नई नीति लाएगी क्रांति, एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के साथ दोगुना होगा मत्स्योत्पादन: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल

प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शुक्रवार को भोपाल में ‘हितधारक सम्मेलन’ का आयोजन होगा। मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा कि मछली पालन और उससे जुड़े उद्योगों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मध्यप्रदेश में ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ लागू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार और विभाग का मुख्य लक्ष्य आगामी वर्षों में मत्स्य उत्पादन और इससे जुड़े व्यापार को दोगुना करना है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में ‘हितग्राही मॉडल’ और ‘उद्यमी मॉडल’ को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।

राज्यमंत्री  पंवार ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के मत्स्योद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इससे न केवल राज्य में नया निवेश आएगा बल्कि युवाओं और मछुआ समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में लागू की गई यह नीति प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। हमारा प्रमुख लक्ष्य स्थानीय मछुआरों को सीधा लाभ पहुँचाना है। इसके लिए ‘हितग्राही मॉडल’ और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्यमी मॉडल’ पर काम किया जा रहा है। मंत्री  पंवार ने बताया कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ ‘केज कल्चर’ जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

जलाशयों में आधुनिक ‘केज कल्चर’ तकनीक और अन्य इंटीग्रेटेड गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और विभागीय सचिव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह सम्मेलन निवेशकों, उद्यमियों और मत्स्य पालकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों की जब्ती के विरुद्ध कार्यवाही

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के गांजा, ड्रग्‍स, स्‍मैक, डोडा चूरा जब्‍त किए हैं। साथ ही कफ सीरप एवं इंजेक्‍शन भी जब्‍त किए है।

इंदौर : पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 05 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एमडी ड्रग्स एवं अवैध हथियार सहित लगभग 01 करोड़ रूपए की संपत्ति जब्‍त की।

सीधी : जिले में ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना कमर्जी पुलिस ने अवैध नशीली कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 912 शीशी ऑनरेक्‍स कफ सीरप एवं बोलेरो वाहन सहित लगभग 11 लाख 88 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं थाना कोतवाली एवं जमोड़ी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप एवं एक आल्टो कार जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

इसी प्रकार थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप जप्त की है।

मऊगंज : पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार-2.0’ के तहत लौर पुलिस ने खीरी ओवरब्रिज के पास से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1200 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (आनरेक्स) जप्त की।

अनूपपुर : जिले की चौकी सरई पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए 56 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रूपये है, जब्‍त किया है।

शिवपुरी : थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक विक्रय करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15.82 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

श्योपुर : पुलिस ने कराहल थाना क्षेत्र में कार्यवाही करते हुए राजस्थान से स्मैक लेकर आ रहे चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 38.48 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 5 लाख 35 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

गुना : जिले के कैंट थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 28 किलो से अधिक का गांजा, बोलेरो कार एवं मोटर सायकिल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं मृगवास थाना क्षेत्र में दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 02 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार धरनावदा थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्मैक तस्करों को गिरफ्तार कर अवैध स्‍मैक जब्‍त कर लगभग 1 लाख 95 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

जीआरपी भोपाल : जीआरपी भोपाल ने अवैध मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 14 किलो 630 ग्राम गांजा कीमती लगभग 2 लाख 40 हजार जप्त कर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है।

जबलपुर : पुलिस की क्राइम ब्रांच एवं थाना हनुमानताल पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले इंजेक्शन एवं गांजा के अवैध कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 125 नग नशीले इंजेक्शन, 430 ग्राम गांजा एवं 18 हजार नगद जप्त किए।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

राज्यमंत्री गौर ने किया 2 करोड़ 24 लाख के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को गोविंदपुरा में नागरिकों को बेहतर एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्यमंत्री  गौर ने अयोध्या नगर क्षेत्र में 2 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से दो प्रमुख सड़कों के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया।

राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि पहले कार्य के अंतर्गत, अयोध्या नगर मुख्य मार्ग स्थित परशुराम चौराहे से एच-सेक्टर एमपीबी स्टेशन तक 59 लाख रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जाएगा। वहीं, दूसरे बड़े कार्य के तहत परशुराम चौराहे से दशहरा मैदान होते हुए डी एवं एफ-सेक्टर मार्केट तथा जैन मंदिर के पास तक 1 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से डामरीकरण कार्य किया जाएगा।

राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को इसका शीघ्र सुविधा का लाभ मिल सके।

इस अवसर पर श्री लव कुश यादव, श्री भीकम सिंह बघेल,  उर्मिला मौर्य और  शिरोमणि शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

मध्यप्रदेश पुलिस के जवान ने अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में जीते 4 गोल्ड मेडल

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी कानून व्यवस्था के साथ-साथ खेल, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न गतिविधियों में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में जिला उज्जैन पुलिस में पदस्थ आरक्षक  सौदान सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता “वर्ल्ड्स मास्टर्स पावर गेम्स-2026” में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस के साथ प्रदेश एवं देश को गौरवान्वित किया है।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने आरक्षक सौदान सिंह चौहान की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवानों की ऐसी उपलब्धियां न केवल विभाग का मान बढ़ाती हैं, बल्कि युवाओं को खेलों एवं फिटनेस के प्रति प्रेरित भी करती हैं।

मास्टर्स गेम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 13 मई से 16 मई 2026 तक मडगांव, गोवा में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने सहभागिता की, जहां मध्यप्रदेश पुलिस के आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण एवं कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

प्रतियोगिता में अन्य देशों के प्रतिभागियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी केवल सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल प्रतिभा, अनुशासन एवं राष्ट्रीय गौरव के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा खेल एवं शारीरिक दक्षता को सदैव प्रोत्साहित किया जाता रहा है। पुलिस बल के अधिकारी एवं कर्मचारी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लगातार प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

 

स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को किया जाये शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये। गुरू सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रदेश की सभी आंशिक जीर्ण-शीर्ण शालाओं की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। सभी स्कूलों में बाउण्ड्री वॉल्स बनाई जाए। एक जुलाई से गुरू पूर्णिमा (29 जुलाई) तक “शिक्षक वंदना कार्यक्रम”, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर प्रदेश की नींव मजबूत कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा परिणामों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिन शालाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाएं ऐसी हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन शालाओं के अतिरिक्त 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली शालाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा/योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी शालाओं में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन करायें। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन हाईस्कूलों के आस-पास हायर सेकेण्डरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे हाईस्कूलों को चिन्हित कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रोन्नत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

शालाओं में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सभी विभागों के विद्यालयों को एक करने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करें। विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य/रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा।

शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की दर

बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। इस साल प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में 1 अप्रैल को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। अप्रैल माह में ही 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को शाला में प्रवेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजगढ़ जिले के भैंसवा माता एव नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में संस्कृति विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं।

‍शिक्षा घर योजना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा ‘शिक्षा घर योजना’ के नाम से एक नई योजना का प्रजेंटेंशन देने पर प्रस्तावित योजना की सराहना कर सैद्धांतिक सहमति दी। बैठक में बताया गया कि इस योजना में किसी वजह से स्कूली शिक्षा पूरी न कर पाने वाले विद्यार्थियों को हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना से ऐसे सभी किशोर/किशोरी, युवक/युवती लाभान्वित होंगे, जिन्होंने कक्षा 8 या इसके बाद की कक्षाओं में अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई छोड़ कर दी थी। योजना का क्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश होगा, जिसमें प्रदेश की सभी ग्राम, पंचायतें और नगरीय निकाय भी शामिल होंगे। योजना का क्रियान्वयन म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा।

 

नवनियुक्त अध्यक्ष जैन ने संभाला मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कार्यभार

भोपाल

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष  ओम जैन ने पदभार ग्रहण किया।

मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मंडल को एक अत्यंत अनुभवी और योग्य नेतृत्व प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष  जैन के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, विजन और कुशल मार्गदर्शन में मंडल के विकास कार्यों को एक नई गति और ऊँचाई मिलेगी।

लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण और सर्वसमावेशी आवास का संकल्प

मंत्री  विजयवर्गीय ने मंडल के आगामी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के बड़े महानगरों में बड़े प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया जाना है। हमारा मुख्य ध्येय मध्यम और निम्न-मध्यम श्रेणी के परिवारों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान निर्मित करना है। बड़े शहरों में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वयं का आशियाना बनाना मुश्किल कार्य हो गया है, इसलिए मंडल को पूरी शुचिता और लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करना होगा। ‘नए भारत के संकल्प’ के अंतर्गत, देश की आजादी के 100वें वर्ष तक हर नागरिक को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध कराना हमारा ध्येय है।

अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से होगा कार्य

नवनियुक्त अध्यक्ष  जैन ने मंत्री  विजयवर्गीय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उनका लंबा राजनैतिक-प्रशासनिक अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा।  जैन ने भावुक होते हुए कहा,वर्ष 1983 से जनसेवा में सक्रिय  विजयवर्गीय की कार्यशैली, तन्मयता और उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण अनुकरणीय है। हम उनके द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों और प्राथमिकताओं का अक्षरशः पालन करते हुए मंडल को विकास के नए प्रतिमानों पर ले जाएंगे।

अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने कहा कि यह संपूर्ण विभाग और मंडल का सौभाग्य है कि हमें मंत्री  विजयवर्गीय का सकारात्मक, ऊर्जावान और विजनरी नेतृत्व मिला है। उनके मार्गदर्शन के अनुरूप ही मण्डल सदस्यों ने तत्परता से कार्य किया है। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने मण्डल अध्यक्ष  जैन को आश्वस्त किया कि मंडल के सभी सदस्य उनके साथ पूर्ण तत्परता और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य शहरी क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल, सस्टेनेबल और सुव्यवस्थित विकास करना है।

पदभार ग्रहण करने बाद अध्यक्ष  जैन ने मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी कार्य-योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस गरिमामयी अवसर पर मंडल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती दीप्ति वास्तव सहित मंडल के सभी सदस्य, अभियंता और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

30 जून तक चलाये पैक्स का सदस्यता अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) में नवीन सदस्य बनने के लिए सदस्यता अभियान 30 जून तक चलाएं। गत 14 अप्रैल से शुरू सदस्यता अभियान के जरिए पैक्स में 10 लाख नवीन सदस्य जोड़ें। उन्होंने कहा कि वर्ष में सवा लाख नए केसीसी स्वीकृति का लक्ष्य रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सुदृढ़ीकरण की सराहना करते हुए कहा है कि अगले 3 साल में सभी कमजोर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का सुदृढ़ीकरण किया जाए। बताया गया कि गत ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। शासकीय अंश पूंजी सहायता से 6 जिला बैंक रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर एवं दतिया को सुदृढ़ करने का प्रयास है। अगले चरण में अन्य 6 भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम बैंक के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैक्स से लेन-देन की प्रक्रिया को मोबाइल ऐप के जरिए किए जाने के प्रयास किए जाएं। इस पर बताया गया कि प्रदेश की सभी 4536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना अंतर्गत कंप्यूटरीकृत कराया गया है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन से योजना क्रियान्वयन में प्रदेश देश में अग्रणी है। जल्द ही मोबाइल ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन भी किया जा सकेगा।

बैठक में बताया गया की बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गत 2 वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन हुआ है। 1102 नई दुग्ध समितियों का गठन कर 5562 दुग्ध समितियों तथा वित्तीय समावेशन के लिए 76 हजार सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंक में खोले गए हैं। व्यापक स्तर पर भर्ती एवं संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रयास किए गए हैं।

राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय

बताया गया कि राष्ट्रीय स्तर की नवीन गठित तीन सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय किया गया है।भारतीय बीज सहकारी समिति लि. (BBSSL) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने MoU किया है जिससे 17 करोड़ रूपये का व्यवसाय और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई है।राष्ट्रीय सहकारी आर्गेनिक लि. (NCOL) के साथ प्रदेश के सहकारी विपणन संघ का MoU हुआ जिससे 1335 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (NCEL) और प्रदेश के सहकारी संघ के साथ MoU में 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। अभी उत्पादों का चिन्हांकन प्रक्रियाधीन है।

 

जनजातीय कल्याण के सरकार कर रही प्रभावी प्रयास : राज्यपाल पटेल

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने जनजातीय समुदाय के लिए आवास, आरोग्य और जन कल्याण के प्रभावी कार्य किए है। उन्होंने कार्यक्रम में जनजातीय लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है।

राज्यपाल  पटेल गुरुवार को पांढुर्णा के ग्राम आमला में आयोजित जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। आमजन को संबोधित किया। राज्यपाल  पटेल ने पांढुर्णा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम खुटामा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राही  राजू धुर्वे के घर पर आत्मीय भोज किया।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आयुष्मान योजना हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की अभूतपूर्व योजना है। आमजन को गंभीर बीमारियों के उपचार में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को भी योजना में उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आयोजनों में मिलने वाले परिवार उन्हें बताते है कि पक्के आवास का उनका सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की जांच एवं उपचार के लिए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मानव स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती अत्यंत उपयोगी

राज्यपाल  पटेल ने किसानों द्वारा उत्पादित प्राकृतिक जैविक उत्पादों को मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी बताया हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। राज्यपाल  पटेल ने यह बात ग्राम पंचायत आमला में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा लगाए गए प्राकृतिक जैविक उत्पादों के स्टॉल पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से चर्चा के दौरान कही है। उन्होंने कृषक  मटरूलाल डोंगरे, ग्राम भूम्मा से उनके द्वारा उत्पादित जैविक हल्दी एवं जैविक तुअर दाल तथा कृषक  मोरेश्वर दानवे, सौसर से उनके द्वारा उत्पादित शुगर फ्री जैविक काला आलू एवं प्राकृतिक सोना मोती गेहूं की जानकारी प्राप्त की।

विद्यार्थियों ने दी गोंडी नृत्य की प्रस्तुति

राज्यपाल  पटेल का सांदीपनि विद्यालय सौंसर के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अभिनंदन किया गया। शासकीय हाईस्कूल आमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल  पटेल द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। दिव्यांगता प्रमाण पत्र, क्षय रोगियों को फूड बास्केट, आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को कार्ड, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को सहायता, किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन तथा पशुपालन विभाग के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए।

इस अवसर पर कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा राज्यपाल  पटेल का जामसांवली के प्रसिद्ध  हनुमान मंदिर की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद  विवेक बंटी साहू, विधायक  विजय चौरे, विधायक  नीलेश उईके सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

 

BJP का दबदबा अभी लंबा चलेगा? प्रदीप गुप्ता बोले- 20 साल तक मजबूत रहेगी पकड़

नई दिल्ली

एक्सिस माय इंडिया (Axis My India) के प्रमुख और पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रदीप गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि 2014 में शुरू हुआ भाजपा के राजनीतिक दबदबे का मौजूदा दौर कम से कम 20 साल तक जारी रहेगा। ‘द एक्सिस माई इंडिया’ सर्वेक्षण संस्था के प्रमुख गुप्ता ने तर्क दिया कि सत्तारूढ़ दल की स्थिति तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक उसके शासन का प्रदर्शन बहुत कमजोर नहीं हो जाता। मालूम है कि प्रदीप गुप्ता के एक्सिस माय इंडिया के अतीत में ज्यादातर सर्वे और एग्जिट पोल्स सही साबित हुए हैं। हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में उनसे चूक हो गई थी।

कांग्रेस के लंबे समय तक रहे राजनीतिक प्रभुत्व के साथ तुलना करते हुए, गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति एक पार्टी के प्रभाव के एक और दौर की साक्षी बन रही है। गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ”राजनीति में एक सीमा होती है। पहले, कांग्रेस ने 1977 तक लगातार शासन किया। उसके बाद, उसे मुश्किलें आने लगीं। उन दिनों, हम लगभग 20 साल तक चलने वाली राजनीतिक पीढ़ी की बात करते थे। वह 20 साल का दौर अब भी बना रहेगा।”

‘राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है BJP’
उन्होंने कहा कि भाजपा भी इसी तरह लंबे समय तक भारतीय राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है। उनके विचार में, सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों का भविष्य काफी हद तक मौजूदा सरकार के कामकाज पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, ”इतना बड़ा जनादेश मिलने के बाद, भाजपा से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए भाजपा और एनडीए को अब शानदार कामकाज करना होगा।” गुप्ता ने कहा, ”जब तक उनका प्रदर्शन कमजोर या खराब नहीं होता, वे जीतते रहेंगे और विपक्ष हारता रहेगा।”

‘कांग्रेस के लिए विरासत में मिले मुद्दों का बोझ बना हुआ है’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर पहले कुशासन रहने की धारणाओं से जुड़े ‘विरासत में मिले मुद्दों’ का बोझ बना हुआ है जिससे उसके राजनीतिक नुकसान की भरपाई एक लंबी प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने कहा, ”अगर आप 2029 की भी बात करें, तो इसका मतलब होगा लगभग 15 साल (कांग्रेस के लिए सत्ता से बाहर रहने के)। मुझे लगता है कि उन्हें पूरे देश को मनाने में कम से कम पांच साल और लग सकते हैं।” गुप्ता ने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभुत्व ने जनता की आकांक्षाएं भी बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा, ”जब आप बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं, तो बाद में नीचे आने की भी प्रवृत्ति बनी रहती है। भाजपा भी उस स्तर पर पहुंच गई है जहां उससे आकांक्षाएं बढ़ गई हैं।”

‘यूपी में शासन के प्रति संतुष्टि का स्तर अच्छा, पंजाब में मिला-जुला’
वहीं, प्रदीप गुप्ता का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है और सत्तारूढ़ भाजपा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, क्योंकि जनता योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज से काफी हद तक संतुष्ट है। गुप्ता ने कहा कि पंजाब में चार-कोणीय मुकाबले के उभरने के कारण सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के प्रति जनता की संतुष्टि का स्तर ”मिला-जुला’ बना हुआ है। प्रदीप गुप्ता ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन दोनों राज्यों में अपनी एजेंसी के जमीनी स्तर पर किए गए काम से प्राप्त अवलोकन साझा किए। दोनों राज्यों में 2027 की शुरुआत में चुनाव प्रस्तावित है और जिनके परिणामों का व्यापक राष्ट्रीय प्रभाव होने की उम्मीद है।

सबसे दूर, सबसे पहले: नारायणपुर के 262 आदिवासी गाँवों में पहुँचेगा विकास

​रायपुर

छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर ‘जनजाति गरिमा उत्सव’ जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।
       
​कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी।

तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर

     
 ​इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ ‘आदि सेवा केंद्रों’ के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ
    
​18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ​ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
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सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।”

जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील
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कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।

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