरकार का बड़ा आदेश

कोलकाता
 पश्चिम बंगाल की शुभेदु अधिकारी सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘ वंदे मातरम ’ गाना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था। राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा।

मंत्री ने आगे क्या बताया
तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता?

आदेश में क्या
मदरसा शिक्षा निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में जारी सभी आदेशों और प्रथाओं को निरस्त करते हुए अब पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसे, स्वीकृत एमएसके, स्वीकृत एसएसके और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया जाता है।

शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए जारी की थी अधिसूचना
इससे पहले 13 मई की शाम को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने भी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी। राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा विभाग की अधिसूचना साझा की थी। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है।

मुख्यमंत्री बनते ही शुभेंदु अधिकारी ने लिया ये बड़ा फैसला

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से नई-नवेली भाजपा सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चिकन नेक कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांरित करने का फैसला किया है. बता दें, चिकन नेक का आधिकारिक नाम सिलिगुड़ी कॉरिडोर है. ये भारत के प्रमुख भाग को पूर्वी राज्यों से जोड़ने वाला बहुत ही संकरा रास्ता है। 

मंगलवार को एक रिपोर्ट सामने आई, जिसके अनुसार जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. रणनीतिक रूप से चिकन नेक भारत के लिए बहुत अहम माना जाता है. क्योंकि चिकन नेक के आस-पास बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे देशों की सीमाएं हैं. वहीं, चीनी सीमा की दूरी भी बहुत ज्यादा दूर नहीं है। 

रक्षा योजनाओं में ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की अहम भूमिका
एक्सपर्ट्स की मानें तो कॉरिडोर के कुछ हिस्सों की चौड़ाई सिर्फ 20 से 22 किलोमीटर तक है, जिस वजह से ये इलाका संकट की स्थिति में बहुत संवेदनशील बन जाता है. भारतीय सुरक्षा रणनीति और रक्षा योजनाओं में चिकन नेक कॉरिडोर की भूमिका बहुत अधिक है। 

बता दें, केंद्र सरकार ने पूर्ववर्ती टीएमसी और ममता बनर्जी सरकार से अनुरोध किया था कि जमीन हस्तांतरण किया जा सके. लेकिन ये प्रक्रिया लंबे वक्त तक ठंडे बस्ते में पड़ी थी. लेकिन जैसे ही राज्य में भाजपा की सरकार आई, वैसे ही चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर काम शुरू हो गया है। 

पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के लिए देश की जीवनरेखा है चिकन नेक
चिकन नेक को पूर्वी आठ राज्यों के लिए देश की जीवनरेखा के समान है. सड़क, रेल, सैन्य आपूर्ति, व्यापारिक गतिविधियों और रसद संचालन के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भूमि उपलब्धता को राष्ट्रीय महत्व माना जाता है।  

राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या होगा असर?
जमीन हस्तांतरण से चिनक नेक में भारत की सामरिक क्षमता और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है. इस इलाके में सैन्य ढांचा और लॉजिस्टिक नेटवर्क को विकसित किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सेना की त्वरित तैनाती और आपूर्ति व्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगी। 

केंद्र के साथ राज्य सरकार का समन्वय तेज
बता दें, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 2026 के विधानसभा में ऐतिहासिक जीत हासिल की और भाजपा ने पहली बार प्रदेश में सरकार बनाई. पहली बार राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है. शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश के मुखिया की शपथ ग्रहण करते ही केंद्र सरकार के साथ राजनीतिक समन्वय तेज कर दिया है. सत्ता में आते ही शुभेंदु सरकार ने कानून व्यवस्था, प्रशासनिक फेरबदल और कथित भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है। 

 

धार भोजशाला में हिंदुओं को बड़ी राहत, ASI के आदेश के बाद बिना रोक-टोक होगी पूजा

धार 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने धार स्थित भोजशाला परिसर में हिंदुओं को मां सरस्वती की पूजा के लिए पूरी अनुमति दे दी है। एएसआई ने 16 मई को जारी आदेश में कहा कि हाई कोर्ट ने अपने 15 मई के फैसले में भोजशाला को संरक्षित स्मारक और देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर माना है।

एएसआई के आदेश में कहा गया है कि अदालत ने यह भी माना कि ऐतिहासिक साहित्य भोजशाला को परमार वंश के राजा भोज से जुड़े संस्कृत शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करता है। आदेश के मुताबिक, राजा भोज से जुड़े साहित्य और स्थापत्य संदर्भ इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यहां सरस्वती मंदिर मौजूद था। एएसआई के शोध में भी इस बात का समर्थन मिला है।

2003 का पुराना आदेश रद
एएसआई ने अपने आदेश में कहा कि हाई कोर्ट ने अप्रैल 2003 में जारी उस पुराने निर्देश को रद कर दिया है, जिसमें हिंदुओं के पूजा अधिकारों पर रोक और परिसर में मुस्लिम नमाज की अनुमति दी गई थी।

नए आदेश के अनुसार, भोजशाला को संस्कृत शिक्षा का केंद्र और देवी वाग्देवी का मंदिर मानते हुए हिंदू समुदाय को पूजा-अर्चना के लिए ‘बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश’ का अधिकार दिया गया है। धार जिले में स्थित भोजशाला लंबे समय से विवाद का विषय रही है और इस मामले को लेकर कई कानूनी लड़ाइयां भी चली हैं।

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