हादसे की हार, हौसले की जीत: नर्मदा प्रसाद को मिला शासन की योजनाओं का संबल

हादसे की हार, हौसले की जीत: नर्मदा प्रसाद को मिला शासन की योजनाओं का संबल

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

​ 
​    रायपुर

       नर्मदा प्रसाद यादव कभी एक प्लास्टिक कंपनी में काम कर पूरे सम्मान के साथ अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। वे अपने परिवार की उम्मीदों का मुख्य आधार थे। लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन, कार्यस्थल पर काम करने के दौरान वे एक भीषण विद्युत दुर्घटना (तगड़ा करंट लगने) का शिकार हो गए। इस हादसे ने न केवल उन्हें गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुँचाई, बल्कि उनके जीवन में पूर्ण विकलांगता की स्थिति उत्पन्न कर दी।
   नर्मदा जी का चलना-फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इस हादसे के बाद मानो उनके पूरे परिवार पर अंधकार छा गया और अचानक आए इस गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से पूरा परिवार हताश हो गया। अचानक उनके जीवन की रफ्तार थम गई।

​संकट के समय सहारा बनीं शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं

    ​जब नर्मदा जी और उनका परिवार भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित और असहाय महसूस कर रहा था, तब शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में एक नई सुबह बनकर आईं। शासन का मूल मंत्र ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद करना है, और यही संबल नर्मदा जी को भी मिला।
​     निराशा के दौर से उबरने के लिए नर्मदा प्रसाद ने शासन की योजना के तहत ग्राम पंचायत में ट्राई साइकिल के लिए आवेदन किया। शासन के संवेदनशील प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पूरी तत्परता दिखाई और बिना किसी कागजी देरी के नर्मदा जी को तुरंत एक ट्राई साइकिल प्रदान की।

​आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

     इस ट्राई साइकिल ने नर्मदा जी के जीवन की रुकी हुई रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया। अब उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों या कहीं आने-जाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शासन के इस छोटे से सहयोग ने उनके भीतर खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा जगा दिया है।

​     इसके साथ ही, परिवार को स्थाई आर्थिक मजबूती देने के लिए विभाग द्वारा उनकी विकलांगता पेंशन के आवेदन को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाया गया है। यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि नियमित रूप से आने लगेगी, जिससे उनके घर का खर्च आसानी से चल सकेगा।

     ​नर्मदा प्रसाद ने कहा कि ये सिर्फ योजना नहीं, जीवन जीने की नई उम्मीद है। हादसे के बाद मुझे लगा था कि अब मेरी जिंदगी दूसरों के भरोसे ही कटेगी। लेकिन शासन की योजनाओं ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की हिम्मत दी है। ट्राई साइकिल मिलने से मैं अब खुद कहीं भी आ-जा सकता हूँ और पेंशन शुरू होने से मेरे परिवार का आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा। संकट के इस समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं शासन और प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ।

प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए तैयार होगा इंडिविजुअल केयर प्लान : आयुक्त सुश्री निवेदिता

प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए तैयार होगा इंडिविजुअल केयर प्लान : आयुक्त सुश्री निवेदिता

मिशन वात्सल्य के राज्य स्तरीय आईसीपी प्रशिक्षण कार्यशाला हुई

भोपाल 

आयुक्त महिला एवं बाल विकास सुश्री निधि निवेदिता ने कहा कि इंडिविजुअल केयर प्लान (आईसीपी) केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के जीवन, उसकी आवश्यकताओं और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों एवं संस्थाओं से कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे के लिए आईसीपी तैयार किया जाना अनिवार्य है तथा समय-समय पर उसका मूल्यांकन और अद्यतन भी किया जाना चाहिए, जिससे बच्चों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं प्रभावी बनी रहें। उन्होंने कहा कि बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे बच्चों के साथ समुदाय में संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए भी आईसीपी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि हर बच्चे की परिस्थितियां, समस्याएं, क्षमताएं और पुनर्वास की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। आयुक्त सुश्री निवेदिता महिला बाल विकास संचालनालय में मिशन वात्सल्य योजना के तहत राज्य स्तरीय इंडिविजुअल केयर प्लान विषय पर आधारित कार्यशाला को संबोधित कर रही थी।

सुश्री निवेदिता ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण आईसीपी के माध्यम से बच्चों की शिक्षा, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श, कौशल विकास, पारिवारिक पुनर्मिलन, सामाजिक पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए योजनाबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकती है। इससे बच्चों के सर्वोत्तम हित के सिद्धांत को व्यवहारिक रूप से लागू करने में सहायता मिलती है और बच्चों को संस्थागत देखरेख पर निर्भर रहने के बजाय परिवार एवं समुदाय आधारित देखरेख की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये अधिकारियों, बाल संरक्षण विशेषज्ञों, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभागीय अधिकारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण में बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप देखरेख और पुनर्वास की योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

MP में भीषण गर्मी का कहर, 4 जिलों में रेड अलर्ट; पारा 46 डिग्री के पार संभव

भोपाल 

मध्यप्रदेश में नौतपा से पहले ही गर्मी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। शुक्रवार को कई जिलों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाके में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है। हालात ये हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर गर्म हवाएं महसूस होने लगती हैं और दोपहर आते-आते बाजारों में भीड़ कम हो जाती है। भोपाल समेत कई शहरों में लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है और इसके बाद अगले 9 से 10 दिन गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है।

प्रदेश के 41 जिलों में लू के लिए चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, विदिशा, सागर, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट समेत 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इंदौर, धार, बड़वानी और नर्मदापुरम में भले ही लू की सीधी चेतावनी नहीं दी गई हो, लेकिन उमस और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिन तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच गर्मी सबसे ज्यादा असर दिखा रही है, और इसी दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कहीं 50 डिग्री ना पहुंच जाए?

 नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसी आशंका है कि कहीं पारा 50 डिग्री तक ना पहुंच जाए. लगातार गर्म हवाओं और सूखी पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदेश में राहत की संभावना फिलहाल बेहद कम नजर आ रही है। 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार नौतपा के शुरुआती 8 से 10 दिन बेहद तीखे रह सकते हैं. उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बना हाई प्रेशर सिस्टम गर्मी को और खतरनाक बना रहा है. IMD के विस्तारित पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति अगले कई दिनों तक बनी रह सकती है. प्रदेश के नौगांव, खजुराहो, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार नौगांव में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है जबकि खजुराहो में भी पारा 46 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया. गर्म रातें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। 

चार जिलों में रेड अलर्ट, कई शहरों में ऑरेंज वार्निंग
IMD और मौसम केंद्र भोपाल के ताजा अलर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू चलने की आशंका है. बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं. दतिया, भिंड, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई जा रही है. वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग की सलाह है कि लोग लगातार पानी पीते रहें और धूप में जाने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नज़र आ रही हैं। ग्वालियर और बुंदेलखंड में गर्म हवाओं का असर अधिक है। वहीं, भोपाल और इंदौर में गर्मी के बीच कभी-कभी बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी का भी ट्रेंड चल रहा है, लेकिन इससे उमस और बढ़ गई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर ध्यान दें तो मई महीने में प्रदेश के बड़े शहरों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो चुका है। ग्वालियर में पारा 48 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि भोपाल और जबलपुर में भी कई बार तापमान 46 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार नौतपा के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी का लंबा दौर देखने को मिल सकता है।

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक
मौसम विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है. लगातार चल रही गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं. अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट एक्सॉशन के मरीज बढ़ने लगे हैं। 

नौतपा में क्यों बढ़ती है गर्मी
भारतीय पंचांग के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है. यह लगभग 9 दिनों की अवधि होती है जिसमें सूर्य की किरणें सीधे धरती पर असर डालती हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान यदि तेज गर्मी पड़ती है तो मानसून सामान्य रहने की संभावना बढ़ती है. हालांकि इस बार चिंता की वजह यह है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार शुष्क हवाएं, कम नमी और बादलों की अनुपस्थिति मिलकर गर्मी को और तीखा बना रही हैं. उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं का असर सीधे मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है। 

22 शहरों में 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 22 से ज्यादा शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. नौगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल है. खजुराहो, रीवा, सतना, सागर और ग्वालियर में भी तापमान तेजी से बढ़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। 

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं. लगातार पानी पीने, ORS लेने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी गई है। 

बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: आयुष्मान खुराना की ‘पति पत्नी और वो दो’ ने 7वें दिन कमाए 2 करोड़

 सिनेमाघरों में 15 मई को दो फिल्में रिलीज हुई थी. जिसमें पहला आयुष्मान खुराना का पति पत्नी और वो दो थी. वहीं दूसरी संजय दत्त की आखिरी सवाल थी. दोनों फिल्में अभी भी धीमी ही सही, लेकिन कमाई का सिलसिला जारी रखे हुए है. आइये एक नजर उनके कलेक्शन पर डालते हैं.

पति पत्नी और वो दो का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 7
रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं. पति पत्नी और वो दो ने बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की और पहले दिन मात्र 4 करोड़ रुपये कमाए. सातवें दिन, ट्रैकिंग वेबसाइट Sacnilk के अनुसार इसने सातवें दिन 4,940 शो में 2.00 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद इसका टोटल कलेक्शन 29.00 करोड़ हो गया. विदेशों में, फिल्म ने सातवें दिन 0.50 करोड़ कमाए. वहीं टोटल कमाई 40.28 करोड़ हुई.

आखिरी सवाल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 7
इस बीच, Sacnilk के अनुसार, आखिरी सवाल ने सातवें दिन 871 शो में 0.19 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म का कुल 2.78 करोड़ हो गया है. विदेशों में फिल्म ने कुल 0.50 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद कलेक्शन 3.81 करोड़ हो गया. फिल्म में संजय दत्त, अमित साध और समीरा रेड्डी मुख्य भूमिकाओं में हैं. आखिरी सवाल की कहानी विक्की नाम के एक प्रतिभाशाली लेकिन अप्रत्याशित छात्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बड़ा विवाद खड़ा कर देता है. एक साधारण अकादमिक असहमति के रूप में शुरू हुआ यह मामला सनसनीखेज समाचार एंकर और एक महत्वाकांक्षी राजनीतिक कार्यकर्ता के कारण जल्द ही राष्ट्रीय टेलीविजन पर तमाशा बन जाता है. यह बॉलीवुड फिल्म गांधीजी की हत्या और आपातकाल सहित अत्यंत संवेदनशील ऐतिहासिक और राजनीतिक विषयों को उजागर करती है.

कंगना रनौत का वायरल वीडियो विवाद: मंगलसूत्र और चूड़ियों पर खुद दी सफाई

कंगना रनौत हरी-चूड़ी और मंगलसूत्र वाला वीडियो काफी वायरल हुआ। इस पर लोगों ने तरह-तरह के कयास लगाए। अब कंगना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके बताया है कि उनके इस गेटअप के पीछे क्या राज था। उन्होंने लिखा है कि वह शूट कर रही हैं और किसी ने उन्हें कैमरे में कैप्चर कर लिया। कंगना ने लिखा है कि इस लुक में क्या ही बड़ी बात है। क्लिप्स वायरल होने के बाद उनको लोगों के फोन आने लगे हैं।

नहीं करूंगी चुपचाप शादी
कंगना रनौत ने अपने मंगलसूत्र और चूड़ी वाले लुक पर उठ रहे सवालों वाला एक न्यूज आर्टिकल शेयर किया है। इसमें लिखा है कि कंगना रनौत ने गुपचुप कर ली शादी? गले में मंगलसूत्र, हाथों में हरी चूड़ियां पहने दिखीं। इस पर कंगना ने लिखा है, ‘मैं हर दिन शूट कर रही हूं। किसी ने ये रैंडम फोटो खींच ली जिसमें मैं कैरेक्टर मेकअप में थी, अब मुझे बहुत से फोन कॉल्स आ रहे हैं। पर किसी शादीशुदा महिला के लुक में क्या बड़ी बात है। एक्टर्स हर तरह के रोल करते हैं, मैं वादा करती हूं, चुपचाप शादी नहीं करूंगी।’

चैलेंजिंग लाइफ को बताया अच्छा
एक और पोस्ट में कंगना ने लिखा है, ‘न्यूज एंकर्स एसी स्टूडियोज से बाहर की हीट वेब और टेम्परेचर की शिकायत कर रहे हैं, हम जैसे लोगों का क्या जो आउटडोर शूटिंग कर रहे हैं, इतनी सारी लाइट्स, बंद जगहें, हाहा शिकायतें करना बंद कीजिए दोस्तों, जिंदगी जब तक चैलेंजिंग है, तब तक ही अच्छी है, अगर आसान और प्रिडिक्टिबल तरह से आप जीवित फील करते हैं तो यह मौत के बराबर है, हैपी समर।’

वायरल वीडियो में क्या था
कंगना का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने पीच कलर का सलवार सूट पहना था। वह बिंदी लगाए थीं, मांग भरे थीं, गले में मंगलसूत्र और उनके हाथों में हरी चूड़ियां थीं। उनको इस गेटअप में देखकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। कई लोगों ने लिखा था कि कंगना को पता था कि बाहर कैमरा है, जानबूझकर ही वह ऐसे बाहर आई हैं। वो लकी इंसान कौन है जिससे उन्होंने शादी की। कुछ लोगों को लग रहा था कि कंगना ने फैशन में मंगलसूत्र पहना है। कुछ का ध्यान उनकी हरी चूड़ियों पर था। वहीं कुछ लोग यह भी लिख रहे थे कि वह शूट के लिए ऐसे तैयार हुई हैं।

कंगना के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स
कंगना की अपकमिंग फिल्मों की बात करें तो उनकी फिल्म भारत भाग्य विधाता जून में रिलीज होनी है। वहीं क्वीन 2 की शूटिंग हो रही है। इसकी रिलीज डेट अभी ऑफिशियल नहीं हुई।

PWD का बड़ा आदेश: SDO से लेकर ENC तक सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहने के निर्देश, ठेकेदारों को हर महीने होगा भुगतान

रायपुर
लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं।

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।

ट्विशा मौत मामले में बड़ा अपडेट, CBI जांच के लिए सरकार ने भेजा पत्र

भोपाल 

एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत की सीबीआई जांच होगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इसके लिए सहमति दे दी है। 20 मई को जब ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पहुंचे थे, तब उन्होंने इसका आश्वासन दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार परिवार की हर संभव मदद करेगी। अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी। वहीं, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मामले की जांच CBI से कराने की मांग उठाई थी।

उधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में सुनवाई हो रही है। इस दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए मोहलत की मांग की, तो अदालत ने सुनवाई 2.30 बजे तक स्थगित कर दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. सिंह की समर वेकेशन बेंच में हो रही है।

ट्विशा के परिजन ने जमानत याचिका पर आपत्ति लगाई है। उसके पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाए हैं कि समर्थ जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है। वह फरारी के दौरान केस को प्रभावित कर रहा है।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे को हटाने की मांग की है।

गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा, सेना के सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सहित कई पूर्व अधिकारियों ने मंत्रालय में मुलाकात कर न्याय की मांग की। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिजनों से मुलाकात के बाद कहा कि यदि परिवार चाहता है तो राज्य सरकार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम कराने का निर्णय अदालत करेगी। यदि कोर्ट अनुमति देता है, तो राज्य सरकार शव को सुरक्षित दिल्ली एम्स पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इधर, ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 के न्यायाधीश पद से हटाने की मांग की है।

पत्र में उन्होंने लिखा है कि गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या का गंभीर मामला दर्ज है। वर्तमान में वह जिला उपभोक्ता फोरम में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उपभोक्ता फोरम में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है और नियमों के अनुसार कदाचार, गंभीर आरोप या किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता सामने आने पर पद से हटाने का प्रावधान है। नवनिधि शर्मा ने राज्यपाल और राज्य सरकार से मांग की है कि दहेज हत्या के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद गिरिबाला सिंह को तत्काल पद से हटाया जाए, ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।

अदालत ने ट्विशा का शव सुरक्षित रखने को कहा
उधर भोपाल की एक अदालत ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के शव को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। ट्विशा ने पिछले हफ्ते अपने भोपाल स्थित अपने ससुराल में कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि महिला के परिजनों ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए उसके ससुराल वालों पर बेटी की हत्या करने का शक जताया है। उनका आरोप था कि ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर मारपीट के निशान मिले हैं, जो कि मामले को संदिग्ध बना रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने ट्विशा के दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया।

शव को सुरक्षित रखने वाली मोर्चरी का पता लगाने को कहा
इस बारे में एक आदेश जारी करते हुए JMFC (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) अनुदिता गुप्ता ने कहा कि पुलिस को एक पत्र जारी किया जाए, जिसमें उसे निर्देश दिया जाए कि वे मध्यप्रदेश में शवों को सुरक्षित रखने की (-80 डिग्री सेल्सियस तापमान) व्यवस्था वाले मोर्चरी की तुरंत जानकारी प्राप्त करे और बिना किसी देरी के अदालत में इस संबंध में एक लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

भोपाल एम्स में है शव के खराब होने का खतरा
दरअसल अदालत ने ऐसा निर्देश से इस वजह से जारी किया, क्योंकि इससे कुछ घंटे पहले ही भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा के परिवार से शव के खराब होने की आशंकाओं के मद्देनजर उसे कब्जे में लेने का अनुरोध किया था। पुलिस ने इसकी वजह AIIMS भोपाल में बहुत कम तापमान पर शव को सुरक्षित रखने की सुविधाओं की कमी के कारण शव के सड़ने की आशंका बताई थी।

भोपाल एम्स में नहीं है -80 डिग्री के तापमान की सुविधा
न पर सुरक्षित रखा गया है। जबकि शव को खराब होने से रोकने के लिए शून्य से 80 डिग्री सेल्सियस (-80 डिग्री) नीचे का तापमान चाहिए और यह सुविधा एम्स भोपाल में नहीं है।
ट्विशा के परिजनों को भोपाल में न्याय मिलने की उम्मीद नहीं

बता दें कि ट्विशा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इसके बाद पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु तथा प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था। मृतका की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और ट्विशा के परिजनों ने इसी कारणवश उन्होंने भोपाल में बेटी को न्याय नहीं मिलने की आशंका जताई है।

अबतक नहीं हुआ है ट्विशा का अंतिम संस्कार
इससे पहले एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपो
र्ट में शव पर कई चोटों के निशान होने के बारे में बताया गया था, इसी आधार पर मृतका के परिजन बेटी की हत्या होने की आशंका जता रहे हैं। साथ ही मृतका के परिजनों का यह भी आरोप है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही गई, उसे जांच अधिकारी समय पर एम्स नहीं ले गए, जिसके कारण डॉक्टर उस बेल्ट और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। इसके अलावा परिजनों ने यह भी कहा कि ट्विशा के मृत पाए जाने के तीन दिन बाद FIR दर्ज की गई। इन्हीं सब वजहों से मौत के नौ दिन बाद भी ट्विशा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।

पहले पोस्टमॉर्टम में लगाया गड़बड़ी का आरोप
इससे पहले ट्विशा के परिजनों ने दिल्ली एम्स में अपनी बेटी के शव का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग करते हुए अर्जी लगाई थी। इस बारे में उनके वकील ने कहा था कि ट्विशा के माता-पिता को आशंका है कि उसकी सास सेवानिवृत्त अतिरिक्त जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहन भोपाल की सर्जन हैं, जिन्हें पहला पोस्टमार्टम किए जाने के दौरान एम्स भोपाल के आसपास देखा गया था। इसी आधार पर उन्होंने शक जताया कि अगर दूसरा पोस्टमॉर्टम भी शहर के किसी अस्पताल में होता है तो वह दूसरी रिपोर्ट को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की उनकी मांग को खारिज कर दिया।

अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की अफवाहें फिर चर्चा में, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

मशहूर सिंगर और कम्पोजर अनिरुद्ध रविचंदर एक बार फिर अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की चर्चा हो रही है. काव्या और अनिरुद्ध की शादी की बात सुनकर इनके फैन्स के बीच खुशनुमा माहौल है, जानते हैं कि इस खबर में कितनी सच्चाई है.

दूल्हा बनेंगे अनिरुद्ध?
आईपीएल टीम सनराइज हैदराबाद की सीईओ और को-ओनर काव्या मारन और कम्पोजर अनिरुद्ध रविचंदर की वेडिंग का बज बना हुआ है. कई फैन पेज पर दावा किया जा रहा है कि काव्या और अनिरुद्ध जल्द ही शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. हो सकता है कि इस साल के अंत तक दोनों शादी के बंधन में बंध जाएं. फिल्मीबीट की रिपोर्ट के मुताबिक, काव्या और अनिरुद्ध के पेरेंट्स अपने बच्चों की शादी के लिए राजी हो चुके हैं. शादी स्पेन में होगी और इसके बाद चेन्नई में एक ग्रैंड रिसेप्शन रखा जाएगा.  

एक ओर जहां फैन्स के बीच काव्या और अनिरुद्ध की शादी की चर्चा है. वहीं अब तक दोनों की ओर से इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है. ना ही शादी के लिए हांमी भरी गई है और ना ही इससे इनकार किया गया है.

हालांकि, ये पहला मौका नहीं है जब काव्या और सिंगर की शादी की चर्चा हो रही है. इससे पहले भी कई बार दोनों की वेडिंग न्यूज की अफवाह उड़ी थी. वेडिंग न्यूज पर रिएक्ट करते हुए सिंगर ने फैन्स से गुजारिश की थी कि अफवाहों पर यकीन ना करें.

काव्या और अनिरुद्ध की पर्सनल लाइफ पर भी नजर डाल लेते हैं. चेन्नई में जन्मीं काव्या मारन भारत के बड़े बिजनेस परिवार ‘मारन परिवार’ से आती हैं. काव्या के पिता कलानिधि मारन सन ग्रुप के चेयरमैन हैं और मां कावेरी मारन सन टीवी नेटवर्क की सीईओ हैं. काव्या के चाचा दयानिधि मारन का राजनीति में दबदबा है. वो मीडिया, टीवी नेटवर्क और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अभी खास पहचान बनाए हुए हैं. यूके से एमबीए की पढ़ाई करने वाली काव्या 2018 से सनराइज हैदराबाद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.

दूसरी अनिरुद्ध रविचंद्र तमिल और तेलुगु फिल्मों की दुनिया का बड़ा नाम हैं. वो एक म्यूजिक कंपोजर हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में कई हिट फिल्मों के लिए म्यूजिक दिया है. वो फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ और 10 सिम्मा अवॉर्ड्स जीत चुके हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान

नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान

वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बीजापुरवासियों को बधाई, मुख्यमंत्री साय बोले – यह सुशासन का प्रमाण

रायपुर
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ अंचलों में दिखने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है।

नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की ‘चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर’ (अक्टूबर- दिसंबर 2025) की रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, कहा – यह जनता के भरोसे की जीत है  

        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा, “उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।”

मंत्री कश्यप ने जताया हर्ष, बढ़ाया हौसला  

        वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उसूर ब्लॉक की यह राष्ट्रीय सफलता बेहद गौरवशाली है। उन्होंने कहा, “यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंच रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन ने जो समर्पण दिखाया है, वह सराहनीय है। हमारा संकल्प बस्तर के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।”

        मंत्री कश्यप कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर ब्लॉक आज देश के लिए विकास का मॉडल बन गया है। इस सफलता का श्रेय जमीनी डॉक्टरों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों की दिन-रात की मेहनत को जाता है।

विकास की नई इबारत: कड़े मानकों पर खरा उतरा उसूर  

         नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:

1. संचारी रोगों पर नियंत्रण: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सुदूर गांवों तक प्रभावी अभियान चलाया गया।
2. सुरक्षित मातृत्व: संस्थागत प्रसव की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई।
3. सशक्त टीकाकरण कवच: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी टीकाकरण को जमीनी स्तर पर सफल बनाया गया।
4. गंभीर बीमारियों की जांच: बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई गई।

अगला संकल्प: देश में हासिल करना है प्रथम स्थान 
 
          कलेक्टर विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव पूरे जिले के लिए बड़ी प्रेरणा है। शासन और प्रशासन का अगला लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और निखारते हुए आगामी तिमाहियों में देश में पहला स्थान हासिल करना है, जिसके लिए काम तेज कर दिया गया है।

हमजा बुरहान की मौत पर पिता का बड़ा बयान, बोले- अच्छा हुआ वह मारा गया

श्रीनगर

पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा हो गया. 6 साल की देरी ही सही, मगर उसका मास्टरमाइंड मारा गया. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान का धुरंधर स्टाइल में मर्डर हो गया. आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी. यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. आतंकी हमजा बुरहान की मौत पर उसके पिता की प्रतिक्रिया आई है. अल-बदर आतंकी हमजा बुरहान के पिता ने कहा कि उसने आतंक का रास्ता चुना था. इसलिए उसकी मौत ठीक हुई। 

जी हां, अल-बदर आतंकी संगठन से जुड़े हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके पिता ने बड़ा बयान दिया है. आतंकी के पिता ने कहा कि परिवार ने उसकी वजह से काफी परेशानियां झेली हैं. पिता के मुताबिक, ‘हमजा पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान गया था और MBBS करने की बात कही थी, लेकिन वहां जाकर उसने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया.’ उन्होंने कहा, ‘हमने उसकी वजह से बहुत दुख झेला, अच्छा हुआ वह मारा गया। 

आतंकी हमजा कौन था, कहां था?
दरअसल, हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों से जोड़ा जाता रहा है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं. 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया था और कहा था, ‘अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर खारबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी था. वह अल-बद्र आतंकी संगठन का सहयोगी सदस्य था, जिसे यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया गया.’ उसकी उम्र महज 23-24 साल थी। 

पुलवामा में ही पैदा हुआ था आतंकी हमजा
आतंकी हमजा को डॉक्टर भी कहा जाता था. वह पुलवामा के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था. वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा यानी एमबीबीएस के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया. अल-बद्र में शामिल होने के बाद वह कश्मीर लौटा. उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था. उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था। 

कश्मीर में कैसे खड़ा किया था आतंकी नेटवर्क
कश्मीर में रहने के दौरान उसने पुलवामा से शोपियां तक अपना नेटवर्क फैलाया. उसकी मौत को पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह उन प्रमुख लोगों में से था जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के लिए काम करते थे. पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक हमलों में से एक था. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला किया गया था. लेथपोरा क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन के साथ बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। 

पुलवामा अटैक का बदला
यह हमला जैश-ए-मोहम्मद ने किया था और हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी. इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांचों को लेकर भी खामोशी बरकरार रखी है। 

लश्कर-जैश में खलबली
बीते दो वर्षों में धुरंधर स्टाइल मर्डर से पाकिस्तान में हड़कंप है. कुछ सालों से ऐसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी होती देखी गई है. पाकिस्तान के शीर्ष आतंकियों और नेताओं को अज्ञाक द्वारा निशाना बनाए जाने से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को दोबारा संगठित होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इन दोनों आतंकी गुटों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. अपनी कारनामों को ये लोग अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. ऐसी हत्याओं ने इनके मनोबल को काफी तोड़ा है और इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या भी घटी है। 

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