जगदलपुर में राशन योजना पर बड़ा एक्शन, अपात्र लोगों के नाम BPL सूची से हटाए गए

जगदलपुर.

नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ लेने वाले अपात्र हितग्राहियों पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों लोग सामने आए, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं और कई के नाम पर कृषि भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद वे वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे।

खाद्य विभाग ने 48 वार्डों में अभियान चलाकर 800 से ज्यादा नाम बीपीएल सूची से हटाए हैं। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों के बाहर अपात्र हितग्राहियों की सूची भी चस्पा की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन लंबे समय से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों की मदद से राशन कार्ड बनवाने की बात भी सामने आई है। अब विभाग पात्र हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन कर रहा है।

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड का पाकिस्तान में खात्मा, आतंकी हमजा ढेर

श्रीनगर 

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान का खात्मा कर दिया गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में एक अज्ञात हमलावर ने उसे गोलियों से भूनकर खत्म कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान 2019 में कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में एक था। यह शख्स खुद को एक शिक्षक बताता था। वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पाकिस्तान में छिपता फिर रहा था।

इस घटनाक्रम से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अरजुमंद गलजार डार उर्फ हमजा बुरहान प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल बद्र (Al-Badr) का प्रमुख कमांडर था।हजमा बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। वह 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था। इसके बाद वह स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, आतंकी फंडिंग जुटाने और घुसपैठ नेटवर्क को संचालित करने में सक्रिय हो गया।

UAPA कानून के तहत आतंकवादी घोषित
14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। इस बर्बर हमले की साजिश में बड़ी भूमिका होने के कारण, भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे यूएपीए (UAPA) कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया था। मंत्रालय के अनुसार हमजा बुरहान पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था लेकिन अब उसका खात्मा हो चुका है।

पहलगाम हमले में भी था शामिल
बता दें कि पुलवामा की घटना भारत में सुरक्षाकर्मियों पर किया गया अब तक का सबसे घातक हमला था, जिसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने अंजाम दिया था। 14 फरवरी, 2019 को जैश के एक आतंकवादी ने लेथपोरा में CRPF के काफिले में विस्फोटकों से भरी एक कार से टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना की जंच कर रही भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)ने हमजा बुरहान का नाम पुलवामा हमले की साजिश रचने और आतंकवादियों को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद पहुंचाने वाले मुख्य किरदारों में शामिल किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह सिर्फ पुलवामा ही नहीं बल्कि कश्मीर घाटी के पहलगाम और अन्य क्षेत्रों में हुए बड़े आतंकी हमलों को सीमा पार से सीधे निर्देशित कर रहा था।

पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था
पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था।
हमजा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था

2017 में पुलवामा से पाकिस्तान चला गया था
हमजा बुरहान पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल था. वह खुद को पाकिस्तान में टीचर बताता था. साथ ही 2019 के बाद से कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था. वह पीओके के इलाके में कई आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग दे रहा था. साथ ही बॉर्डर इलाके में वह आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद करता था। 

हमजा बुरहान का पूरा नाम अरजुमंद गुलजार डार है. इसे हमजा बुरहान के नाम से भी जाना जाता है अपने सर्किल में ये आतंकी ‘डॉक्टर’ के नाम से भी जाना जाता है। 

27 साल का हमजा बुरहान पुलवामा के रत्नीपोरा का रहने वाला है. हमजा 2017 में पाकिस्तान गया और वहां जाकर आतंकवादी संगठन ‘अल बद्र’ में शामिल हो गया. ‘अल बद्र’ को भारत में एक आतंकवादी संगठन के तौर पर लिस्ट किया गया है. हमजा ‘अल बद्र’ के कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। 

ये शख्स पुलवामा में ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ से विस्फोटक बरामद होने के मामलों में, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF पर ग्रेनेड हमले में और युवाओं को आतंकवादी संगठन ‘अल बद्र’ में शामिल होने के लिए उकसाने के मामलों में शामिल पाया गया है। 

ISI ने मुहैया कराया था ऑफिस और सिक्योरिटी
आतंकी हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर न सिर्फ पुलवामा के अलावा दूसरे आतंकी हमले में शामिल था बल्कि वह युवाओं को बरगलाकर उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाता था. इस काम के लिए ISI ने उसे एक ऑफिस मुहैया कराया था. और इसकी सुरक्षा में 24 घंटे AK-47 के साथ गनर तैनात रहते थे। 

आतंकी गतिविधियों का अड्डा मुजफ्फराबाद
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित मुजफ्फराबाद भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों का अड्डा है. यहां कई तंजीमों के लोग रहते हैं और उसी की आड़ में भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं. आतंकी हमजा बुरहान इसी काम में शामिल था और वह लो प्रोफाइल रहता था। 

पुलवामा हमला और भारत का ऑपरेशन बालाकोट 
14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3:15 बजे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक भयानक आतंकी हमला हुआ.  पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और स्थानीय कश्मीरी युवक आदिल अहमद डार ने 300-350 किलो IED से भरी SUV को CRPF के काफिले की एक बस में घुसा दिया. इसमें 40 CRPF जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए. यह 1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमला था. जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। 

हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर सर्जिकल एयर स्ट्राइक किया. इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। 
 

उसकी हत्या ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कई लोगों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हमजा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। बता दें कि हाल के सालों में कई आतंकियों को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया है या तो गैंगवार में उनकी मौत हुई है।

PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बताया जा रहा है कि वह पिछले कई सालों से PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वहीं आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ के नेटवर्क को चला रहा था। वैसै वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। 

90s स्टार राहुल रॉय फिर सुर्खियों में, ‘लाफ्टर शेफ’ के सेट पर दिखे खुश

90s स्टार राहुल रॉय कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर अचानक ट्रेंड में थे. उनकी एक इंफ्लुएंसर संग रोमांटिक रील वायरल हुई थी, जिसपर काफी सवाल खड़े हुए. राहुल को इस तरह छोटे-मोटे काम करता देख लोग उन्हें ट्रोल करने लगे थे. मगर जब एक्टर ने इसके पीछे छिपी अपनी मजबूरी बताई, तो सब हैरान थे.

राहुल ने इंस्टाग्राम के जरिए नोट शेयर करते हुए बताया था कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें काम की जरूरत है. उन्हें काफी सारा पैसा चुकाना है, जिसके बदले उन्हें काम मिलना जरूरी है. ऐसे में उनका मजाक उड़ाने से बेहरत, लोग उन्हें काम ढूंढने में मदद करें. अब लगता है कि कुछ लोगों ने राहुल की पुकार सुन ली है.

लाफ्टर शेफ में आए राहुल रॉय
राहुल रॉय बीते दिन कलर्स टीवी के शो लाफ्टर शेफ के सेट पर नजर आए, जहां उनके साथ एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी थे. तीनों एक साथ पैप्स के सामने आए और उनके कैमरा पर पोज भी दिए. इस दौरान राहुल रॉय काफी खुश दिखे. उन्होंने पैप्स संग थोड़ा हंसी-मजाक भी किया.

आगे राहुल रॉय को अली और सिंगर राहुल वैद्य सपोर्ट करते हुए सेट के अंदर ले गए. ‘आशिकी स्टार’ का ये अंदाज देखकर शायद उनके फैंस को बड़ी राहत मिलने वाली है. आखिरकार उन्हें काफी समय बाद टीवी पर आने का मौका मिला है, जो एक्टर को एक बार फिर लोगों की नजरों में लेकर आएगा. क्या पता इसके बाद राहुल रॉय को थोड़ा और काम मिलने लगे और उनकी जरूरतें पूरी हो सकें.

90s के स्टार रहे राहुल रॉय
राहुल रॉय 90s के दौरान एक वक्त तक सलमान-शाहरुख और आमिर खान जैसा स्टारडम एंजॉय करते थे. महेश भट्ट की फिल्म आशिकी ने उन्हें रातोंरात बॉलीवुड का सितारा बना दिया था. राहुल ने अपनी पहली फिल्म की सक्सेस के बाद एक साथ कई फिल्में साइन कर ली थीं. उस दौर में उनकी अधिकतर फिल्में हिट रहीं. लेकिन फिर उनके करियर की गाड़ी सक्सेस की पटरी से उतर गई. एक्टर को ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके कारण वो फिल्मों से दूर हुए और आज उनका स्टारडम धूमिल हो गया.

बिलासपुर हाईकोर्ट का अहम फैसला, OBC आरक्षित पदों से ज्यादा नियुक्तियां अवैध करार

बिलासपुर.

हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना कानूनी रूप से गलत है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार की मेरिट लिस्ट की समीक्षा कर 90 दिनों के भीतर दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार करने कहा है।

दरअसल, उमेश कुमार श्रीवास व अन्य ने इस मामले में याचिका दायर की थी, याचिका में कहा गया कि लोक शिक्षण संचनालय ने बीते 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओं ने भी मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया था।

लेकिन जब चयन समिति ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की तो ओबीसी केटेगरी के पदों पर 7 प्रतिशत की तय सीमा से कहीं ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को चुन लिया गया, जिससे सामान्य ओबीसी उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। इस प्रक्रिया से सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त नहीं होता है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी

रायपुर 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुरली मनोहर सोनी, भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, सास गिरबाला का पद जाएगा; आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम

भोपाल
मध्यप्रदेश में भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी. परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था। 

गिरबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने की तैयारी
अब इसको लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है. कंज्यूमर फोरम  खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है. इसलिए खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें. यहां ‎गंभीर मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है. ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार  शुरू कर दिया है। 

पति समर्थ अब भी फरार
बता दें कि ‎ट्विशा केस में बेटे समर्थ के साथ आरोपी गिरबाला इस समय ‎अग्रिम जमानत पर है जबकि समर्थ  ट्विशा की मौत के बाद से फरार है.पुलिस ने समर्थ को पकड़ने के लिए 10 हजार का इनाम रखा था जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार कर दिया गया है। 

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ लेता नजर आ रहा है. हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को और पेचीदा बना दिया है तथा कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लेकर आते दिखाई देते हैं। 

एक घंटे तक छत पर क्या हुआ?
सीसीटीवी में दर्ज यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुका है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के अनुसार, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य अवस्था में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत गंभीर नजर आई. वह छत पर जिमनास्टिक बेल्ट से लटकी पाई गई थी. यही वजह है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 

 नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम, आरोपी पति पर 30 हजार का ऐलान

ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। 

भोपाल की अदालत ने  रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने पुलिस को ट्विशा के शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया कि परिवार की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम और शव संरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसमें अदालत ने आंशिक राहत दी. इस बीच ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। 

आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम घोषित
भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है. पति पर ट्विशा की मौत के लिए परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है और लगातार तलाश जारी है। 

सास गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने लिखा पत्र
ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने के लिए राज्यपाल को ट्विशा के परिवार ने पत्र लिखा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है. अभी गिरीबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं. डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है. कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में हटाने का प्रावधान है। 

मां ने फोन पर सुनी थी एक आवाज
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि
उस एक घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक शिक्षित युवती की जान ले ली. वीडियो में साफ दिखता है कि छत पर जाते समय ट्विशा सामान्य थीं और उनके हाथ में हेडफोन था. छत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया. मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्विशा ने ससुराल में कथित प्रताड़ना की बात बताई. इसी दौरान फोन पर किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. मां का मानना है कि वह आवाज संभवतः समर्थ की हो सकती है। 

ससुराल का टॉर्चर और ट्विशा की संदिग्ध मौत
बता दें कि गिरबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बीते कई दिनों से चर्चा में है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ पर गंभीर आरोप लगे हैं। 

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

सम्मेलन सम्पन्न विभिन्न परियोजनों के निर्माण कार्य हेतु लगभग 45 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृति 

 जी.एस.टी. भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती तथा राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता के प्रस्तावों का भी किया अनुमोदन
रायपुर 

अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन आज दिनांक 20 मई 2026 को मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं।

अध्यक्ष अनुराग सिंह देव  ने बताया कि सम्मेलन में दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका, तिल्दा, जिला रायपुर में व्यवसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।

स्ववित्तीय अटल विहार योजनांतर्गत गिनाबहार, जिला जशपुर में 06 एम.आई.जी., 64 एल.आई.जी. एवं 27 ई.डब्ल्यू.एस. सहित कुल 97 आवासीय भवनों के निर्माण कार्य तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है।

इसी प्रकार स्ववित्तीय योजनांतर्गत सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली में 200 ई.डब्ल्यू.एस. भवनों के निर्माण एवं 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है।

इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली (GST Payment System) एवं रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र (Royalty Clearance Certificate) संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने हेतु एक समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया।
सम्मेलन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25 फरवरी 2026 के अनुसार मंडल में यथावत लागू किए जाने का निर्णय भी लिया गया। 
मंडल के अधिकारियों/कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता की दरें स्वीकृत की गई।
साथ ही क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव हेतु लाइसेंस आधार पर पी.पी.पी. मोड के अंतर्गत एजेंसी नियुक्त करने के लिए प्रस्तुत निविदा प्रपत्र एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया है।

मंडल सम्मेलन में माननीय सदस्यों को यह भी अवगत कराया गया कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 2026 के प्रथम 04 माह में लगभग मूल्य 317 करोड़ की 1647 संपत्तियों का विक्रय किया गया।  86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से.), आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यात्रियों को बड़ी राहत, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में आज से लगेगा अतिरिक्त AC-3 कोच

रायपुर.

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का फैसला किया है। इससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने में राहत मिलेगी।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 21 से 24 मई तथा 26 से 29 मई 2026 तक अतिरिक्त एसी-3 कोच लगाया जाएगा। वहीं गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 23 से 26 मई और 28 से 31 मई 2026 तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

यात्रियों को मिलेगी राहत
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त कोच जुड़ने से अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ मिल सकेगी और यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगी। गर्मी के मौसम और छुट्टियों के चलते ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

MP में भीषण गर्मी का कहर, जानवरों के लिए लगाए कूलर-ग्रीन नेट; 6 जिलों में हीटवेव अलर्ट

भोपाल
 मध्य प्रदेश इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश के कई शहर भट्‌ठी की तरह तप रहे हैं और सूरज की तेज तपिश ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बुधवार को प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे ज्यादा गर्मी बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल इलाके में दर्ज की गई।

खजुराहो बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर
खजुराहो में अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह इस सीजन ही नहीं, बल्कि मई महीने का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान माना जा रहा है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था।

खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर भी रहा। देश में सिर्फ बांदा इससे ज्यादा गर्म रहा, जहां 48.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

राजधानी भोपाल में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। यहां तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ अब जानवर भी गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस में कूलर, पर्दे और ग्रीन नेट लगाए गए हैं, जबकि बाड़ों में लगातार पानी भरा जा रहा है।

वहीं भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिलों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है। लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजकर धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

भोपाल में भीषण गर्मी का असर अब जानवरों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर का तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है। गुरुवार सुबह से ही तेज गर्मी का दौर रहा और सुबह 11:30 बजे तक पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसे में वन विहार नेशनल पार्क ने जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

वन विहार में शेर, बाघ और तेंदुओं के हाउस की खिड़कियों पर पर्दे और ग्रीन नेट लगाई गई है, ताकि धूप और गर्म हवा का असर कम हो। बाड़ों में पानी की होद लगातार भरी जा रही है, जहां टाइगर पानी में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार ने बताया कि हाउस में कूलर लगाए गए हैं। जानवरों को साल्ट लिक्स और मिनरल मिक्चर भी दिया जा रहा है। वहीं हिरण, सांभर और अन्य खुले में घूमने वाले जानवरों के लिए हरा चारा और पर्याप्त पानी की व्यवस्था की गई है।

भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिले में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया है। ज्यादातर लोगों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश पहुंचा, जिसमें धूप से बचने, जरूरी सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी गई।

चेतावनी- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें
प्रदेश में पिछले 2 दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में मौसम विभाग ने दोपहर में घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे तक ज्यादा असर रहेगा। ऐसे में लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले।

किन शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी?
खजुराहो – 47.4°C
नौगांव – 46.6°C
दमोह – 46°C
मंडला – 45.6°C
सतना – 45.3°C
मुरैना – 45°C

इन शहरों में पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा
रीवा

सागर

दतिया

टीकमगढ़

रायसेन

नरसिंहपुर

उमरिया 
बड़े शहरों का हाल

जबलपुर – 44.9°C
ग्वालियर – 44.3°C
भोपाल – 42.6°C
उज्जैन – 42°C
इंदौर – 41.1°C

11 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश

11 हजार से अधिक बच्चों को मिला मनचाहे विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश

निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न

भोपाल 

शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी की प्रकिया बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें 11 हजार 485 बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश मिला।

इस लॉटरी प्रक्रिया में उन बच्‍चों को शामिल किया गया था, जिन्‍हें प्रथम चरण की लॉटरी में उनकी पसंद के स्‍कूल आवंटित नहीं हो सके थे। ऐसे बच्‍चों को निजी विद्यालयों की रिक्‍त सीटों के अनुरूप द्वितीय चरण की लॉटरी के लिए अपनी वरीयता अंकित करते हुए आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया गया था। द्वितीय चरण की लॉटरी में बच्‍चों को उनकी चुनी गई वरीयता के आधार पर निजी विद्यालयों में सीट का आवंटन  20 मई को ऑनलाइन लॉटरी की स्वचालित कंप्यूटर प्रक्रिया द्वारा किया गया। संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह द्वारा द्वितीय चरण की ऑनलाइन लॉटरी का बटन क्लिक किया गया।

नर्सरी कक्षा में 7 हजार 599, केजी 1 में 2 हजार 747 और कक्षा 1 में 1 हजार 139 बच्‍चों का दाखिला हुआ। इस अवसर पर संचालक राज्‍य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह ने लॉटरी में चयनित बच्चों को उनकी पसंद का स्कूल आवंटित होने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्‍होंने पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था निर्मित करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग और मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन टीम की प्रशंसा भी की।

इस वर्ष आरटीई के तहत लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 80 हजार 875 बच्चे पात्र चयनित हुए थे, जिनमें से 1 लाख 6 हजार से अधिक बच्‍चों को शाला आवंटन प्राप्‍त हुआ था। इसके उपरांत 97 हजार 052 बच्‍चों के द्वारा चयनित स्‍कूलों में प्रवेश लिया जा चुका है। आज आयोजित हुई द्वितीय चरण की लॉटरी में 11 हजार 485 और बच्‍चों को उनकी पसंद के निजी विद्यालयों में प्रवेश आवंटन प्राप्‍त हुआ है। इस प्रकार इस वर्ष सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश आवंटन प्राप्‍त करने वाले विद्यार्थियों की संख्‍या 1 लाख 17 हजार 400 से अधिक हो गई है।

पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं आवंटन पत्र

द्वितीय चरण की लॉटरी में जिन बच्‍चों को निजी विद्यालयों में नि:शुल्‍क प्रवेश प्राप्‍त हुआ है, उनके अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।ऑनलाइन लॉटरी में जिनके स्कूलों का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस माध्‍यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे उन्‍हें आवंटित स्कूलों में 20 मई से 10 जून, 2026 तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।

इस अवसर पर राज्‍य शिक्षा केंद्र की आरटीई नियंत्रक सुकिरण कुशवाह, प्रशासक डॉ. राकेश दुबे और तकनीकी सहयोगी विभाग मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि नितीन तुरकर, राम यादव सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे। 

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