भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र सेवा में निभाएं अग्रणी भूमिका: किरण सिंह देव

जगदलपुर
 भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने कार्यकर्त्ताओं को लगातार प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अन्तर्गत गुरुवार को ग्राम आसना में भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग का आरंभ किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप प्रशिक्षण वर्ग में विशेष रुप से शामिल हुए और उन्होंने विभिन्न विषयों पर संबोधन भी दिया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने प्रशिक्षण वर्ग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भाजपा की पहचान उनके कर्मठ व समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रसेवा व जनसेवा में भाजपा कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाएं, इस हेतु कार्यकर्ताओं को निपुण, प्रवीण और प्रखर बनाने प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है, जो कि संगठन का नियमित कार्यक्रम है। देव ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा की रीति नीति, सिद्धांत, कार्य पद्धति से कार्यकर्ता पूर्णतः परिचित व प्रशिक्षित होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से कार्य करता है, संगठन को सशक्त रुप देने सदैव समर्पित भाव रखता है। 

केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने अपनी सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संगठन की भूमिका विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, अंतिम पंक्ति के गरीब परिवार कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सके, इस भावना को साकार रुप देने भाजपा के कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंच कर कार्य करें। राष्ट्र सर्वप्रथम है और जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशिक्षण वर्ग को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने हमारा सैद्धांतिक अधिष्ठान विषय पर व प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने भाजपा की कार्यपद्धति विषय पर विस्तार से अपना उद्बोधन दिया। 

मीडिया प्रबंधन विषय पर भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही ने, हमारा इतिहास व विकास विषय पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर विषय पर कमलचंद्र भंजदेव ने, सोशल मीडिया के उपयोग पर दिनेश सुंदरानी ने संबोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही व परिस बेसरा ने किया।प्रशिक्षण वर्ग में प्रमुख रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय, विधायक विनायक गोयल, डॉ. सुभाऊ कश्यप, बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, सुधीर पाण्डेय, महापौर संजय पाण्डेय, रामाश्रय सिंह, खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, आर्येंद्र सिंह आर्य, नरसिंह राव, ललिता बघेल, सफीरा साहू, रामकुमारी यादव, फूलसिंह सेठिया,किरण सेन, खीतेश मौर्य, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, संतोष बघेल, माहेश्वरी ठाकुर, योगेश सिंह ठाकुर, अभिलाष यादव, विनय सोना, अजीज खान आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रायपुर आबकारी कार्यालय में वर्षों से जमे अधिकारियों पर चर्चा तेज, तबादला नीति पर घिरा विभाग

रायपुर
छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रायपुर आबकारी कार्यालय में पदस्थ एडीओ जेबा खान और एडीओ हरिशंकर पैकरा लगभग तीन वर्षों से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इसे लेकर विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जानकारों का कहना है कि शासन समय-समय पर तबादला नीति लागू करता है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी अधिकारी का लंबे समय तक एक ही स्थान पर प्रभाव न बढ़े। हालांकि आबकारी विभाग में कुछ अधिकारियों पर यह नीति प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है।

सूत्रों के अनुसार विभाग में यह चर्चा भी है कि संबंधित अधिकारी खुद को काफी प्रभावशाली बताते हैं और दावा करते हैं कि सरकार किसी की भी आए या जाए, उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय चर्चाओं में यह मुद्दा लगातार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों का प्रभाव पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी काफी मजबूत माना जाता था।

लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को लेकर विभागीय कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तबादला नीति का पालन कब होगा। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण आवश्यक होता है।

इस मामले में आबकारी कमिश्नर एल्मा और एडिशनल कमिश्नर साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं संबंधित अधिकारियों ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। अब देखना होगा कि शासन और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या लंबे समय से जमे अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, 500+ कार्यकर्ता BJP में शामिल

दतिया 

 मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस को यहां पर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के युवा नेता समेत 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दतिया में कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। नरोत्तम मिश्रा के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से जिले की सियासत गर्मा गई है और उपचुनाव की तारीखों के पहले ही दलबदल की चर्चाएं एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं।

कांग्रेस को बड़ा झटका
दतिया में कांग्रेस के युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राजेन्द्र भारती ने कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की और उन्हें प्रताड़ित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं पर झूठे केस भी दर्ज कराए, जिससे कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है और आगामी चुनाव में इसका परिणाम कांग्रेस को नजर आएगा।

नरोत्तम मिश्रा ने दिलाई सदस्यता
युवा नेता राजबहादुर समेत 500 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। वहीं भाजपा की सदस्यता लेने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने कहा कि वो और अन्य कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा से प्रभावित होकर ही भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने दतिया जिले के विकास के काफी काम किया है दतिया के विकास और अपने मान-सम्मान के लिए ही वो नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

दतिया सीट पर होना है उपचुनाव
बता दें कि मध्यप्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई हैं। एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल की चेकिंग के लिए बुलाया था। जिला कलेक्टर कार्यालय में 19 मई को इसकी चेकिंग हुई। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए 200 मशीनों की जांच की गई। इसके साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का भी परीक्षण किया गया। हालांकि दतिया सीट पर उपचुनाव कब होंगे, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 50 साल बाद शिफ्ट होंगी 36 आरा मशीनें

 भोपाल 
शहर के बीच से आरा मशीन टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग पर 50 साल बाद बात बन गई। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जद में आ रही पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक 36 आरा मशीनों को हटाने पर सहमति बन गई है। आरा मशीन संचालकों को एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में जगह आवंटित कर दी गई। 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट है, जबकि दस आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन बाकी है। जो अपडेट है, उन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर की एनओसी बाकी है, जिसके बाद नई जगह पर काम शुरू हो जाएगा।

रातीबड़ में लघु उद्योग निगम ने यहां आरा मशीनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। 12 एकड़ में 36 आरा मशीनों के लिए पूरी तरह नया क्षेत्र विकसित कर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि शिफ्टिंग के लिए पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। शहर में कुल 165 आरा मशीनें है।

मेट्रो लाइन, अंडरग्राउंड रैंप का काम हो सकेगा शुरू

मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा टिंबर मार्केट है। पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच एलिवेटेड और इसके बाद अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। टिंबर मार्केट के दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत उनका कारोबार है। शहर की जरूरत की 60 फीसदी लकड़ी का सामान और लकड़ियां यहीं से जाती है। सभी दुकानें हटने से फर्नीचर व इसके लिए जरूरी लकड़ियों की आपूर्ति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखना होगा। इसी कमजोर नब्ज पर लंबे समय से रोड किनारे कारोबार चल रहा है।

सुनसान गली में टिंबर की दुकानें
पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच करीब दो किमी लंबी रोड पहले दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी, लेकिन मेट्रो के काम के चलते हुई तोड़फोड़ ने पूरी रोड पर लगभग सन्नाटे की स्थिति बना दी। यहां सिर्फ लकड़ी बाजार ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता काम मुश्किल है। ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इन्हीं टिंबर की दुकानों के बीच अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू होगा।

आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति
आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। उद्योग नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटन हो चुका है। अब आरा मशीन संचालक अपने स्तर पर शिफ्टिंग शुरू कर देंगे। एक माह में पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की आरा मशीनें हट जाएगी।

-बदर आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
रातीबड़ में जगह तय

रातीबड़ में आरा मशीनों के लिए जगह तय कर दी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो गया। स्ट्रीट लाइट और कुछ काम बाकी है, इस सप्ताह ये काम पूरा हो जाएगा। डीएफओ की एनओसी मिलना है, नई जगह पर काम शुरू किया जा सकेगा।

-दीपक पांडेय, एसडीएम, सिटी

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर

राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश

चंदेरी में 20 वर्षों से निवासरत परिवारों की समस्या का होगा त्वरित निराकरण-राज्यमंत्री गौर

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर से उनके निवास पर घुमंतू जनजाति वर्ग के अगरिया (लोहापीट/गाड़िया लोहार) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में लंबे समय से निवासरत समाज के लोगों को आवासीय पट्टे दिलाए जाने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री राजू राणा ने बताया कि घुमक्कड़ समाज के कई परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से चंदेरी के तमरपुरा क्षेत्र में निवासरत हैं। इन परिवारों के सभी आवश्यक शासकीय दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी आदि) भी चंदेरी के ही बने हुए हैं, लेकिन अब तक पट्टे नहीं मिले हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल अशोकनगर कलेक्टर को शीघ्र समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा और पट्टे वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

पहलगाम हमले की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, सबसे पहले सलमान ने चलाई थी गोली

पहलगाम

पहलगाम आतंकी हमले की चार्जशीट ने उस खौफनाक साजिश की परतें खोल दी हैं, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में सामने आया है कि पहलगाम घूमने आए निर्दोष पर्यटकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. शुरुआती जांच में ही पता चल गया था कि इस वारदात को लश्कर-ए-तैयबा के संगठन TRF यानी द रजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया. हमले के कुछ ही देर बाद TRF ने इसकी जिम्मेदारी ली थी, लेकिन बाद में उसने अपने बयान से पलटते हुए इसे फॉल्स नैरेटिव बता दिया। 

इस हमले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग के एडिशनल एसपी गुलाम हसन को सौंपी थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हमले को तीन आतंकियों ने मिलकर अंजाम दिया था. इनमें फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ छोटू और हमजा अफगानी शामिल थे. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस पूरे हमले के मास्टरमाइंड का नाम भी सामने आया. जांच एजेंसियों ने बताया कि इस हमले की साजिश सज्जाद जट्ट उर्फ अली भाई ने रची थी, जो लंबे समय से आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। 

हमले के तुरंत बाद घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस व फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल को अपने कब्जे में ले लिया. पूरे इलाके की घेराबंदी की गई और सबूत जुटाने का काम शुरू हुआ. मौके से हथियारों से जुड़े अहम सुराग, कारतूसों के खोखे और अन्य फॉरेंसिक सबूत बरामद किए गए. इसके साथ ही मृतकों के परिवार वालों और घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए. शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया था कि हमला पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था। 

30 अप्रैल को NIA ने पूरे इलाके में बड़े स्तर पर ग्रिड सर्च ऑपरेशन चलाया. इस अभियान में NIA, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स, सुरक्षा बलों और एंटी-सैबोटाज टीमों को शामिल किया गया. पूरे जंगल और आसपास के इलाकों को खंगाला गया. जांच एजेंसियों ने हर संभावित जगह से सबूत जुटाने की कोशिश की. इसके बाद CBI से उस लोकेशन की 3D मैपिंग कराई गई, जिसकी रिपोर्ट 7 मई को NIA को सौंप दी गई. इस मैपिंग से आतंकियों की मूवमेंट और हमले के एंगल को समझने में मदद मिली। 

जांच के दौरान NIA ने स्थानीय लोगों से भी बड़े पैमाने पर पूछताछ की. दुकानदारों, पोनी वालों, ढोक में रहने वाले लोगों और टैक्सी ड्राइवरों समेत कुल 1,113 लोगों से सवाल-जवाब किए गए. यही पूछताछ बाद में जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुई. एक अज्ञात गवाह ने एजेंसी को बताया कि हमले से एक दिन पहले उसने बशीर अहमद जोठाड़ को तीन हथियारबंद लोगों के साथ देखा था. गवाह के मुताबिक, बशीर उन तीनों को परवेज के ढोक यानी झोपड़ी में लेकर गया था। 

गवाह ने आगे बताया कि 22 मई की सुबह जब वह बैसरन पार्क गया, तब उसने वहां बशीर और परवेज दोनों को देखा था. कुछ घंटों बाद ही बैसरन में गोलीबारी की खबर आ गई. इसी गवाह ने जांच एजेंसियों को यह भी बताया कि बाद में आतंकियों ने उसे भी पकड़ लिया था और उससे कलमा पढ़ने को कहा था. जब उसने कलमा पढ़ दिया, तब जाकर आतंकियों ने उसे छोड़ा. इस बयान ने जांच एजेंसियों को यह यकीन दिलाया कि हमलावर धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बना रहे थे। 

गवाह से मिली जानकारी के बाद NIA ने कई जगहों पर छापेमारी की. जांच में कुछ और अहम सबूत हाथ लगे, जिसके बाद 22 जून को पोनी वाले बशीर अहमद और परवेज अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान परवेज अहमद ने उस रात की पूरी कहानी जांच एजेंसियों को बताई. उसने कहा कि 21 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे वह अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ ढोक में चाय पीने की तैयारी कर रहा था, तभी उसका मामा बशीर वहां पहुंचा और सबको चुप रहने के लिए कहा। 

कुछ देर बाद बशीर बाहर गया और फिर तीन हथियारबंद लोगों के साथ लौटा. तीनों के हाथों में बंदूकें थीं और वे बेहद थके हुए लग रहे थे. उन्होंने पानी मांगा और अंदर बैठ गए. परवेज ने बताया कि उन लोगों ने कहा कि वे लंबा सफर तय करके आए हैं. इसके बाद उन्होंने अल्लाह के रास्ते में लड़ने वालों की मदद करने पर सवाब मिलने की बात कही. परवेज के मुताबिक, वे लगातार जिहाद और कश्मीर की आजादी की बातें कर रहे थे। 

परवेज ने बताया कि उसकी पत्नी ताहिरा ने उन आतंकियों के लिए खाना बनाया था. खाना खाते समय आतंकी अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा बलों की आवाजाही और इलाके में तैनाती के बारे में सवाल पूछ रहे थे. परवेज ने जांच एजेंसियों को बताया कि आतंकी उर्दू बोल रहे थे, लेकिन उनकी बोली में पंजाबी लहजा साफ महसूस हो रहा था. आपस में भी वे पंजाबी में ही बात कर रहे थे. परवेज की पत्नी ताहिरा ने भी जांच के दौरान यही बयान दिया। 

जांच एजेंसियों ने बाद में बशीर अहमद जोठाड़ से भी पूछताछ की. उसने बताया कि हमले से एक दिन पहले वह अपने घोड़े को देखने जंगल की तरफ गया था. तभी अचानक पेड़ों के पीछे से तीन हथियारबंद लोग उसके सामने आ गए. उनके हाथों में बंदूकें थीं. उन्होंने बशीर से कहा कि उन्हें किसी सुरक्षित जगह पर ले जाया जाए और खाने का इंतजाम किया जाए. बशीर ने बताया कि उसे तुरंत समझ आ गया था कि वे मुजाहिद हैं। 

बशीर ने जांच एजेंसियों को बताया कि आतंकियों ने अपने बैग और पाउच उसे छिपाने के लिए दिए थे. बाद में उन सामानों को परवेज ने कंबलों के नीचे छिपा दिया था. तीनों आतंकी करीब पांच घंटे तक ढोक में रुके रहे. रात करीब 10 बजे वे एक-एक करके वहां से निकल गए. जाते समय छोटे कद वाले आतंकी ने परवेज को 3000 रुपये भी दिए. जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह रकम मदद के बदले दी गई थी। 

दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम राज सामने आए. इसके बाद 28 जून को बशीर अहमद के ढोक, परवेज अहमद के ढोक और बैसरन मार्गूजा इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. जांच एजेंसियों ने वहां से कई संदिग्ध चीजें बरामद कीं. हालांकि पूछताछ के दौरान NIA को लगा कि दोनों कुछ अहम बातें छिपा रहे हैं. इसी वजह से 9 जुलाई को एजेंसी ने दोनों का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी, लेकिन 29 अगस्त को कोर्ट ने यह अर्जी खारिज कर दी। 

चार्जशीट में हमले के तरीके का भी बेहद डरावना खुलासा हुआ है. गवाहों के मुताबिक, तीनों आतंकी हथियारों के साथ ब्रेडांगन की तरफ से बैसरन पार्क पहुंचे थे. पार्क में दाखिल होने से पहले वे एक पेड़ के नीचे बैठे और खाना खाया. इसके बाद उन्होंने अपने बैग से कंबल निकाले और खुद को ढक लिया. फिर दो आतंकी पार्क के अंदर हालात देखने गए और कुछ देर बाद वापस लौट आए. इसके बाद तीनों ने अपना सामान एक जगह छोड़ा और हमले की पोजिशन लेने आगे बढ़ गए। 

चार्जशीट के मुताबिक, दो आतंकी पार्क के मेन गेट और ढाबों की तरफ बढ़े, जबकि तीसरा आतंकी जिपलाइन वाले हिस्से की तरफ चला गया. उन्होंने ऐसी जगहें चुनीं, जहां से पूरे पार्क को चारों तरफ से निशाना बनाया जा सके. हबीब ताहिर और हमजा अफगानी ढाबों के पास आम लोगों की तरह बैठ गए, जबकि उनमें से एक आतंकी हथियार के साथ पीछे छिपकर निगरानी करता रहा. दूसरी ओर सुलेमान जिपलाइन वाले हिस्से में पहुंच गया, जहां बाद में कारतूसों के खोखे भी मिले थे। 

गवाहों ने बताया कि आतंकियों ने लोगों से पहले उनका धर्म पूछा. वे हर शख्स से पूछ रहे थे कि वह हिंदू है या मुसलमान. कई लोगों से कलमा पढ़ने को कहा गया. जो लोग कलमा नहीं पढ़ पाए या जिन्होंने खुद को मुसलमान नहीं बताया, उन्हें बेहद करीब से गोली मार दी गई. इस दौरान आतंकी बार-बार कहते रहे- मोदी को बोलो. जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह हमला सिर्फ हत्या नहीं बल्कि एक सुनियोजित आतंकी संदेश भी था। 

चार्जशीट के मुताबिक, दोपहर 2 बजकर 23 मिनट पर पहली गोली जिपलाइन वाले हिस्से से सुलेमान ने अपनी M-4 कार्बाइन से चलाई. इसके तुरंत बाद बाकी दोनों आतंकियों ने AK-47 से फायरिंग शुरू कर दी. जिपलाइन और ढाबों की तरफ से हुई गोलीबारी ने पार्क के बीचों-बीच मौजूद मैदान को मौत के मैदान में बदल दिया. चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. हमलावर लगातार गोलियां बरसाते रहे। 

जांच में यह भी सामने आया कि हमला करने के बाद भागते समय आतंकियों ने एक गवाह को रोका और उससे फिर कलमा पढ़ने को कहा. जब उसने कलमा पढ़ दिया तो उसे छोड़ दिया गया. बाद में जांच एजेंसियों को पार्क से बाहर निकलने वाले रास्ते पर चार और खाली कारतूस मिले. एजेंसियों का मानना है कि ये फायरिंग आतंकियों ने हमला करने के बाद खुशी मनाने के लिए की थी. चार्जशीट में कहा गया है कि इससे साफ साबित होता है कि आतंकियों को अपने किए पर जरा सा भी पछतावा नहीं था। 

‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’ में जेंडाया का अनुभव, टॉम हॉलैंड के साथ सेट को बताया घर जैसा

हॉलीवुड स्टार जेंडाया और टॉम हॉलैंड फिल्मी दुनिया के मशहूर कपल हैं। दोनों पार्टनर होने के साथ-साथ को स्टार्स भी हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने टॉम हॉलैंड के साथ अपनी आगामी फिल्म ‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’ की शूटिंग के दौरान के अनुभव साझा किये।

‘स्पाइडर मैन’ में काम करना सपनों जैसा
एक्ट्रेस जेंडाया ने एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘फिल्म ‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’ में काम करना मेरे लिए एक सपने जैसा है। यहां मुझे हर दिन अपने सबसे अच्छे दोस्त और सबसे करीबी व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है। हम अपने पेट डॉग को भी काम पर लाते हैं। यह एक पारिवारिक माहौल जैसा है। हम इन फिल्मों को देखते हुए बड़े हुए हैं। इस फिल्म के सेट पर घर लौटने जैसा महसूस होता है

‘द ओडिसी’ में भी टॉम हॉलैंड के साथ नजर आएंगी
जेंडाया ने अपनी और टॉम की दूसरी फिल्म ‘द ओडिसी’ के बारे में भी काफी कुछ कहा। उन्होंने बताया कि इसमें टॉम के साथ उनका कोई एक्शन सीन नहीं है जिससे उन्हें टॉम को सेट पर काम करते देखने का मौका मिलता है। उन्हें इस फिल्म पर काम करते देख उन्हें गर्व महसूस होता है।
बता दें, ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को रिलीज होने वाली है। इसमें जेंडाया ने एथेना का किरदार निभाया है जो ज्ञान की देवी है और ओडीसियस की रक्षक भी।

शादी की अफवाह
हॉलीवुड कपल जेंडाया और टॉम हॉलैंड की डेटिंग की खबरें बीते काफी वक्त से सुर्खियों में है। चर्चा थी कि दिसंबर 2024 में दोनों ने सगाई कर ली। रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल दोनों गुपचुप तरीके से शादी कर चुके हैं। हालांकि, अब तक ना टॉम और ना ही जेंडाया ने इस पर कोई भी बयान दिया है।

सुशासन तिहार 2026: 23 मई को बड़ाकरौंजा में जनसमस्या निवारण शिविर

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम बड़ाकरौंजा में 23 मई 2026 को शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस शिविर में बड़ाकरौंजा, नीमगांव, रातामाटी, पैकू, पीड़ी, बघिमा, गलौण्डा, टेकूल, तुरीलोदाम, झरगांव, गिरांग, घोलेंग, देवीडड़गांव, जशपुर एवं जुरगुम सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
सुशासन तिहार के तहत नागरिकों से लिखित आवेदन प्राप्त कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा शिविरों को शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कलेक्टर रोहित व्यास ने शिविर के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है।

सागौन खेती से किसान को 9.69 लाख का लाभ, मंत्री केदार कश्यप ने सौंपा चेक

रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए एग्रोफॉरेस्ट्री (कृषि-वानिकी) एवं निजी भूमि पर वृक्षारोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार की इसी दूरगामी पहल का एक बेहद सफल और प्रेरणादायी परिणाम बालोद जिले के किसान अनिल जाजू की सफलता के रूप में सामने आया है।

नवा रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम पलारी (तहसील गुरूर) निवासी कृषक अनिल जाजू को उनकी निजी भूमि पर तैयार किए गए सागौन वृक्षों के एवज में 9.69 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया। 

एग्रोफॉरेस्ट्री और जनभागीदारी से हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के जोखिमों से उबारने के लिए वृक्ष आधारित कृषि प्रणाली अपनाने हेतु प्रेरित कर रही है।  उन्होंने कहा कि एग्रोफॉरेस्ट्री किसानों के लिए दीर्घकालिक आय का मजबूत माध्यम बन रही है। साथ ही एक पेड़ माँ के नाम अभियान के जरिए जनभागीदारी से हरित छत्तीसगढ़ निर्माण को भी गति मिल रही है।

‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान
वन मंत्री ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से अब जनभागीदारी से पूरे प्रदेश को हरा-भरा बनाने की मुहिम को एक नई और अभूतपूर्व गति मिल रही है। 24 वर्षों की मेहनत का  फल मीठा मिला, किसान अनिल जाजू की यह सफलता अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन केस-स्टडी है। वर्ष 2001 में अपनी 3.35 हेक्टेयर निजी भूमि पर सागौन के पौधे लगाए थे। लगभग 24 वर्षों तक देखरेख और संरक्षण के बाद वर्ष 2025 में उन्होंने वृक्ष कटाई नियम 2022 के तहत अनुमति लेकर सागौन वृक्षों की कटाई कराई। वन विभाग की देखरेख में कुल 173 सागौन वृक्षों की कटाई की गई, जिससे 949 नग लकड़ी प्राप्त हुई। इसका कुल आयतन 33.24 घनमीटर दर्ज किया गया। वन विभाग द्वारा निर्धारित दर पर लकड़ी का क्रय किया गया और इसके बदले लगभग 9.69 लाख रूपए की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कराई गई।

’पर्यावरण और आर्थिक समृद्धि का अनूठा संगम’
जाजू की यह शानदार सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से वृक्षारोपण किया जाए, तो यह किसानों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करता है। इससे न केवल किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हैं, बल्कि प्रदेश के हरित आवरण में भारी वृद्धि होती है। जलवायु परिवर्तन के खतरों से लड़ने में मदद मिलती है। स्थानीय स्तर पर जैव विविधता का संरक्षण होता है। किसानों को वन विभाग का निरंतर सहयोग मिलता है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण करने वाले इच्छुक किसानों को पौधों के चयन से लेकर तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशासनिक प्रोत्साहन और आवश्यक सहायता लगातार मुहैया कराई जा रही है। शासन का मुख्य ध्येय यही है कि अधिक से अधिक किसान एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल को अपनाएं और अपनी बंजर या खाली जमीनों को मुनाफे के जंगल में बदल सकें।

बालोद के राहुद में सुशासन तिहार आयोजित, 1428 आवेदनों का मौके पर निराकरण और हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ

रायपुर
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम राहुद में गुरुवार को शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत राहुद सहित राहुद कलस्टर में शामिल आसपास के 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। 

इसके अंतर्गत गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, पूर्व विधायक वीरेन्द्र साहू, जनपद अध्यक्ष पुरूषोत्तम चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष नीतेश मोंटी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति सोेनेश्वर सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बॉक्स का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र एवं केसीसी कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम राहुद में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1838 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 1428 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। 

शिविर को संबोधित करते हुए विधायक कुंवर सिंह निषाद ने विभिन्न विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे सुशासन तिहार का आयोजन सार्थक हो सके। उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए इसके रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।

बालोद जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने आम नागरिकों को सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केेन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के दौरान शासन-प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर इनके वास्तविक समस्याओं का पड़ताल कर रहे हैं। 

शिविर में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में सभी विभाग के अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। शिविर में आज ग्रामीण महिलाओं द्वारा नीर चेतना अभियान के अंतर्गत पानी के महत्व के संबंध में आम जनता को जानकारी प्रदान करने हेतु नुक्कड़ नाटक की भी प्रस्तुति दी।

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