एमपी ट्रांसको ने भिंड में ऊर्जीकृत किया अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर भिंड जिले की पारेषण क्षमता में हुई वृद्धि – मंत्री तोमर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 132 केवी सब स्टेशन भिंड की क्षमता वृद्धि करते हुए 50 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है।इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 153 एम वी ए की हो गई है। इस सब स्टेशन में यह तीसरा ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है, इससे सब स्टेशन में बढ़ते लोड का उचित प्रबंधन किया जा सकेगा।

एमपी ट्रांसको भिंड जिले में अपने 8 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण का कार्य करती है, जिसमें 132 केवी सबस्टेशन भिंड के अलावा 220 केवी सब स्टेशन मालनपुर, 220 केवी सबस्टेशन मेहगांव एवं 132 केवी सब स्टेशन लाहर, प्रतापपुरा, रान, गोहद एवं गोरमी शामिल है।

इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से भिंड जिले की ट्रांसफारमेशन केपैसिटी बढ़कर 1619 एम वी ए की हो गई।

 

जनजातीय क्षेत्र के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

भोपाल 

सफलता की कहानी

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के विशेष प्रयासों से खंडवा जिले के खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में मध्यप्रदेश का पहला इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग एक्वा पार्क तैयार किया गया है। लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक परियोजना ने जनजाति समाज, विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोल दिए हैं।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से स्वयं सहायता समूहों की 160 महिलाएं सीधे जुड़कर आजीविका प्राप्त करेंगी। एक्वा पार्क में आधुनिक तकनीक से मछली उत्पादन, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह परियोजना केवल मछली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय समाज के आर्थिक सशक्तिकरण का नया मॉडल बनकर उभर रही है।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह लंबे समय से जनजाति समाज के विकास और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने, गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने, किसानों के खेतों तक मां नर्मदा का पानी पहुंचाकर बहुफसली खेती को बढ़ावा देने तथा जनजाति युवाओं को विदेशों में अध्ययन के अवसर दिलाने जैसी कई महत्वपूर्ण पहल उनके नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

50 एकड़ में विकसित इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग एक्वा पार्क बदलेगा जनजातीय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था

मंत्री डॉ. शाह ने बताया है कि नीति आयोग एवं शासन की 10 अलग-अलग योजनाओं के समन्वय से विकसित इस हाईटेक परियोजना को जनजाति क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है। करीब 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस एक्वा पार्क का संचालन 16 आदिवासी महिला स्व-सहायता समूहों की 160 सदस्याओं द्वारा किया जाएगा। यहां बंगाल से लाई गई तलापिया नस्ल की मछलियों का पालन किया जाएगा, जो 6 से 8 माह के भीतर एक से सवा किलो तक वजन प्राप्त कर लेंगी। एक्वा पार्क में आधुनिक तकनीक के तहत मछली पालन की संपूर्ण व्यवस्था विकसित की गई है। मछलियों के पालन के लिए शेड के नीचे 14 बायोफ्लॉक टैंक बनाए गए हैं, जहां प्रारंभिक चरण में मछली बीज छोड़े गए। मछलियों का आकार बढ़ने पर उन्हें ग्रेडिंग कर रिवर्स एक्वा सिस्टम टैंकों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें बायोफ्लॉक पॉन्ड में छोड़ा जाएगा। अंतिम चरण में विकसित मछलियों को 1200 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले आवंलिया डेम के बैकवॉटर क्षेत्र में स्थापित 120 आधुनिक केज में डाला जाएगा। इस तकनीक से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण मछली उत्पादन संभव हो सकेगा।

एक्वा पार्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

परियोजना के तहत अगले 8 से 10 महीनों में प्रतिमाह लगभग 30 टन और सालाना करीब 360 टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से सालाना लाखों रूपये के टर्नओवर का अनुमान है। इससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने के साथ जनजाति महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

ग्राम रोशनी का यह इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क “आत्मनिर्भर आदिवासी – समृद्ध मध्यप्रदेश” की सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहन रोकड़े का कहना है कि मंत्री डॉ. विजय शाह की दूरदर्शी सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण आज जनजाति समाज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह एक्वा पार्क पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल साबित होगा।

 

MP में भीषण गर्मी का कहर, राजस्थान की तपती हवाओं से खजुराहो-नौगांव में पारा 46 डिग्री पहुंचा

 भोपाल

राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने पूरे मध्य प्रदेश को भीषण गर्मी की चपेट में ले लिया है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को तीखी लू का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव में सबसे अधिक 46 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा।
पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में तीखी लू, सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री रिकॉर्ड

प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 41.5 से 44 डिग्री के बीच रहा, जबकि पूर्वी इलाकों में तापमान 41.7 से 46 डिग्री तक पहुंच गया। दमोह में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विज्ञानी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक है, वहां लू जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी: सतना-छतरपुर समेत कई जिलों में तीव्र ऊष्ण लहर का ‘रेड अलर्ट’

मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र ऊष्ण लहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सागर, दमोह और शिवपुरी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, जबलपुर और बालाघाट सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

    शहर – अधिकतम – न्यूनतम
    भोपाल – 42.0 – 29.0
    इंदौर – 40.4 – 26.3
    ग्वालियर – 43.3 – 29.0
    जबलपुर – 43.8 – 28.3

नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिन्दु संस्कृति के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी और प्रकृति एवं जन-जीवन को धन्य किया था। इस वर्ष गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए जन-जन को जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी विज़न के अनुक्रम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई को प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

दो चरणों में होंगे विशेष कार्यक्रम

गंगा दशहरा पर आयोजित कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके बाद द्वितीय चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

श्रमदान से होगा जल संरचनाओं का पुनर्जीवन

अभियान के अंतर्गत जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा। श्रमदान तथा मशीन, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों के सहयोग से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

इसके साथ ही घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े पुराने बोरवेल और ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सके। शासन द्वारा प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्य चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक चलेगा अभियान

अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त अथवा जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।

 

स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव का शामिल होना बड़ी उपलब्धि- डॉ. रमन सिंह

रायपुर

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल किया जाना इस क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, इससे क्षेत्रीय प्रगति और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने में अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

         
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज राजनांदगांव के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति
        
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री  ओपी चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिली है।

भविष्य की तकनीकों और नए अवसरों पर ध्यान दें व्यापारी
       

वित्त मंत्री ने आर्थिक उदारीकरण और जीएसटी के फायदे को रेखांकित करते हुए कहा कि एक देश-एक कर व्यवस्था से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी हुई हैं। उन्होंने उद्यमियों से शासन की औद्योगिक नीति का लाभ उठाने और भविष्य के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भविष्य में व्यापक संभावनाएं हैं। औद्योगिक सब्सिडी के लिए उद्योगों के लंबित लगभग 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान हेतु सरकार ने 468 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। उद्योग आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में श्जॉब पार्कश् की शुरुआत की गई है।

व्यापारी-उद्यमी सम्मानित 
           
कार्यक्रम में समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए  नंदलाल राठी,  टीकमदास साहू, मती हीना बेन रायचा,  शेखर बोथरा,  उन्नति पंजवानी और गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यमी सम्मान से नवाजा गया।
          
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह, चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष  सतीश थोरानी, समाजसेवी  खूबचंद पारख, चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष  कमलेश बैद,  ज्ञानचंद बाफना और  अरुण डुलानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में  पद्म फूलबासन यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारी, उद्योगपति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सौम्य मुख्यमंत्री साय का सख्त रूख

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं। 
    
मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए।
    
मुख्यमंत्री  साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है। 
    
मुख्यमंत्री ने  साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके। 
    
मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के  निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। 

मुख्यमंत्री  साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक  भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क  रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

​बिजली की कड़क ने छीने थे पैर, ‘सुशासन’ ने दी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

​रायपुर     

जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के ‘सुशासन तिहार’ ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है।

समाधान शिविर से मिला नया जीवन
    ​
ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के ‘समाधान शिविर’ में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।
     ​

बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा।

त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ
    ​
शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। ​शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। ​मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,​नया राशन कार्ड और ​महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।

मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार

कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं
 
​इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है।
​    
​पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के ‘अंत्योदय’ के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।

खनन गतिविधियों में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के लिए स्थापित हुआ “खनन सूचना केंद्र”

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज संसाधनों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, नागरिकों से सीधा संवाद तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “खनन सूचना केंद्र (Mining Information Center)” की स्थापना की गई है।

प्रदेश में खनिजों से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। इस माध्यम से आम नागरिक अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं अथवा अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।

खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व संवर्धन तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता और तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। “खनन सूचना केंद्र” इस दिशा में शासन की जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।

सरकार गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित-मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री  टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। 
     
शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।
      ​
पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।        
    
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। 

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं।

हितग्राहियों को बांटी गई खुशियां: कृषि यंत्र से लेकर ट्राईसाइकिल तक का वितरण
       ​
इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।
       
इस अवसर पर उनके साथ विधायक  ओंकार साहू, पूर्व विधायक मती रंजना साहू, महापौर  रामू रोहरा, कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

नई नीति लाएगी क्रांति, एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के साथ दोगुना होगा मत्स्योत्पादन: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल

प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शुक्रवार को भोपाल में ‘हितधारक सम्मेलन’ का आयोजन होगा। मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा कि मछली पालन और उससे जुड़े उद्योगों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मध्यप्रदेश में ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ लागू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार और विभाग का मुख्य लक्ष्य आगामी वर्षों में मत्स्य उत्पादन और इससे जुड़े व्यापार को दोगुना करना है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में ‘हितग्राही मॉडल’ और ‘उद्यमी मॉडल’ को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।

राज्यमंत्री  पंवार ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के मत्स्योद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इससे न केवल राज्य में नया निवेश आएगा बल्कि युवाओं और मछुआ समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में लागू की गई यह नीति प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। हमारा प्रमुख लक्ष्य स्थानीय मछुआरों को सीधा लाभ पहुँचाना है। इसके लिए ‘हितग्राही मॉडल’ और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्यमी मॉडल’ पर काम किया जा रहा है। मंत्री  पंवार ने बताया कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ ‘केज कल्चर’ जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

जलाशयों में आधुनिक ‘केज कल्चर’ तकनीक और अन्य इंटीग्रेटेड गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और विभागीय सचिव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह सम्मेलन निवेशकों, उद्यमियों और मत्स्य पालकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। 

पढ़ें देखें प्रोफाइल