सिंहदेव-बैज विवाद पर मंत्री खुशवंत साहेब का हमला, बोले- ‘सरकार में सिर्फ जेब भरने आना चाहते हैं’

रायपुर.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर टीएस सिंहदेव और दीपक बैज में ठन गई है. इस पर दोनों के बीच चल रही बयानबाजी पर खुशवंत साहेब ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में कई गुट हैं. टीएस सिंहदेव गुट, दीपक बैज गुट, भूपेश गुट ना जाने और इनके कितने गुट सामने आएंगे कांग्रेस में. लगातार गुटबाजी चल रही है.

जब चुनाव होता है, तब कांग्रेस में कुर्सी तोड़ कार्यक्रम चलता है. ये सिर्फ भ्रष्टाचार जानते हैं. खुशवंत साहेब ने कहा कि कांग्रेस हमेशा परिवारवाद की पार्टी रही है. ये अपने परिवार को ही नहीं संभाल पा रहे और देश संभालने की बात करते हैं. भारत जोड़ने की बात करते हैं, पहले अपनी पार्टी को तो जोड़ लें. आपस में युद्ध कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि इनके पास कोई विचारधारा, कोई सोच नहीं है. जेब भरने और भ्रष्टाचार करने के लिए सरकार में आना चाहते हैं. सीएम के दिल्ली दौरे पर मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिल्ली विकास और उन्नति के लिए जाते हैं. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करते हैं. छत्तीसगढ़ के लिए सौगात लेकर आते हैं. कांग्रेस पहले खुद को संभाल ले.

केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर बीजेपी के घर-घर संपर्क अभियान चलाए जाने पर मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि हमारा तो सुशासन तिहार चारों तरफ चल रहा है. जन चौपाल लगाकर सीधे जनता से बात कर रहे हैं. जनता खुश है. वहीं कांग्रेस के पिटाई वाले बयान पर उन्होंने कहा कि जनता उन्हें पहले ही पिट चुकी है. 2023 और 2024 के चुनाव में भी पिट चुके हैं. आने वाले 2028 के चुनाव में भी जनता इन्हें कूटेगी-पिटेगी. इनके कार्यकर्ता और नेता ही एक-दूसरे को पिट रहे हैं.
पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि पर खुशवंत साहेब ने कहा कि दूसरे देशों से तुलना करें, वहां कीमतें कैसे बढ़ रही हैं, और भारत में कीमत कितनी बढ़ रही हैं.

पीएम मोदी चाहते हैं कि जनता को ज्यादा दिक्कत न हो, इसलिए ज्यादा दाम नहीं बढ़ रहे. कांग्रेस को समझना चाहिए कि युद्ध की स्थिति के कारण समस्याएं आ रही हैं. पढ़े-लिखे हैं, तो समझना चाहिए.
भाजपा प्रशिक्षण शिविर को लेकर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है, अनेकों प्रकार के संगठनात्मक कार्य चलते रहते हैं. आज जिला प्रशिक्षण शिविर चल रहा है. प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण शिविर लग रहा. कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण होगा, उन्हें जानकारी मिलेगी.

ऑयल कंपनियों के नए नियम से बढ़ी मुश्किलें, भोपाल निगम को अब ₹49 महंगा पड़ेगा डीजल

भोपाल 

 हैं। अब उन्हें आम उपभोक्ताओं के मुकाबले 30 प्रतिशत तक महंगा ईंधन खरीदना पड़ेगा। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। भोपाल नगर निगम की बात करें तो अब उसे 49 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त देने होंगे। 

बता दें कि कुछ दिन पहले तेल कंपनियों द्वारा बल्क उपभोक्ताओं के लिए डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए थे। अब कंपनियों ने पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बल्क उपभोक्ताओं को डिस्काउंट रेट पर नहीं, बल्कि निर्धारित बल्क रेट पर ही डीजल-पेट्रोल दिया जाए।

कंपनियों ने यह भी हिदायत दी है कि यदि किसी पंप से बल्क उपभोक्ताओं को कम दरों पर डीजल-पेट्रोल दिया गया तो संबंधित पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका असर भोपाल में देखने को मिलने लगा है।

पुराने रेट पर डीजल देने से इनकार
नगर निगम की कचरा कलेक्शन गाड़ियां जब तय रिटेल पंपों पर डीजल लेने पहुंचीं तो पंप संचालकों ने पुराने रेट पर डीजल देने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों को बताया गया कि अब बल्क उपभोक्ताओं को 142 रुपए प्रति लीटर की दर से ही डीजल मिलेगा। पहले नगर निगम को करीब 93 रुपए प्रति लीटर की दर से डीजल मिल रहा था। यानी नए और पुराने रेट में करीब 49 रुपए प्रति लीटर का अंतर आ गया है।

कचरा कलेक्शन के काम पर असर
बताया जाता है कि पंपों से समय पर डीजल नहीं मिलने के कारण करीब 2 से 3 घंटे तक कचरा कलेक्शन का काम प्रभावित रहा। अफसरों की दखल के बाद पंपों से डीजल सप्लाई शुरू हुई। जिसके बाद कचरा कलेक्शन दोबारा शुरू किया गया। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन देर से हुआ, जबकि कुछ स्थानों पर गाड़ियां तय समय पर नहीं पहुंच सकीं।

अब तक 5 रुपये महंगे हुए, जानें नई कीमतें

आज शनिवार सुबह फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की है. ताजा जानकारी के मुताबिक पेट्रोल में करीब 87 पैसे और डीजल के दामों में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई है. इसके साथ-साथ सीएनजी के दाम भी बढ़ाए गए हैं। 

बता दें, मिडिल ईस्ट में तनाव का साफ असर अब दिखाई देने लगा है. आम जनता पर लगातार महंगाई का बोझ बढ़ता ही जा रहा है. जानकारी के लिए बता दें, तेल कंपनियों ने पिछले दस दिनों के अंदर तीसरी बार पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में संशोधन किया है. इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में 3-3 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई थी. उसके बाद 19 मई को दोबारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 87 पैसे और 91 पैसे बढ़ाए गए थे. इस तरह 10 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपये महंगे हो गए हैं। 

राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल के नई कीमतें 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति ली. हो गई हैं. इससे पहले यह 98.64 रुपये प्रति ली. की दर से बिक रहा था. वहीं, डीजल के दामों में 91 पैसे बढ़ाए गए हैं. जिससे नई कीमतें 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति ली. हो गई है. बात सीनएजी की करें तो इसके दाम 1 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं. राजधानी दिल्ली में 1 किलो सीएनजी के नए दाम करीब 81.09 रुपये हैं। 

कुछ दिनों पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान दिया था कि भारत देश में ईंधन पर्याप्त मात्रा में है. सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि देश में पेट्रोल औऱ डीजल की पर्याप्त मात्रा है. घबराने की कोई बात नहीं है. सप्लाई पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है. मंत्रालय ने आगे कहा कि देश की जनता अफवाहों से बचकर रहे और परेशान ना हो। 

रवि किशन का ‘होम फ्रॉम वर्क’ बयान फिर चर्चा में, वायरल मीम्स पर दी मजेदार प्रतिक्रिया

रवि किशन एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में ‘वर्क फ्रॉम होम’ को लेकर दिए गए उनके एक मजाकिया बयान “होम फ्रॉम वर्क” ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी थी. इसके बाद इंटरनेट पर उनके कई मीम्स बनने लगे और वीडियो तेजी से वायरल हो गया. अब रवि किशन ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी है.

ट्रेलर लॉन्च इवेंट में दिया जवाब
रवि किशन हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म Maa Bahen के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी भी मौजूद थीं.

मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे वायरल मीम्स को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आता कि वह हर बार कैसे वायरल हो जाते हैं.

‘मैं भी इंसान हूं’  रवि किशन
रवि किशन ने कहा कि यह सिर्फ एक जुबानी गलती थी. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैं महादेव की कसम खाकर कहता हूं, मुझे नहीं पता मैं क्यों वायरल हो जाता हूं.” उन्होंने आगे बताया कि संसद जाते समय उनसे ‘वर्क फ्रॉम होम’ कहना था, लेकिन गलती से ‘होम फ्रॉम वर्क’ निकल गया.

उन्होंने यह भी कहा कि लोग उन्हें कभी-कभी बहुत अलग नजरिए से देखते हैं, जबकि वह भी एक आम इंसान हैं और गलती हर किसी से होती है.

मीम्स पर भी दिया मजेदार जवाब
इवेंट में रवि किशन ने अपने वायरल होने के ट्रेंड पर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि उनके पार्टी के लोग भी अक्सर उनसे पूछते हैं कि वह क्या करते हैं. हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अब उनकी फिल्म Maa Bahen भी जल्द चर्चा में आने वाली है.
रवि किशन ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि उन्हें बस आना है और वायरल होना है.

भोजपुरी से बॉलीवुड तक का सफर
रवि किशन ने भोजपुरी से लेकर बॉलीवुड तक अपनी मजबूत पहचान बनाई है. यूपी-बिहार में उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है और दर्शक उन्हें उनके दमदार अभिनय के लिए पसंद करते हैं.

गंभीर आपराधिक मामले में दोषी कृषि विस्तार अधिकारी बर्खास्त, मिली आजीवन कारावास की सजा

दुर्ग.

विशेष न्यायालय (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम) रायपुर द्वारा गंभीर आपराधिक प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, संभाग- दुर्ग श्रीमती गोपिका गभेल ने त्वरित शासकीय प्रक्रिया के तहत गंभीर कदाचरण के दोषी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से पदच्युत (बर्खास्त कर दिया गया है।

शासन के नियमों के तहत नौकरी से निष्कासित किए जाने के बाद अब वे भविष्य में किसी भी शासकीय नियोजन (सरकारी नौकरी) के लिए पूरी तरह से अयोग्य होंगे। इसके साथ ही, दोषसिद्धि की तिथि से उन्हें किसी भी प्रकार के शासकीय सेवा परिलाभों की पात्रता नहीं होगी। ज्ञात हो कि विकासखण्ड मानपुर, जिला मोहला- मानपुर – अं. चौकी के क्षेत्र सीतागांव में पदस्थ रहे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू, पिता रोहित साहू के विरुद्ध नगर पुलिस अधीक्षक माना, जिला रायपुर द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर 08 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

इस हेतु उन्हें पूर्व में उप संचालक कृषि, जिला मोहला मानपुर- अं. चौकी द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया गया था। इस गंभीर आपराधिक मामले में अंतिम फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी एक्ट रायपुर द्वारा 02 मई 2026 को देवनारायण साहू को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (2) (ड), धारा 69 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3 (2) (ट) के तहत दोषी पाते हुए क्रमशः 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास सहित अर्थदंड से दंडित किया गया है।

MP के 42 जिलों में भीषण लू का अलर्ट, टीकमगढ़-छतरपुर-पन्ना में रेड वार्निंग; 46.8 डिग्री पहुंचा पारा

भोपाल 
मध्य प्रदेश में आगामी दो दिन बाद यानी 25 मई से नौतपा शुरू होना है, लेकिन उससे पहले ही राज्य के सभी जिलों में भीषण गर्मी के साथ साथ अधिकतर जिले लू की चपेट में हैं। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सूरज आग उगल रहा है। हालात ये हैं कि, शनिवार सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। लोग घर से निकलते समय छाता, गमछा और दुपट्टे का सहारा ले रहे हैं।

राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 42 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में सबसे गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी दी गई है।

नौगांव सबसे गर्म, 46.8 डिग्री पहुंचा पारा
शुक्रवार को छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खजुराहो में पारा 46.4 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा टीकमगढ़ और सतना में 44.5 डिग्री, दतिया में 44.4 डिग्री तथा दमोह और नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ और सागर में भी तापमान 44 डिग्री के आसपास बना रहा। लगातार बढ़ती गर्मी से दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं।

मौसम विभाग ने शनिवार को कुल 42 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में रेड अलर्ट है जबकि ग्वालियर समेत 21 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट है। 18 जिलों में लू का यलो अलर्ट है।

इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। छतरपुर के 2 शहर- नौगांव और खजुराहो प्रदेश में सबसे गर्म रहे। नौगांव में पारा 46.8 डिग्री और खजुराहो में 46.4 डिग्री दर्ज किया गया। टीकमगढ़-सतना में 44.5 डिग्री, दतिया में 44.4 डिग्री, नरसिंहपुर-दमोह में 44.2 डिग्री, सागर-राजगढ़ में पारा 44 डिग्री रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, इंदौर में 41.4 डिग्री और उज्जैन में 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

बड़े शहरों में भी गर्मी का कहर
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं।

बड़े शहरों में भी गर्मी का कहर
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 43.7 डिग्री, भोपाल में 42.2 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं।

31 मई तक जारी रहेगा भीषण गर्मी का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के साथ ही गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है। विभाग ने 26 मई तक के लिए जारी पूर्वानुमान में साफ कहा है कि पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं 31 मई तक तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत अधिकांश शहरों में दिन और रात दोनों समय गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए रेड अलर्ट वाले जिलों में टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना को रखा गया है। जबकि ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, मऊगंज और रीवा। इसके अलावा येलो अलर्ट वाले जिलों में भोपाल, उज्जैन, रतलाम, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, शहडोल, सिंगरौली, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत 18 जिले शामिल हैं।

मौसम विभाग की सलाह
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। ऐसे में लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

31 मई तक जारी रहेगा भीषण गर्मी का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के साथ ही गर्मी और ज्यादा तीखी हो सकती है। विभाग ने 26 मई तक के लिए जारी पूर्वानुमान में साफ कहा है कि पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं 31 मई तक तापमान अपने चरम पर पहुंच सकता है।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत अधिकांश शहरों में दिन और रात दोनों समय गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
रेड अलर्ट वाले जिले- टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले- ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, निवाड़ी, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, मऊगंज और रीवा।

यलो अलर्ट वाले जिले- भोपाल, उज्जैन, रतलाम, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, शहडोल, सिंगरौली, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत 18 जिले।

दोपहर में बाहर निकलने से बचें
मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। ऐसे में लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। 

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम

स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।

        आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

स्वच्छता से हुई शुरुआत  

          कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।

बर्ड वॉक में पक्षियों का अवलोकन  

           इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी।

सीड बॉल निर्माण बना आकर्षण  

          वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हस्ताक्षर अभियान से जताई प्रतिबद्धता  

          जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों ने
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से 
 अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

           कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।

गोंदिया यार्ड में 2 दिन चला मेंटेनेंस, आधा दर्जन लोकल ट्रेनें रद्द होने से यात्री परेशान

राजनांदगांव.

दो दिनों से आधा दर्जन से अधिक लोकल ट्रेनों के नहीं चलने के कारण यात्रियों की परेशानियां बढ़ रहीं। विशेष रूप से दैनिक यात्री काफी अधिक परेशान हो रहे हैं। गोंदिया रेलवे स्टेशन में मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है। ज्ञात हो कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत आने वाले गोंदिया यार्ड में अधोसंरचना के मद्देनजर निर्माण कार्य किए।

मेंटेनेंस कार्य के चलते 21 एवं 22 मई को विशेष ट्रैफिक एवं इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया गया। इस कार्य के कारण आधा दर्जन से अधिक लोकल ट्रेन में रद्द रहीं, जिससे यात्रियों की दो दिनों से परेशानियां बढ़ी रहीं। रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोनों दिनों में कुल 08 घंटे 30 मिनट का ब्लॉक लिया। इसमें इंजीनियरिंग विभाग द्वारा स्विच नवीनीकरण एवं पॉइंट सेटिंग सहित आवश्यक कार्य हेतु 06 घंटे का ब्लॉक रखा गया। इसके उपरांत सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा वायरिंग डिस्कनेक्शन, परीक्षण एवं संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए 02 घंटे का ब्लॉक लिया।

साथ ही विद्युत विभाग द्वारा ओएचई परीक्षण हेतु अतिरिक्त 30 मिनट का ब्लॉक लिया। निर्माण कार्य के चलते गाड़ी संख्या 68817 गोंदिया- गढ़ा मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही। गाड़ी संख्या 68818 गढ़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68861गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर, 21 एवं 22 मई को रद्द रही। गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा- गोंदिया मेमू पैसेंजर, 22 एवं 23 मई को 68721 रद्द है। गाड़ी संख्या रायपुर – डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर, 21 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68723 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू पैसेंजर, 21 मई को रद्द रही. गाड़ी संख्या 68724 गोंदिया-दुर्ग मेमू पैसेंजर, 22 मई को रद्द रही। दो दिनों से लोकल ट्रेनों के नहीं चलने से यात्री परेशान रहे।

सहकार से समृद्धि की ओर: नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

सहकार से समृद्धि की ओर: नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा

रायपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।

सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षता  

          कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।

          यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।

केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा  

         बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।

पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर  

            डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

            विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

व्यवसायिक विस्तार पर मंथन  

             कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
 
          कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. गवली, डीजीएम ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम अरुण पुरोहित, एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

कान्स में ऐश्वर्या राय को लेकर वायरल दावा कितना सच? जानिए पूरा मामला

ऐश्वर्या राय बच्चन कान्स की रियल क्वीन हैं. वो बीते कई सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में जलवे बिखेर रही हैं. ऐश्वर्या के रेड कार्पेट लुक्स पर दुनियाभर की नजरें टिकी रहती हैं और एक्ट्रेस भी हमेशा अपने ग्लैमरस लुक से हर किसी को वाह…कहने पर मजबूर कर देती हैं. ऐश्वर्या जब भी रेड कार्पेट पर उतरती हैं तो हर कैमरा सिर्फ उनपर होता है. एक्ट्रेस को अपने कैमरों में कैद करने के लिए इंटरनेशनल फोटोग्राफर्स बेकरार रहते हैं. लेकिन क्या इस साल ऐश्वर्या को इग्नोर किया गया है? इस सवाल पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.

क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई?
ऐश्वर्या राय इस साल इलेक्ट्रिक ब्लू मर्मेड गाउन में कान्स रेड कार्पेट पर जलवे बिखेरती नजर आईं. ब्लू गाउन में एक्ट्रेस का ग्लैमरस अंदाज दिखा. उन्होंने रेड कार्पेट पर फोटोग्राफर्स को फ्लाइंग Kiss करते हुए कई पोज भी दिए. एक्ट्रेस की खूबसूरती पर हर कोई दिल हार बैठा. ब्लू गाउन में ऐश्वर्या के कई फोटोज और वीडियोज इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं.

इस साल भी ऐश्वर्या ने अपने गॉर्जियस लुक्स से फैंस का दिल जीत लिया. ऐश्वर्या के हुस्न की तारीफ करते फैंस थक नहीं रहे हैं. लेकिन इसी बीच X पर वायरल एक पोस्ट ने ऐश्वर्या राय के फैंस को नाराज और निराश कर दिया.

वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि कान्स में ऐश्वर्या राय को इग्नोर किया गया. पोस्ट में लिखा है-  कोई ऐश्वर्या राय की तस्वीरें क्यों नहीं खींच रहा है? (मैं उनके फैंस की तरह बेवकूफ नहीं हूं, मैं बस उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे रही हूं.)

इस पोस्ट पर ऐश्वर्या राय के फैंस उनके सपोर्ट में आगे आ रहे हैं. फैंस वायरल पोस्ट पर गुस्से में रिएक्शन दे रहे हैं. एक फैन ने ऐश्वर्या के सपोर्ट में लिखा- मुझे नहीं लगता कि दर्शक या कैमरे इतने अंधे हैं जो ऐश्वर्या राय को नजरअंदाज कर दें. जरा कैमरों के फ्लैश तो देखो. सोशल मीडिया पर पोस्ट पर बहस छिड़ रही हैं. वायरल पोस्ट पर एक्ट्रेस के फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है. फैंस का कहना है कि निगेटिव पीआर के जरिए ऐश्वर्या के खिलाफ ऐसे पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं.

वैसे इस मामले में आपका क्या कहना है?

116 एकड़ जंगल पर चला कुल्हाड़ा, रेवाडीह में बेशकीमती पेड़ों की कटाई से हड़कंप

छुईखदान/ राजनांदगांव.

छुईखदान के रेवाडीह जंगल मे इन दिनो हरियाली नही बल्कि कुल्हाड़ियो और कटर मशीनो की आवाज गूंज रही है क्षेत्र के फेफड़े कहे जाने वाले इस घने जंगल के बीचो बीच बड़े पैमाने पर पेड़ो की कटाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
स्थानीय सूत्रो की माने तो लगभग 116 एकड़ निजी भूमि की आड़ लेकर सैकड़ो हरे भरे और उखाड़ा जा रहा है।

हैरान करने वाली बात यह है कि जिस जगह पर इतनी बड़ी संख्या मे पेड़ो की कटाई की जा रही है वहा अब तक किसी भी प्रकार की विभागीय अनुमति या ट्रांजिट परमिट टीपी जारी होने की पुष्टि नही हुई है यही वजह है कि अब यह मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नही रहा बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। सीमांकन के तुरंत बाद शुरू हुआ जंगल सफाया जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले ही राजस्व विभाग द्वारा इस इलाके मे सीमांकन की कार्रवाई पूरी की गई थी सीमांकन खत्म होते ही जंगल के भीतर अचानक भारी मशीने और मजदूर सक्रिय इसके बाद साजा बीजा तीनसा बांस हो गए और भीरा जैसे कीमती एवं संरक्षित पेड़ो की अंधाधुंध कटाई शुरू हो गई ग्रामीणो का कहना है कि जिस तेजी से जंगल उजाड़ा जा रहा है उससे पूरा क्षेत्र धूल और वीरानी मे बदलता जा रहा है।

वन अमले को जानकारी फिर भी कार्रवाई नही
सूत्र बताते है कि स्थानीय वन अमले को पूरे घटनाक्रम की जानकारी है मैदानी कर्मचारियो यानी बीट गार्डो ने भी इस मामले की सूचना अपने उच्च अधिकारियो तक पहुंचाने की बात कही है बावजूद इसके अब तक मौके पर न तो कोई बड़ी जांच टीम पहुंची और न ही कटाई रोकने की ठोस कार्रवाई दिखाई दी वही जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और सीमांकन प्रक्रिया के अहम किरदार हल्का पटवारी भी पूरे मामले पर खुलकर कुछ बोलने से बचते नजर आए ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी कटाई किसके संरक्षण मे चल रही है प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा संदेह । ग्रामीणो और पर्यावरण प्रेमियो का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई नही हुई तो आने वाले दिनो मे पूरा इलाका बंजर होने की कगार पर पहुंच जाएगा जंगल खत्म होने से वन्यजीवो के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है।

नहीं ली गई कोई अनुमति
इस परे मामले में एसडीएम अविनाश ठाकुर ने कहा कि खमारडीही जंगल में हो रही पेड़ कटाई की जानकारी मिलते ही जांच के लिए आरआई पटवारी और वन विभाग की टीम भेजी गई है जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी उन्होने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है वहा किसी भी प्रकार की विभागीय अनुमति नही ली गई। है । अब सबसे बड़ा सवाल यही है। यदि अनुमति नही ली गई तो आखिर जंगल में यह हरा कत्लेआम किसके इशारे पर चल रहा है।

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