मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

रायपुर

 छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री  केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
     
मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मंत्री विश्वास सारंग ने किया करोड़ों की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल

सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 78, विश्वकर्मा नगर में 23 करोड़ से अधिक की लागत से होने वाली सीवेज परियोजना एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री  सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रही है। हर वर्ग के कल्याण और हर क्षेत्र का समुचित विकास सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री  सारंग ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल विकास कार्य करना नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुगम भी बनाना है। मंत्री  सारंग ने कहा कि इस परियोजना से स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, जलभराव एवं गंदगी की समस्या से राहत मिलेगी तथा नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्राप्त होगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

हज़ारों परिवारों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ

वार्ड 78 स्थित विश्वकर्मा नगर में 23 करोड़ से अधिक की लागत से निर्माण होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत 13 करोड़ रुपये की लागत से 42 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बनाया जाएगा तथा 9 करोड़ रुपये की लागत से 8079 हाउस सीवर कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे लगभग 35,306 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वच्छता, आधुनिक सीवेज व्यवस्था और सुगम नागरिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। इससे न केवल जनजीवन अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनेगा बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम में मंत्री  सारंग का क्षेत्रवासियों द्वारा पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। और क्षेत्रवासियों ने करोड़ों की लागत से होने वाले इन विकास कार्यों की सौगात के लिए आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल प्रदाय से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को पेयजल संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण और प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिये हैं। इस क्रम में नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम आदि विभागों के पेयजल व्यवस्था से जुड़े समस्त अमले के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने रविवार को कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई और नगर निगम के अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा है कि वे सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाएं और पेयजल उपलब्धता के लिए अधिकारियों की समिति बनाकर प्रतिदिन समीक्षा करें। यह सुनिश्चित करें कि टैंकर से पेयजल आवश्यकता वाले क्षेत्रों में वितरित हो और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हो। उन्होंने टैंकर के दुरूपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों से संवाद और समन्वय रखकर पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर से कहा कि पेयजल उपलब्धता के लिये युद्ध स्तर पर काम करें। शहरी क्षेत्र की पानी की टंकियों को भरने में समानता रखें और अन्य विभागों के साथ ही ऊर्जा विभाग को भी इस पूरे प्लान में शामिल रखें। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी नलजल योजना का विद्युत कनेक्शन न कटे। मुख्य सचिव  जैन ने बताया कि राज्य शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में वोरवेल आदि के खनन के लिए 1500 करोड़ रूपये की राशि जारी की है और पंचायतों को संधारण कार्य के लिए 55 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि भी दी गई है, जिससे पेयजल उपलब्धता में कोई असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर मेकेनिज्म तैयार करें और नियमित रूप से समीक्षा करें। बैठक में नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पीएचई, ऊर्जा और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

मुख्य सचिव  जैन कहा कि कंट्रोल रूम को स्वयं कलेक्टर लीड करें और जनप्रतिनिधियों आदि से प्राप्त होने वाली शिकायतों के अलावा लोक सेवा गारंटी तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का न्यूनतम समय अवधि में निराकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद रखें एवं पेयजल उपलब्धता तथा शिकायतों के निराकरण का प्रचार-प्रसार भी करें। उन्होंने कहा कि आगामी एक माह के लिए प्लान बनाकर रोज सख्ती से मानीटरिंग की जाए। पेयजल प्रदाय कार्य में लगे सभी विभागों के अमले के अवकाश पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं और अपरिहार्य होने पर ही अवकाश स्वीकृत किया जाए।

मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे ट्रीटेड वाटर का भी समुचित उपयोग करें साथ ही टैंकर से जल प्रदाय पर विशेष ध्यान रखें और यह सुनिश्चित करें कि हर हाल में बसाहटों में टैंकर पहुंचे तथा जल प्रदाय करें। कलेक्टर्स से कहा गया है कि नई एसओपी जारी की गई है, एसओआर को रिवाइज किया गया है और अब जल संधारण के 10 हजार तक के कार्य पंचायत स्वयं कर सकती है। मुख्य सचिव ने कहा कि 15वां एवं 16वां वित्त आयोग की राशि का भी पेयजल उपलब्धता में उपयोग किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने बताया कि केन्द्र वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, मूलभूत मद, अन्य अनुदान जो केन्द्र या राज्य शासन से दिया गया है, के अलावा पंचायत की स्वयं के आय के स्रोतों से भी पेयजल व्यवस्था पर पंचायतें व्यय कर सकती हैं। उन्होंने कमिश्नर से भी अपने संभाग में विशेष सतर्कता बनाए रखने के लिए कहा है।

अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने कलेक्टर्स से कहा कि वे पेयजल के सभी स्रोतों पर विशेष सतर्कता रखें और पहले से यह जानकारी रखें कि कहीं स्रोत में जल की कोई कमी तो नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से जल स्रोत की उपलब्धता पर भी पहले से काम करें।

जल संवर्धन अभियान और गंगा दशहरा पर कार्यक्रमों को जनोपयोगी स्वरूप दें

बैठक में अपर मुख्य सचिव  शिव शेखर शुक्ला ने कलेक्टर्स से कहा कि 25 मई से प्रदेश में दो दिवसीय गंगा दशहरा के आयोजन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. माहेन यादव स्वयं 25 और 26 मई को उज्जैन के क्षिप्रा तट पर अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।  शुक्ला ने कहा कि आयोजनों को पेयजल से जोड़कर जनोपयोगी बनाया जाए और जन-प्रतिनिधियों तथा आमजन की उपस्थिति सुनिश्चित करें।

 

भोपाल एयरपोर्ट यात्रियों को बड़ी सौगात! नए अराइवल एरिया में रिजर्व लाउंज और टैक्सी सुविधा शुरू

भोपाल.

राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में विकसित किए गए नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू कर दी गई हैं। नियमित उड़ानों से भोपाल आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट यात्री अब मुख्य लाउंज के बजाय नए रिजर्व लाउंज में समय बिता सकेंगे।

एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा शुरू किए गए इस नए अराइवल एरिया का अब तक करीब एक लाख यात्री उपयोग कर चुके हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां “मे आई हेल्प यू” काउंटर भी बनाया गया है, जहां एयरपोर्ट परिसर और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

अब अंदर ही बुक होगी टैक्सी
नए अराइवल एरिया में यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले ही प्री-पेड टैक्सी बुक करा सकेंगे। इससे खासकर पहली बार भोपाल आने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एस्केलेटर सुविधा भी उपलब्ध कराई है। अब यात्री विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर पार्किंग क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं। पहले यात्रियों को पार्किंग तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

कस्टमर सर्वे में फिर नंबर-वन बनने की उम्मीद
राजा भोज एयरपोर्ट को पिछले राष्ट्रीय कस्टमर सैटिस्फेक्शन सर्वे में चेक-इन स्टाफ के व्यवहार और प्रतीक्षा समय जैसे मानकों पर पांच में से पूरे पांच अंक मिले थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी को उम्मीद है कि नई सुविधाओं के कारण इस बार भी भोपाल एयरपोर्ट शीर्ष स्थान हासिल करेगा।

नंबर एक आने की उम्मीद –
हमें फिर से नंबर एक आने की उम्मीद है क्यों कि पिछले सर्वे के बाद सुविधाएं बढ़ी हैं इसलिए नंबर कम होने का कोई कारण नहीं है।
– रामजी अवस्थी, डायरेक्टर, राजाभोज एयरपोर्ट, भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को मिली कानूनी और प्रशासनिक मजबूती

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से वक़्फ़ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और जनहित में उनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक और प्रभावी कार्रवाई की है। वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों से वर्षों से अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया और भौतिक सत्यापन के बाद जरुरतमंद लोगों को संपत्ति के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया। वक़्फ़ बोर्ड की आय कैसे बड़े इस पर अन्य राज्यों की वफ्फ समितियां से चर्चा कर, राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य किया गया। भारत सरकार द्वारा वक़्फ़ संपतियों का लेखा-जोखा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। परिणामस्वरूप म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया।

नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए खुली हैं नई राहें

म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि देश में वक़्फ़ संशोधन कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने कानून के मंशानुरूप कई समाजिक परिवर्तनकारी कार्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज को नई दिशा दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति के परिणामस्वरूप 1552 बेटा-बेटियों को ड्रॉप आउट होने से बचाया गया। वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें, इसके लिए समुचित रुप से आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई, नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए नई राहें खुली है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल जिले के 849 मेधावी बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप प्रदान कर सम्मानित करेंगे। यह शुरुआत है, वक़्फ़ बोर्ड मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में इस तरह बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेगा। मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड द्वारा ‘पढ़ो पढ़ाओ – राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनों’ जैसे नवाचार की चर्चा के बाद मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड की योजनाओं और कार्य करने की शैली को समझने के लिए अनेक राज्यों द्वारा अपने अधिकारी- कर्मचारियों को मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के कार्यालय में भेजा जा रहा है।

वक़्फ़ संपत्तियां स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने के लिए उठाए गए निर्णायक कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड को कानूनी एवं प्रशासनिक मजबूती प्राप्त हुई। वक़्फ़ माफियाओं, दागदार प्रबंधकों और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कठोर अभियान चलाया गया। वक़्फ़ संपत्तियों को दागदार हाथों से मुक्त कर स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। समानांतर वक़्फ़ बोर्ड चलाकर वक़्फ़ संपत्तियों को हानि पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले प्रबंधकों के विरुद्ध कुल 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए आरआरसी/वसूली नोटिस जारी किए गए और वसूली की कार्यवाही भी की गई। इस क्रम में वक़्फ़ यतीमखाना शाहजहांनी, भोपाल के प्रबंधक को 28 करोड़ 96 लाख रुपये का वसूली नोटिस जारी किया गया, जो देश के वक़्फ़ इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वसूली नोटिस माना जा रहा है। वक़्फ़ मदर गेट उज्जैन के प्रबंधन के विरुद्ध 7 करोड़ 21 लाख रुपये की वसूली के लिए कार्रवाई की गई। वक़्फ़ जामा मस्जिद, बीना बजरिया सागर के प्रबंधकों के विरुद्ध 1 करोड़ 84 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर कार्यवाही की गई। वक़्फ़ बड़वाली चौकी, इंदौर प्रकरण में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की गई।

इसी क्रम में वक़्फ़ हिंदू अनाथालय, भोपाल के प्रबंधन पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई। वक़्फ़ अंजुमन इस्लामिया, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष प्यारे साहब द्वारा वक़्फ़ को पहुँचाई गई 81 लाख 43 हजार रुपये की हानि की वसूली के लिए भी नोटिस जारी किया गया। इन कार्यवाहियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नवीन वक़्फ़ बोर्ड वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति, माफिया या दागदार प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी है।

अब सभी वक़्फ़ संपत्तियां दर्ज है ऑनलाइन

केन्द्र सरकार द्वारा नये संशोधन कानून से वक़्फ़ संपतियों पर बैठे कब्जाधारियों को भी सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। सभी संपत्तियां ऑनलाइन दर्ज है, इस कारण कहीं कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता, इस बात की दहशत भी वक़्फ़ माफियाओं में देखने को मिली है। वक़्फ़ संपतियों के डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इससे अनैतिक गतिविधियां करने वाले हतोत्साहित हुए। कृषि भूमियों की समय पर नीलामी की गई, जिससे राजस्व में वृद्धि हुई और इनका परिणाम आज सबसे सामने है। समाज के हर वर्ग में इसकी सराहना हो रही है।

म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार हुआ पौधरोपण का निर्णय

म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार यह निर्णय लिया गया है कि वक़्फ़ बोर्ड की निगरानी में पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में वक़्फ़ बोर्ड की जमीनों पर पांच लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समाज के हर वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति से अपने पूर्वजों के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाने का अनुरोध किया जा रहा है। पौध-रोपण के बाद उनकी सही देखभाल के लिए जिलेवार जिम्मेदारी तय की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

भोपाल में नम आंखों से त्विषा को अंतिम विदाई, भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि

भोपाल. 
नोएडा से भोपाल में विवाह के बाद आई 31 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण में सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए रविवार को भोपाल एम्स में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया की गई, जिससे मौत के कारणों को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब तलाशे जा सकें। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक चली। इसके बाद  दिल्ली एम्स से आई विशेषज्ञों की टीम वापस रवाना हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को ट्विशा की बॉडी सौंप दी गई। त्विषा को लाल जोड़े में अर्थी पर लिटाया गया। इस दौरान माहौल काफी भावुक हो गया। शाम करीब सवा पांच बचे भदभदा विश्राम घाट पर त्विषा का अंतिम संस्कार किया गया। त्विषा के भाई ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भदभदा घाट पर मीडियाकर्मियों के जमावड़े के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। अनेक पूर्व सैनिक भी त्विषा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।    

सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर बढ़ाई मामले की गंभीरता
उधर, इस मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींच लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए विशेष सुनवाई तय की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार 25 मई को इस मामले पर सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु से जुड़े कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं” के रूप में दर्ज किया है। इस टिप्पणी ने शुरुआती पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ससुराल में मिला था शव, पति पुलिस रिमांड पर
गौरतलब है कि दिसंबर में विवाह बंधन में बंधीं त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी मिली थीं। घटना के बाद परिजनों ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए, जिसके आधार पर पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। करीब 10 दिन तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह शुक्रवार को जबलपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था, जहां से पुलिस उसे हिरासत में लेकर भोपाल लाई। स्थानीय अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, सास गिरिबाला सिंह बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए पेश नहीं हुई हें।

इस बीच मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जल्द से जल्द सीबीआई जांच शुरु करने की मांग दोहराई है। राज्य सरकार पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है। फिलहाल सभी की निगाहें दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

रक्षा से व्यापार तक मजबूत हुई दोस्ती, जयशंकर-रूबियो वार्ता में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा

 नई दिल्ली

 अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा पेश की, साथ ही इमिग्रेशन सुधारों और वीजा से जुड़ी चिंताओं पर पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए।

प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत के बाद हैदराबाद हाउस में बोलते हुए रूबियो ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच का रिश्ता अब पारंपरिक कूटनीति से कहीं आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा, “एक रणनीतिक साझेदारी एक बहुत ही अलग चीज होती है

रूबियो ने बताया कब होती है रणनीतिक साझेदारी?
रूबियो ने कहा, “एक रणनीतिक साझेदारी तब होती है, जब दो देशों के तौर पर आपके हित एक-दूसरे से मेल खाते हैं और आप उन समस्याओं को सुलझाने के लिए मिलकर रणनीतिक रूप से काम करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जिन मुद्दों पर हम भारत के साथ मिलकर काम करते हैं, उनकी सूची और उनका व्यापक दायरा इस बात को उजागर करता है कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है बल्कि दुनिया भर में हमारे सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक है।” यह प्रेस कॉन्फ्रेंस रूबियो के भारत के चार-दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के ठीक एक दिन बाद हुई।

रूबियो ने देश में अपने पहले दिन को शानदार बताया और बार-बार इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका केवल सहयोगी ही नहीं हैं, बल्कि रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और आतंकवाद-रोधी प्रयासों जैसे क्षेत्रों में साझा हितों वाले रणनीतिक सहयोगी हैं।

इस बातचीत में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे।

वीजा बदलावों और इमिग्रेशन सुधारों पर क्या बोले रूबियो?
J1, F1 और H-1B वीजा नीतियों में हाल के बदलावों को लेकर जताई जा रही चिंताओं का जवाब देते हुए रूबियो ने कहा कि ये सुधार यूएस इमिग्रेशन सिस्टम में बड़े बदलाव का हिस्सा थे और सिर्फ भारत के लिए नहीं थे।

उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं उस योगदान को स्वीकार करता हूं जो भारतीयों ने यूएस अर्थव्यवस्था में दिया है। भारतीय कंपनियों ने यूएस अर्थव्यवस्था में 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। हम चाहते हैं कि यह आंकड़ा लगातार बढ़ता रहे… अभी जो बदलाव हो रहे हैं या संयुक्त राज्य अमेरिका में हमारी प्रवासन प्रणाली का जो आधुनिकीकरण हो रहा है, वह सिर्फ भारत के लिए नहीं है। यह वैश्विक है, इसे पूरी दुनिया में लागू किया जा रहा है।”

रूबियो ने आगे कहा, “हम आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में हमें प्रवासन संकट का सामना करना पड़ा है। यह भारत की वजह से नहीं है, बल्कि मोटे तौर पर पिछले कुछ सालों में 20 मिलियन से ज्यादा लोग अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में घुस आए हैं और हमें इस चुनौती से निपटना पड़ा है…एक देश के तौर पर आप जो कुछ भी करते हैं, वह आपके राष्ट्रीय हित में होना चाहिए और इसमें आपकी आव्रजन नीति भी शामिल है।”

रूबियो ने आगे कहा कि यूएस आव्रजन के मामले में दुनिया का सबसे ज्यादा स्वागत करने वाला देश बना हुआ है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि चल रहे सुधारों की वजह से बदलाव के इस दौर में कुछ दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।

भारत-विरोधी नफरत और नस्लभेदी टिप्पणियों पर रूबियो
अमेरिका में ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ की गई नस्लभेदी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर रूबियो ने कहा कि ऐसी टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका एक सबको साथ लेकर चलने वाला देश बना हुआ है

उन्होंने कहा, “मैं उन टिप्पणियों को बहुत गंभीरता से लूंगा। मुझे यकीन है कि ऐसे लोग हैं जिन्होंने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर टिप्पणियां की हैं, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं। मुझे यकीन है कि यहां भी बेवकूफ लोग हैं। यूनाइटेड स्टेट्स में भी बेवकूफ लोग हैं जो हर समय बेवकूफी भरी टिप्पणियां करते रहते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स एक बहुत ही मेहमाननवाज देश है। हमारा देश उन लोगों से समृद्ध हुआ है जो दुनिया भर से हमारे देश में आते हैं।”

रूबियो ने अमेरिकी समाज में प्रवासियों के योगदान की ओर भी इशारा किया और बताया कि उनके अपने माता-पिता 1956 में क्यूबा से यूनाइटेड स्टेट्स आए थे।

रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर जयशंकर ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर ने दोनों देशों के बीच रक्षा और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका ने हाल ही में अपने 10 साल के प्रमुख रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क समझौते को रिन्यू किया है और एक व्यापक ‘अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस’ रोडमैप पर हस्ताक्षर किए हैं।

उन्होंने कहा, “जहां तक रक्षा और सुरक्षा सहयोग की बात है आप सभी जानते हैं कि 10 साल के प्रमुख रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क समझौते को हाल ही में रिन्यू किया गया था। एक व्यापक ‘अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस’ रोडमैप पर भी हस्ताक्षर किए गए। हमने रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण और हाल के संघर्षों से सीखे गए सबक को ध्यान में रखने के महत्व पर चर्चा की।”

व्यापार वार्ताओं पर जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्ष एक अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दे रहे हैं, जो अंततः एक व्यापक द्विपक्षीय सौदे का रास्ता खोल सकता है। इसकी परिकल्पना पहली बार फरवरी 2025 में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान की गई थी।

UPSC Prelims में अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा! तपती जमीन पर नंगे पैर पहुंचे एग्जाम सेंटर

ग्वालियर.

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 रविवार को ग्वालियर शहर के 21 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई। अभ्यर्थियों की थ्री लेयर चेकिंग के बाद प्रवेश दिया गया। जूते पहनकर परीक्षा देने पहुंचे कई छात्रों को रोका गया और बाहर ही उतरवाए गए।

ऐसे में वे 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से तपती जमीन में नंगे पैर कक्ष तक पहुंचे। समय से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश बंद कर दिया गया था। छात्र एवं छात्राओं के अनुसार पेपर में लेंदी प्रश्न पूछे गए थे, जिस कारण से टाइम मैनेजमेंट में कमी आई। ओवरऑल छात्रों का पहला पेपर माडरेट रहा।

परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी गर्मी से रहे बेहाल
प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, जिसका पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक कम्प्लीट हो चुका है। इस दौरान छात्राें को गर्मी ने भी बहुत परेशान किया। परीक्षा कक्ष में लगे पंखे भी जवाब दे गए। कुछ संस्थानों में पसीने से तर बरत होकर विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। अब दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगा। सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पहले पेपर से दुखी छात्र दूसरे पेपर की तैयारी के लिए सड़क किनारे पेड़ की छांव में करते नजर आए।

इन केंद्रों पर हुई परीक्षा
वीआरजी कालेज, एमएलबी कालेज, साइंस कालेज, बीएड कालेज, केआरजी कालेज, पद्मा स्कूल, गजराराजा स्कूल, गवर्नमेंट एसएस स्कूल टकसाल, पावनबीसी स्कूल, कालपी ब्रिज स्कूल, पालीटेक्निक कालेज, गोरखी स्कूल, गवर्नमेंट कन्या विद्यालय शिंदे की छावनी, गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल मामा का बाजार, गवर्नमेंट हिंदी विद्यापीठ, एमएलबी स्कूल मुरार, उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक, जीवाजी राव स्कूल, महाराजा मानसिंह कालेज।

छात्रों ने कहा…
बदले पैटर्न से हुई परेशानी: पेपर का इस बार पैटर्न बदला हुआ था, जो कि टफ था। सवाल लेंदी थे, जिन्हें समझने में दिक्कत आई। समय प्रबंधन की कमी रही, जिस कारण से कुछ प्रश्न छूट गए।
-दुष्यंत कुमार, महोबा

चौथी बार कर रही प्रयास: मैंने चौथा अटेम्प्ट दिया है। इस बार का पेपर मुझे टफ लगा। मैं पहले तीन बार मेंस तक पहुंच चुकी हूं, लेकिन साक्षात्कार में नहीं हो सका। इस बार सिलेक्शन के लिए प्रयासरत हूं।
– निधि बरैया, सिथौली

यह मेरा पहला अटेम्प्ट है: मुझे पेपर माडरेट लगा। सवालों को घुमाकर पूछा गया था, जिससे कई सवाल छूट गए। यह मेरा पहला अटेम्प्ट है, इसलिए मुझे ज्यादा चिंता नहीं है। अागे और अच्छा करूंगा।
– सचिन द्विवेदी, मुरार

पुलिस में हूं, सपना आइएएस बनना: मैं पुलिस में हूं, शिवपुरी में सेवाए दे रहा हूं। मैं अपने सीनियर्स से बहुत प्रभावित हूं। उनकी तरह ही मैं आइएएस, आइपीएस बनना चाहता हूं, इसलिए नौकरी के साथ तैयारी कर रहा हूं।
– आदित्य तिवारी, दतिया

गर्मी से परेशान हुए: परीक्षा के खौफ के साथ ही गर्मी ने बहुत परेशान किया। कक्ष में पंखों की स्थिति सही नहीं थी। इसलिए एक तरफ पसीना पोछते रहे और दूसरी तरफ प्रश्न पत्र हल करते रहे।
– ललित सूर्यवंशी, ग्वालियर

रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला, हाइपरसोनिक ओरेश्निक समेत 4 मिसाइलों का इस्तेमाल

नई दिल्ली

रविवार को रूस ने यूक्रेन पर रात भर हमले किए, जिसमें हाइपरसोनिक ओरेश्निक समेत चार तरह की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। मॉस्को ने इसे रूस के अंदर नागरिक ठिकानों पर कीव के हमलों का बदला बताया।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसियों के अनुसार, इन हमलों में ओरेश्निक, इस्कंदर, किंझल और जिरकॉन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इंटरफैक्स ने रूसी रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों यूक्रेन के सैन्य कमांड केंद्र, हवाई अड्डे और यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को निशाना बनाया गया।

यूक्रेन भी की हमलों की पुष्टि
मॉस्को ने दावा किया कि सभी हमले सफल रहे। रॉयटर्स युद्ध के मैदान से मिली इन रिपोर्टों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने कीव पर रात भर किए गए बड़े हमले के दौरान हाइपरसोनिक ओरेश्निक बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया।

600 ड्रोन और 90 मिसाइलों से हमला
टेलीग्राम पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने बताया कि यह मिसाइल कीव क्षेत्र के बिला त्सेर्कवा शहर में गिरी। हालांकि इसका असली निशाना क्या था यह तुरंत साफ नहीं हो पाया। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, कीव पर रात भर चले इस हमले में 600 ड्रोन और 90 हवाई, समुद्री और जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।

खबरों के मुताबिक, यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने 549 ड्रोन और 55 मिसाइलों को नष्ट कर दिया या उन्हें जाम कर दिया, जबकि लगभग 19 मिसाइलें अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाईं।

यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस के अस्त्रखान इलाके में मौजूद कास्पुतिन यार साइट से एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गई। यह साइट ओरेश्निक मिसाइल के लॉन्च पैड के तौर पर जानी जाती है।

हमलों में दो लोगों की मौत
वायु सेना ने आधिकारिक तौर पर इस मिसाइल के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की, लेकिन इससे पहले उसने इसके संभावित लॉन्च को लेकर चेतावनी दी थी। स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 56 अन्य घायल हो गए।

कीव के मध्य इलाके में सरकारी इमारतों के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि कई जिलों में 40 जगहों पर नुकसान की खबरें मिलीं। इनमें रिहायशी इमारतें, स्कूल, सुपरमार्केट और गोदाम शामिल हैं।

कीव की रहने वाली 55 वर्षीय स्वितलाना ओनोफ्रीचुक ने कहा, “यह एक भयानक रात थी। पूरे युद्ध के दौरान ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।” इस हमले में स्वितलाना के काम करने की जगह को भी नुकसान पहुंचा था।

यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बताया कि कीव के शेवचेंको जिले में एक पांच-मंजिला रिहायशी इमारत पर हमला होने के बाद उसमें आग लग गई, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। मेयर विटाली क्लित्स्को ने बताया कि एक स्कूल की इमारत को भी नुकसान पहुंचा, जबकि उस समय उसके अंदर आम नागरिक पनाह लिए हुए थे।

 

जनजातीय महाकुंभ में बोले Amit Shah — आदिवासी समाज सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा

नई  दिल्ली

राजधानी दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित विशाल जनजातीय महाकुंभ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समाज को सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए मतांतरण और सांस्कृतिक विघटन पर तीखा प्रहार किया।

देशभर से पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक गीतों के साथ पहुंचे जनजातीय समुदायों के बीच शाह ने कहा कि यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि भगवान बिरसा मुंडा के उलगुलान के बाद देश को एक सूत्र में जोड़ने वाला सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन है। इस समागम में विष्णुदेव साय, मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप समेत सैकड़ों जनजातीय समुदाय के लोग शामिल हुए।

 

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