महाराष्ट्र-तमिलनाडु में उपचुनाव की तारीख तय, 18 जून को डाले जाएंगे वोट

नई दिल्ली
राज्यसभा की 24
खाली हो रही सीटों पर चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. चुनाव आयोग ने आज द्विवार्षिक चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. दस राज्यों की 24 सीटों पर 18 जून को मतदान होगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रिटायर हो रहे हैं. वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन भी राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। 

18 जून को होगी वोटिंग 
चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के मुताबिक एक जून को नोटिफिकेशन जारी होगा. 8 जून तक नामांकन भरा जा सकेगा. 9 जून को नामांकन की जांच होगी. 11 जून को नामांकन वापस लिया जा सकेगा. अगर जरूरी हुई तो 18 जून को वोटिंग होगी. वोटिंग सुबह 9 से शाम 4 बजे तक होगी. 18 जून को मतगणना होगी और 20 जून तक राज्यसभा का चुनाव पूरा कर लिया जाएगा। 

11 बीजेपी से और 4 कांग्रेस के सांसद हो रहे रिटायर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन, और रवनीत सिंह बिट्टू आदि का कार्यकाल हो रहा है समाप्त। 

कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात से चार-चार सीटें होंगी खाली हो रही हैं. राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन-तीन सीटें खाली होने जा रही हैं. मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और झारखंड से एक-एक सीट खाली होंगी . इनके अलावा झारखंड, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से एक-एक सीटों पर उपचुनाव भी हो सकता है. 22 रिटायर होने वाले सांसदों में 11 बीजेपी के हैं जबकि कांग्रेस के चार सांसद हैं। 

चुनाव आयोग ने साफ निर्देश दिया है कि मतदान के दौरान केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए विशेष बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही इस्तेमाल किया जाएगा. किसी अन्य पेन के उपयोग की अनुमति नहीं होगी. साथ ही चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी ताकि मतदान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सके। 

राजनीतिक तौर पर इन चुनावों को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्यसभा में संख्या बल कई बड़े विधेयकों और राजनीतिक रणनीतियों पर असर डालता है. ऐसे में आने वाले दिनों में विभिन्न दल उम्मीदवारों के चयन और समर्थन जुटाने की कवायद तेज कर सकते हैं। 

किस राज्य की कितनी सीटों पर चुनाव?

आंध्र प्रदेश: 4
गुजरात: 4
कर्नाटक: 4
मध्य प्रदेश: 3
राजस्थान: 3
झारखंड: 2
मणिपुर: 1
मेघालय: 1
अरुणाचल प्रदेश :
मिजोरम :1

नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून है.

केंद्रीय मंत्रियों पर तलवार लटकी
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण और रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से राज्य सभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है. इसी तरह अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन मध्य प्रदेश से राज्य सभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो रहा है. माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रवनीत सिंह को पार्टी दोबारा राज्य सभा भेज सकती है। 

वहीं कूरियन को केरल चुनाव के मद्देनजर सरकार में लाया गया था. अब देखना होगा कि बीजेपी उन्हें फिर से राज्य सभा भेजती है या नहीं. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में इन दोनों मंत्रियों का बना रहना इस बात पर निर्भर करेगा कि वे फिर से राज्य सभा में आते हैं या नहीं। 

खरगे और दिग्विजय का क्या होगा?
कर्नाटक से संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को तीन सीटें मिल सकती हैं. इनमें से एक पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का चुना जाना तय माना जा रहा है. वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस को एक सीट जीतने के लिए जोर लगाना पड़ेगा. हालांकि उसके पास केवल छह सरप्लस वोट हैं. ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता पर दांव लगाया जा सकता है. खुद दिग्विजय सिंह फिर से राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं. राज्य में दो सीटें बीजेपी और एक कांग्रेस को मिल सकती है. बीजेपी की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन भी दौड़ में हैं. राजस्थान में बीजेपी को दो और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है। बीजेपी की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा का नाम चल रहा है। 

गुजरात में कांग्रेस जीरो
कांग्रेस को बड़ा झटका गुजरात में लगने जा रहा है. अभी गुजरात से राज्यसभा की 11 सीटों में कांग्रेस के केवल एक ही सदस्य हैं. शक्तिसिंह गोहिल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे हैं. वे 21 जून को रिटायर हो रहे हैं. वर्तमान में एक सीट जीतने के लिए 46 वोट चाहिए जबकि कांग्रेस के पास केवल 12 विधायक हैं. यानी कांग्रेस का गुजरात से अपना कोई भी उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में नहीं जीत सकता. यह पहली बार होगा जब गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य से कांग्रेस का राज्य सभा में कोई भी सदस्य नहीं होगा. हालांकि झारखंड में कांग्रेस की उम्मीदें सत्तारूढ़ जेएमएम पर टिकी हैं. पार्टी को उम्मीद है कि जेएमएम यह सीट कांग्रेस को दे देगा. इस चुनाव में एनडीए की स्थिति वर्तमान स्तर पर ही रहने की संभावना है. हालांकि टीडीपी की सीटें बढ़ सकती हैं. बीजेपी के अभी राज्य सभा में 113 सांसद हैं और एनडीए के 148 सांसद हैं. इस दौर के चुनाव के बाद बीजेपी की संख्या कमोबेश इसी के आसपास रहेगा। 

बीजेपी के 11 सांसद हो रहे रिटायर
केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कूरियन और रवनीत सिंह बिट्टू समेत 11 बीजेपी सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके अलावा कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का भी कार्यकाल समाप्त होने को है। ऐसे में कर्नाटक, गुजरात और आंध्र प्रदेश में चार-चार सीटें खाली हो रही हैं। झारखँड, तमिलनाडुऔर महाराष्ट्र की एक-एक सीटों पर उपचुनाव हो सकताहै। 11 सांसदों में से 11 बीजेपी के और चार कांग्रेस के सांसद रिटायर हो रहे हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण और रेलवे राज्य मंत्री हैं। 21 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिट्टू को फिर से राज्यसभा भेजा जा सकता है। फिलहाल वह राजस्थान से सांसद हैं। वहीं जॉर्च कूरियन की वापसी पक्की नहीं बताई जा रही है।

मल्लिकार्जुन खरगे और दिग्विजय सिंह
कर्नाटक से कांग्रेस को तीन सीटें मिल सकती हैं। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का राज्यसभा के लिए चुना जाना तय है। वहीं मध्य प्रदेश की सीट जीतने के लिए कांग्रेस के मेहनत करनी होगी। कांग्रेस के पास यहां 6 सरप्लस वोट हैं। वहीं दिग्विजय सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह राज्यसभा नहीं जानाचाहते। मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के खाते में दो-दो सीटें जा सकती हैं।

 

ममता बनर्जी को बड़ा झटका, भतीजे के गढ़ में TMC का सूपड़ा साफ

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल के फलता को तृणमूल कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था। यह लोकसभा सांसद और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के संसदीय क्षेत्र में भी आता है। इसकी बड़ी वजह यहां पर जहांगीर खान के प्रभाव को माना जाता था। अब नौबत यह है कि खुद जहांगीर अंत समय में चुनावी मैदान छोड़कर चले गए और नतीजा यह हुआ कि टीएमसी पूर्व सीएम बनर्जी के भवानीपुर के बाद एक और गढ़ गंवाने की कगार पर है।

कुछ दिनों में बदले हालात
29 अप्रैल को जब पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान होना था, तो उसमें फलता भी शामिल था। उस दौरान क्षेत्र के हर हिस्से में टीएमसी के झंडे और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। अब कुछ ही दिनों में स्थिति बदल गई है और अब जगह दूसरे दलों के झंडों से लदी हुई है। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी एक झंडा भी नजर नहीं आ रहा था।

वहीं, इस सीट पर बाहुबली छवि वाले जहांगीर खान भी चुनाव से हटने के बाद क्षेत्र से नदारद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह गुरुवार को हुए मतदान में भी शामिल नहीं हुए। अखबार से बातचीत में स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें आखिरी बार मंगलवार को देखा गया था। खास बात है कि मंगलवार को ही खान ने चुनाव से हटने का फैसला किया था।

अभिषेक बनर्जी का चलता था सिक्का
जहांगीर खान को डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र से उन्हें 89 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। अब जब खान ने चुनाव से नाम वापस लिया, तो टीएमसी ने इससे किनारा किया और खान का निजी फैसला बताया।

बंपर वोटिंग हुई
गुरुवार को सीट पर पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ जहां 86 फीसदी से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस दौरान केंद्रीय बलों की भारी तैनाती रही। यह पुनर्मतदान 29 अप्रैल के चुनाव से जुड़े विवाद के कारण हुआ, जब कई मतदान केंद्रों से शिकायतें सामने आईं कि ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और चिपकने वाली टेप लगाई गई थीं।

भाजपा और लेफ्ट में मुकाबला
खान के हटने के बाद इस सीट पर टीएमसी के पास दावेदारी ही नहीं बची। ऐसे में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के देबांग्शु पांडा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के शंभूनाथ कुर्मी के बीच माना जा रहा है। सीट पर कांग्रेस की तरफ से अब्दुर रज्जाक मोल्ला चुनाव लड़ रहे हैं।

भवानीपुर गंवाया
4 मई को जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में ममता बनर्जी के भवानीपुर सीट से हारने की खबर आई। खास बात है कि उन्हें अब बंगाल के मुख्यमंत्री बने शुभेंदु अधिकारी ने ही 15 हजार से ज्यादा मतों से हराया था। इससे पहले वह 2021 के चुनाव में अधिकारी के सामने नंदीग्राम सीट से भी हार का सामना कर चुकी हैं।

इंदौर हनीट्रैप केस में बड़ा खुलासा, हसीनाओं को टिप्स देने वाला पुलिसकर्मी गिरफ्तार

इंदौर

मध्य प्रदेश में इंदौर के चर्चित हनीट्रैप 2026 मामले में अब जांच और भी गहरी होती जा रही है। इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने गुरुवार को इंटेलिजेंस शाखा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक विनोद शर्मा पर हनीट्रैप नेटवर्क की साजिश में शामिल होने और आरोपियों को रणनीतिक सलाह देने के गंभीर आरोप हैं।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिलाएं उसे ‘जीजा’ कहकर बुलाती थीं और कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और चैट शेयर कर आगे की ब्लैकमेलिंग रणनीति पर सलाह लेती थीं। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच करवा रही है।

SIT ने संभाली जांच, पांच मोबाइल जब्त
डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के अनुसार पूरे मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। अब तक पांच मोबाइल फोन जब्त किए जा चुके हैं, जिनकी साइबर और फोरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क किन-किन नेताओं, कारोबारियों और अफसरों तक पहुंचा था। साथ ही रेशु चौधरी से जुड़े जमीन खरीदी-बिक्री के एक अहम कॉन्ट्रैक्ट को भी जब्त करने की कोशिश की जा रही है।

विदेश में पढ़ी रेशु ने बढ़ाईं राजनीतिक नजदीकियां
जांच में सामने आया है कि मकरोनिया (सागर) निवासी रेशु चौधरी विदेश में पढ़ाई कर चुकी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह दिल्ली में बड़े नेताओं के संपर्क में आई और बाद में इन्हीं संपर्कों का इस्तेमाल कर मध्य प्रदेश के प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाई।बताया जा रहा है कि उसने राजनीति और हाईप्रोफाइल नेटवर्किंग के जरिये खुद को स्थापित करने की कोशिश की और धीरे-धीरे प्रॉपर्टी कारोबार से भी जुड़ गई।

तीन साल में खड़ा हुआ हाईप्रोफाइल नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इस पूरे गिरोह की कथित मास्टरमाइंड अलका दीक्षित है। श्वेता जैन के साथ आने के बाद नेटवर्क तेजी से फैलता चला गया।

UPSC-MPPSC प्रोफाइल से बनाई हाईप्रोफाइल पहचान
रेशु सोशल मीडिया प्रोफाइल में खुद को कभी UPSC प्री क्वालिफाइड, तो कभी MPPSC प्री-2016 पास बताती थी। कुछ जगह उसने रेवेन्यू सर्विस में चयनित होने तक का दावा किया था। वर्ष 2016 में उसने “ब्रह्मपुत्र IAS एकेडमी” नाम से कोचिंग संस्थान भी शुरू किया था, जो बाद में बंद हो गया।

राजनीति में एंट्री की तैयारी, लेकिन सपना अधूरा
सूत्रों के मुताबिक, भोपाल के एक बड़े भाजपा नेता के संपर्क में आने के बाद रेशु ने नरयावली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। उसने क्षेत्र में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि 2018 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदीप लारिया को प्रत्याशी बना दिया और रेशु की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं अधूरी रह गईं। अब SIT पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाईप्रोफाइल हनीट्रैप मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जैविक खेती के लिये अध्ययन दल भेजे दंतेवाड़ा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय छात्रावासों में शैक्षणिक एवं आवासीय प्रबंधन करें बेहतर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विशेष पिछड़ी जातियों के समग्र विकास के लिये करें सतत कार्य
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में की जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जाये। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में भी जनजातीय कृषकों द्वारा जैविक खेती की जा रही है। इसका अध्ययन करने के लिए मध्यप्रदेश से दल भेजा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात कही। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों, आश्रम और छात्रावासों में शिक्षा और रहन सहन की गुणवत्ता बेहतर करें। जनजातीय क्षेत्रों में परंपरागत सामाजिक मूल्यों के संरक्षण और समग्र विकास के लिए समाज सेवी संगठनों का भी सहयोग लें। जनजातीय क्षेत्र में शासन के विभिन्न विभाग मिलकर कार्य करें। कन्वर्जेंस से जन सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाये। जनजातीय समाज में पशुपालन को बढ़ावा दें और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में इनका सहयोग ले। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहारिया के समग्र विकास के लिए सतत् कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया है कि हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा परिणाम 2026 में सर्वश्रेष्ठ 10 ज़िलों में से 7 जनजातीय जिले शामिल हैं। दिसम्बर 2023 से अब तक जनजातीय वर्ग के कक्षा 9 एवं 10 के कुल 3 लाख 65 हज़ार विद्यार्थियों को 137 करोड़ 52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी अवधि में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 28 हज़ार विद्यार्थियों को 673 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि भुगतान की गई है। विभाग द्वारा 2671 छात्रावास और आश्रम शालाओं का संचालन किया जा रहा है।

मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिला मुखिया के बैंक खाते में प्रतिमाह 15 सौ रुपये की राशि शासन की आहार अनुदान योजना में प्रदान की जा रही है। दिसम्बर 2023 से अभी तक में 2 लाख 37 हजार 550 महिलाओं को कुल 432 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं।

 

मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास हो रहे फलीभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास हो रहे फलीभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुग्ध उत्पादकों को गत वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक हुआ भुगतान
प्रतिदिन हो रहा 9.67 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन 11 प्रतिशत हुई वृद्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन और डेयरी विभाग के कार्यों की समीक्षा की

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास फलीभूत होने लगे हैं। समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन बढ़ाते हुए लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। प्रदेश में प्रतिदिन 9.67 लाख किलोग्राम औसत दुग्ध  संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है।  यह गत वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि को निरंतर बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में पशुपालन विभाग  की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि गत छह माह में 11 लाख किलोग्राम से अधिक औसत प्रतिदिन दुग्ध संकलन हुआ है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया है। पशुपालन और डेयरी विकास राज्य मंत्री  (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, मवेशियों के स्वास्थ्य की बेहतर देखरेख,चारा उत्पादन और उपलब्धता,पशु पोषण,स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना, क्षीरधारा ग्राम योजना,ब्रीडर एसोसिएशन,दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, गोरस ण्ेप, राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यों और एनडीडीबी द्वारा दिए जा रहे सहयोग की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।  

दुग्ध उत्पादन में नम्बर वन बनाना है प्रदेश को

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे क्रम पर है। हमारा लक्ष्य प्रथम क्रम पर आने का है। इस दिशा में प्रारंभ किए गए प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है।  ग्वालियर डेयरी प्लांट के आधुनिकीकरण, शिवपुरी डेयरी प्लांट को पुनर्जीवन देने, इंदौर में 3 लाख लीटर रोजाना क्षमता वाले मिल्क पाउडर प्लांट की शुरूआत जैसे ठोस कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  निश्चित ही इन प्रयासों से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन और विक्रय के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहयोग मिला है। ये प्रयास जारी रहना चाहिए।

बीते वर्ष दुग्ध उत्पादकों को किया 1609 करोड़ रूपये का भुगतान

प्रदेश में श्वेत क्रांति लाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान (गत वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक) में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई प्रणाली से विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। किसानों की आय बढ़ने से उनके जीवन में समृद्धि आ रही है।

सांची ब्रांड को सुदृढ़ करने में मिली कामयाबी

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में विपणन और ब्रांड सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत सांची ब्रांड को लोकप्रिय बनाते हुए विभिन्न उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में भी सफलता मिली है। मूल्यसंवर्धित उत्पादों में घी की बिक्री 17प्रतिशत बढ़ी है। पनीर, दही, छाछ और फ्लेवर्ड दूध की बिक्री में भी वृद्धि दर्ज हुई है। बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के प्रयास भी किए गए। बैठक में प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।    

 

विद्यार्थियों ने समझे एयरोडायनामिक्स के वैज्ञानिक सिद्धांत

भोपाल 

मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) भोपाल के अंतर्गत संचालित “सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग” में दो दिवसीय “एयरोमॉडेलिंग : डिजाइन, बिल्ड एंड फ्लाई” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 32 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विमान मॉडल के डिजाइन, निर्माण और उड़ान से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक एवं गतिविधि आधारित तरीके से समझा। विद्यार्थियों ने विभिन्न एयरोमॉडल तैयार किए और उनके उड़ान परीक्षण भी किए। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और अधिक विकसित हुई।

मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने और रचनात्मक चिंतन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान एवं अनुभवों के माध्यम से एक-दूसरे की सहायता करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और टीमवर्क की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यशाला में विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक एवं उसके विभिन्न भागों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें आधुनिक एयरोस्पेस तकनीकों से परिचित कराया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को एयरोडायनामिक्स, संतुलन, नियंत्रण एवं उड़ान के मूलभूत सिद्धांत सरल और रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाए।

कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता एवं वैज्ञानिक सोच का विकास करना था। समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मैपकॉस्ट के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे और संयुक्त परियोजना संचालक डॉ. मनोज राठौर उपस्थित रहे।

 

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र नई सड़कों से होगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र नई सड़कों से होगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

सिंहस्थ के पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश
रिंग रोड्स निर्माण के कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में तेजी से निर्मित हो रही सड़कें नागरिकों को विकास का पूरा लाभ दिलवाने में सहयोगी हैं। इनसे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों भोपाल और इंदौर-उज्जैन की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों से लाभान्वित होंगे। इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई वे फोर लेन, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे फोर लेन बन जाने से यह सम्पूर्ण क्षेत्र विकास के नए आयामों को स्पर्श करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुरुवार को मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ : 2028 के कुछ माह पूर्व ही सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अमूल्य जिंदगियां बचाने के प्रयास सराहनीय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण, नवाचारों के उपयोग और विभिन्न विधियों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में मिली सफलता सराहनीय है। लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के सहयोग से किसान कल्याण वर्ष में गांव से शहरों तक सब्जियां और फल लेकर आने वाले कृषकों को हेलमेट वितरण के कार्य में भी शामिल हो जिससे सड़कों पर दो पहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रदेश में मूल्यवान जिंदगियां बचाने के लिए लोक निर्माण और अन्य विभाग मिलकर कार्य करें। दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिन्हित कर निकट ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी संचालित किए जाएं। यह कार्य विभागीय समन्वय से किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 481 ब्लैक स्पॉटस चिन्हित हैं। दुर्घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से लोक निर्माण विभाग ने निरंतर कार्य किया है। ब्लैक स्पॉटस का समाधान करते हुए रोड सेफ्टी के अंतर्गत स्कूल जोन में वाहनों की गति सीमित करने, विशेष चेतावनी संकेत लगाने, वाहनों की आवाजाही को स्पष्ट दिशा संकेतक देने, लेन अनुशासन मार्किंग, रोड मार्किंग जैसे उपाय किए गए।

निर्माण कार्यों की मंजूरी में भी नवाचार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया में किए गए नवाचार की जानकारी प्राप्त की। कार्य स्वीकृति से पूर्व संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। इसी तरह परियोजना की वास्तविक आवश्यकता, यातायात घनत्व, भविष्य की मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के स्थल विश्लेषण, पीएम गति शक्ति पोर्टल से मार्ग अलाइनमेंट, मल्टी- मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर समन्वय और इंटर कनेक्टिविटी का परीक्षण, जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने और नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग और अलाइमेंट परीक्षण के कार्य मुख्य अभियंता स्तर से अनिवार्य किए जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। पुल- पुलियों के सुधार, बसाहट की जगहों पर वीसी मार्ग के निर्माण और कार्यपालन यंत्री द्वारा स्थल निरीक्षण को भी अनिवार्य किया गया है।

रिंग रोड्स के निर्माण के कार्यों में तेजी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के बड़े नगरों में निर्मित किए जा रहे रिंग रोड्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल पश्चिमी बायपास जिसकी लंबाई 35.6 किमी है आगामी ढाई वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का रिंग रोड आगामी डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश के अन्य मध्यम छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नये रिंग रोड के निर्माण की पहल की गई है। नगर निगम और अन्य एजेंसियों से समन्वय कर विद्यमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य हो रहा है। 

रेल्वे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर

रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। भारत सरकार की पहल के अंतर्गत असुरक्षित रेल्वे क्रांसिंग को समाप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग रेल्वे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण कर रहा है। इससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ समय की बचत करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सड़कों पर 105 आरओबी बनाए गए हैं। सड़क विकास निगम के अंतर्गत 16 और एनएचएआई के अंतर्गत 25 आरओबी एवं आरयूबी मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जबलपुर में यह कार्य पूरा हो चुका है। ग्वालियर और भोपाल में तीन चौथाई कार्य पूर्ण हो चुका है। इंदौर और उज्जैन में कॉरिडोर के कार्य प्रारंभ हुए हैं।

प्रगति पथ प्रदेश की तीव्र प्रगति में होंगे सहायक

प्रदेश में छह प्रगति पथ निर्माणाधीन हैं। इनमें नर्मदा प्रगति पथ और मालवा-निमाड़ विकास पथ के कार्य क्रमश: 68 और 92 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। मध्यभारत विकास पथ का कार्य 61 प्रतिशत, बुंदेलखण्ड विकास पथ का कार्य 33 प्रतिशत पूर्ण हुआ है। विंध्य एक्सप्रेस-वे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए आवश्यक प्रकिया प्रचलन में है।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  केपेसिटी बिल्डिंग सहित विभिन्न एप का प्रयोग और नए मार्गों के लिए कृषक पथ, आस्था पथ, विकास पथ जैसे अभिनव नामकरण किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यों की प्रगति से अवगत करवाया। विशेष रूप से इंदौर- उज्जैन स्टेट हाईवे 59 के 6लेन बनने और उज्जैन- जावरा हाईवे 4 लेन और इंदौर-उज्जैन हाइवे फोरलेन, वेस्टर्न भोपाल बायपास, स्टेट हाइवे 67 के नर्मदापुरम- टिमरनी खंड और सिवनी मालवा बायपास टू लेन, सागर- दमोह फोर लेन और बड़वाह- धामनोद फोर लेन सड़क परियोजनाओं की जानकारी दी गई। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

 

721 साल बाद धार में ऐतिहासिक शुक्रवार, भोजशाला में गूंजे वाग्देवी के जयकारे

धार 

भोजशाला को लेकर आए हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद शुक्रवार को पहली बार मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा। 721 सालों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार के दिन भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंज उठेगा। पूरे धार अंचल में इसे लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

हिंदू पक्ष को हाई कोर्ट से 721 सालों के बाद निर्बाध पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने पर यह पहला शुक्रवार बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है। शहर में लोग एक-दूसरे को महाआरती में शामिल होने के निमंत्रण दे रहे हैं और धार्मिक उत्साह चरम पर है।

सुबह महाआरती, दोपहर में निकलेगा श्रद्धालुओं का जत्था
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हिंदू पक्ष सुबह 9 बजे भोजशाला में महाआरती करेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे भोजशाला मुक्ति यज्ञ आंदोलन के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह पहला मौका है, जब शुक्रवार को महाआरती आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिसर में मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप और अखंड ज्योति विराजित है तथा नियमित पूजा-अर्चना पूर्व की तरह जारी रहेगी।

सुबह होगी महाआरती
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हिंदू पक्ष सुबह नौ बजे भोजशाला में महाआरती करेगा, जबकि दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे। बता दें कि 721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार को भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंजेगा। अब तक प्रत्येक शुक्रवार को यहां मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति थी।

मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
इधर, हाई कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई होने की संभावना है।

प्रशासन अलर्ट, 1500 से ज्यादा जवान तैनात
वहीं, धार में जिला व पुलिस प्रशासन ने शहर में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था कर ली है। आसपास के शहरों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। धार के एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करवाया जाएगा। शहर में 1500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।

कमाल मौलाना का उर्स, लंगर की भी रहेगी व्यवस्था
भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन होगा। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों के अनुसार, उर्स को लेकर प्रशासन को पूर्व में सूचना दे दी गई है। सोसायटी की ओर से दरगाह परिसर में जियारत के साथ लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी।

मस्जिद पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
इधर, हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई की संभावना है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट के फैसले का पालन किया जाएगा और शुक्रवार को समाजजन अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों तथा घरों में नमाज अदा करेंगे। विरोध स्वरूप कुछ स्थानों पर दुकानें बंद रखने और काली पट्टी बांधने की बात भी कही गई है।

उर्स और लंगर की भी तैयारी
भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन भी होगा। सोसायटी पदाधिकारियों के अनुसार दरगाह परिसर में जियारत और लंगर की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को पहले ही इसकी सूचना दे दी गई थी।

धार बना छावनी, 1500 जवान तैनात
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए धार पुलिस और जिला प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। सचिन शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन कराया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं।

महासत्याग्रह के बाद मना महाविजय महोत्सव
हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला समर्थकों ने परिसर के बाहर महासत्याग्रह और “महाविजय महोत्सव” भी मनाया। देर रात तक आतिशबाजी और धार्मिक आयोजन चलते रहे।

बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व DCP के बंद घर का ताला तोड़कर पहुंची टीम

 कोलकाता

पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी रैकेट की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. मुर्शिदाबाद ज़िले के कांडी शहर में कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DC) और कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) शांतनु सिन्हा विश्वास के आलीशान पैतृक आवास पर ईडी की टीम ने ताला तोड़कर धावा बोला. यह घर कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित है और पिछले एक हफ्ते से पूरी तरह बंद पड़ा था। 

शांतनु सिन्हा विश्वास कोलकाता के कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) रह चुके हैं और फिलहाल ज़मीन से जुड़े एक वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में ED की हिरासत में हैं। 

शांतनु सिन्हा विश्वास का कांडी में एक आलीशान घर है जो कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित है. यह घर पिछले सात दिनों से बंद पड़ा है. शांतनु सिन्हा विश्वास की बहन, गौरी सिन्हा विश्वास, फिलहाल कांडी नगर पालिका की उपाध्यक्ष हैं. छापेमारी के दौरान वह भी घर पर मौजूद नहीं थी. चूंकि घर बंद था, इसलिए ED के अधिकारियों ने घर के बाहर से ही अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी और स्थानीय लोगों से बातचीत की और इसके बाद ताला तोड़कर घर में घुसे। 

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित तौर पर ‘सोना पप्पू’ नाम से जुड़े उगाही नेटवर्क और शांतनु सिन्हा बिस्वास से संबंधित जांच के तहत की जा रही है. जानकारी के अनुसार, ED की टीमों ने सुबह करीब 6 बजे एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। 

कोलकाता के रॉय स्ट्रीट स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर छापेमारी की गई. इसके अलावा कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी पहुंची. एजेंसी कथित उगाही, अवैध लेनदेन और पुलिस अधिकारियों से जुड़े संभावित आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है। 

हालांकि ED की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्रवाई का फोकस कथित जबरन वसूली गिरोह और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन पर है. जांच एजेंसी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है। 

बंगाल में एक साथ कई जगहों पर हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। 

Apple का बड़ा खुलासा, 2.2 बिलियन डॉलर के फर्जी ट्रांजैक्शन किए ब्लॉक

 नई दिल्ली
ऐपल ने एक बड़ा दावा किया है और बताया है कि उसने बीते एक साल में करोड़ों रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया है और लोगों की मेहनत की कमाई को ठगे जाने से बचाया है. ये जानकारी ऐपल न्यूजरूम पर शेयर की है। 

ऐप स्टोर ने ट्रांजैक्शन में 2.22 बिलियन डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी को रोका है. कंपनी ने बीते छह साल में 11.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड को रोकने में सफलता हासिल की है। 

हर सप्ताह करोड़ों विजिटर्स आते हैं 

ऐपल ने बताया है कि 175 देशों के ऐप स्टोर पर हर सप्ताह करीब 85 करोड़ से ज्यादा विजिटर्स आते हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए ऐपल का कहना है कि वह स्कैम, खतरनाक ऐप्स, फर्जी रिव्यू और पेमेंट फ्रॉड पकड़ने के लिए रिव्यू टीम और एडवांस मशीन लर्निंग सिस्टम का यूज करते हैं।  

2025 में आए 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन 
ऐपल ने बताया ह कि ऐप रिव्यू टीम ने साल 2025 में 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन प्रोसेस किए और 3 लाख नए डेवलपर्स को ऑनबोर्ड किया है. फिर ऐप स्टोर गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर करीब 20 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन रिजेक्ट किए हैं. इनमें 12 नए ऐप्स और 8 लाख ऐप अपडेट भी शामिल रहे हैं। 

रिव्यू टीम में इंसान और AI करते हैं काम 
कंपनी ने आगे बताया है कि उनके रिव्यू टीम में इंसानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) बेस्ड सिस्टम भी काम करता है. ये सिस्टम फास्ट तरीके से खतरनाक ऐप्स की पहचान करता है और फिर उनको ब्लॉक करने में मदद करता है। 

कई ऐप ने बाद में बदला अपना नेचर 
ऐपल ने रिपोर्ट में बताया है कि 59 हजार ऐसे ऐप्स भी रिमूव किए जा चुके हैं, जो शुरुआत में गेम या सामान्य यूटिलिटी के रूप में मंजूर किए थे. बाद में उनको फ्रॉड प्लेटफॉर्म में बदल दिया गया। 

लाखों अकाउंट्स को किया जा चुका है बंद 
अमेरिका कंपनी ने बताया है कि कई साइबर ठग बॉट नेटवर्क और फर्जी अकाउंट की मदद से ऐप रैंकिंग में हेरफेर, स्पैम और नकली रिव्यू पोस्ट करने की कोशिश करते हैं. इसको लेकर कंपनी बता चुकी है कि वह साल 2025 में 1.1 बिलियन फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिश को ब्लॉक कर चुकी है। 

बच्चों की सेफ्टी वाले नियम तोड़े गए
Apple ने ये भी बताया है कि बच्चों की सेफ्टी के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ने पर Kids कैटेगरी के 5 हजार से ज्यादा ऐप्स को रिजेक्ट किया जा चुका है. पहले ऐप्स ने स्क्रीन टाइम और आस्क टू बाय जैसे पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स का भी जिक्र किया, फिर इनकी मदद से माता-पिता बच्चों की ऐप एक्टिविटी और शॉपिंग पर नजर रखते हैं। 

पढ़ें देखें प्रोफाइल