कोरबा में ट्विशा जैसा मामला! दफनाने के 4 दिन बाद कब्र से निकाला विवाहिता का शव

कोरबा.

उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत ने नया मोड़ ले लिया है। दफन के चार दिन बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। मायके पक्ष ने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, फॉरेंसिक टीम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव उत्खनन की कार्रवाई की गई। तेज धूप के बीच घंटों तक चली इस कार्रवाई को देखने ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। बताया जा रहा है कि शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन बाद में पुलिस की समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी की गई। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही विनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति मुकेश पाटले आए दिन मारपीट करता था और छोटी-छोटी बातों पर घर से निकाल देता था।

परिजनों के मुताबिक विनीता कई बार रोते हुए मायके पहुंची, लेकिन बच्चों और परिवार की खातिर समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज दिया जाता था। मृतिका की मां ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की गई थी। हाल ही में गांव के पंच-सरपंच बताकर कुछ लोग समझौते के नाम पर उसे ससुराल ले गए थे, जबकि बाद में वे रिश्तेदार निकले। इस घटना के बाद परिवार का शक और गहरा गया। परिजनों का कहना है कि मौत के बाद शव को नहलाते समय शरीर पर चोट के निशान दिखाई दिए थे। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम कराए जल्दबाजी में शव दफना दिया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।

विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और पारिवारिक कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। अचानक हुई मौत और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किए जाने से परिवार लगातार सवाल उठा रहा है।इधर, पति मुकेश पाटले ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। हालांकि, वह विनीता के बार-बार मायके जाने के कारणों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव उत्खनन कराया गया है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले की गुत्थी पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विनीता की मौत सामान्य थी या इसके पीछे प्रताड़ना और साजिश का कोई गंभीर पहलू छिपा है।

कब्र से निकाला शव: उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत के बाद, दफन किए जाने के चौथे दिन प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया।

ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप: मायके पक्ष ने मृतिका के पति मुकेश पाटले, सास और ससुर पर दहेज के लिए बेरहमी से मारपीट करने और सुनियोजित तरीके से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।

बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार: परिजनों का दावा है कि विनीता की मौत के बाद शव को नहलाते समय उसके शरीर पर चोट के निशान थे और नाक-मुंह से खून आ रहा था, फिर भी ससुराल वालों ने बिना पोस्टमार्टम के शव दफना दिया।

बांधवगढ़ में खूनी बाघ का आतंक! घर में घुसकर महिला को मार डाला, 3 परिजन घायल

उमरिया.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा क्षेत्र अंतर्गत खेरवा मोहल्ला में शुक्रवार तड़के एक बाघ की घुसपैठ से पूरे गांव में दहशत फैल गई। बाघ घर में घुस आया और सो रही महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। महिला को बचाने पहुंचे पति, पिता और ससुर भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पूरे इलाके में भय, तनाव और आक्रोश का माहौल है। मृत महिला की पहचान फूल बाई पति पहलू पाल (करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सुबह लगभग तीन बजे बाघ अचानक घर के भीतर घुस गया और महिला पर हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर पति पहलू पाल, पिता और ससुर दशई पाल उसे बचाने दौड़े, लेकिन बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया। घायलों को गंभीर हालत में मानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

घंटों घर में डटा रहा बाघ
घटना के कई घंटे बाद तक बाघ घर के भीतर मौजूद बताया गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई। परिवार के अन्य सदस्यों पर हमले की आशंका बनी रही। गांव के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन डर के कारण कोई घर के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
वन अमला बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने और क्षेत्र खाली कराने में जुटा रहा। इसी दौरान नाराज ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्राधिकारी पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोट आई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे।

वन विभाग के सामने दोहरी चुनौती
बताया जा रहा है कि मृतका के पिता कुछ दिन पहले पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने बेटी के घर आए थे, लेकिन यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। फिलहाल वन विभाग के सामने बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के साथ ग्रामीणों के आक्रोश को शांत करने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

सीएम ने की आर्थिक सहायता का एलान
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत ग्राम खेरवा टोला, जिला उमरिया में बाघ के हमले में एक महिला और कुछ नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वाले के परिजनों को 25 लाख की सहायता राशि दी जा रही है। घायलों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था के आदेश दिए हैं।

भोपाल में बर्थडे पार्टी के बाद युवकों का हाईवोल्टेज ड्रामा, तेज रफ्तार कार से कई लोगों को मारी टक्कर

भोपाल.

भोपाल में शनिवार रात एक बेकाबू कार ने खूब उत्पात मचाया। कार चला रहे युवक नशे में धुत थे। बर्थडे पार्टी के बाद उन्होंने कई लोगों, गाड़ियों और ठेलों को टक्कर मारी। करीब 10-12 किलोमीटर तक उत्पात मचाया। एक्सीडेंट में कई लोगों के घायल होने की खबर है।

बैरागढ़ इलाके में जन्मदिन मनाया फिर मचाया उत्पात
शनिवार रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच की घटना बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक सर्वा दुबे, आदित्य, तुषार खरे और संभव जायसवाल सहित कुछ युवक बैरागढ़ इलाके में जन्मदिन मनाने के लिए इकट्ठे हुए थे। पार्टी के दौरान शराब पी और फिर टोयोटा हाइराइडर कार से निकले।

कई लोगों और वाहनों को मारी टक्कर
पहले आदित्य नाम का युवक कार चला रहा था। फिर स्टेशन के पास उसने गाड़ी सर्वा दुबे को दे दी। सर्वा दुबे ने तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाई। रास्ते में ठेले, बाइक और कई लोगों को टक्कर मारता आगे बढ़ा। कीर्ति मेडिकल के पास से लेकर अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, कोलार रोड और मीनाल इलाके तक तेज रफ्तार कार ने कई लोगों को चपेट में लिया।

3 थानों की पुलिस ने पीछा करके किया अरेस्ट
आरोपी युवकों ने एक पुलिस आरक्षक को भी टक्कर मारी। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि कुछ युवक कार से उत्पात मचा रहे हैं तो पुलिस एक्टिव हो गई। 3 थानों की पुलिस ने कार का पीछा किया और 10-12 किलोमीटर भागने के बाद मिनाल के पास पकड़ा।

आरोपियों को भीड़ ने घेरा, पुलिस ने बचाकर निकाला
एक्सीडेंट से गुस्साए हजारों लोगों ने आरोपियों को घेर लिया। हालात बेकाबू हो गए थे। पुलिस ने आरोपी युवकों को भीड़ से बचाकर निकाला। पुलिस ने 2 आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लिया। एक आरोपी के फरार होने की आशंका है।

घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं
एक्सीडेंट में घायल लोगों के अयोध्या नगर और अशोका गार्डन इलाके के अस्पतालों में होने की संभावना है। घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन संख्या ज्यादा बताई जा रही है। सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबर: मध्यप्रदेश का नौगांव सबसे गर्म, 46.8 डिग्री पर पहुंचा पारा, खजुराहो में 46.4, भोपाल में 42.2 और इंदौर में 41.4 डिग्री तापमान

पुलिस बोली- आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई 
बजरिया थाना प्रभारी शिल्पा गौरव ने कहा कि घटना बेहद गंभीर है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ईरान पर ट्रंप का बड़ा संकेत, 24 घंटे में सैन्य कार्रवाई या समझौते पर फैसला संभव

नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है।

ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और उनके संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से संभालने की गारंटी देगा।

वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल
राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फोन पर बात करने की योजना बनाई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान वार्ता पर जल्द ही कोई खबर आ सकती है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी एक 14-सूत्रीय समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही है और अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में संकेत दिए हैं, हालांकि अभी भी कुछ बिंदुओं पर मतभेद बरकरार हैं।

भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत बना अमेरिका
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है, जबकि सिंगापुर अभी भी भारत में निवेश करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। 2025-26 में अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश दोगुना होकर 11 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।

निवेश का रुख अब बदल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र निवेश के मामले में सबसे आगे रहा, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। डेटा सेंटर्स में हो रहे भारी निवेश को इसका एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

सिनेमा सुनामी’ वाली TVK सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी: एमके स्टालिन

चेन्नई

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नई नवेली टीवीके (तमिलगा वेत्री कझगम) सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राज्य में विजय की पार्टी की जीत को ‘सिनेमा सुनामी’ करार देते हुए कहा कि ये उत्साह कुछ दिनों में ठंडा पड़ जाएगा और लोग फिर डीएमके की ओर रुख करेंगे.

डीएमके प्रमुख ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि विजय की सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी. पूर्व सीएम ने ये भी दावा किया कि ये चुनाव नतीजे राजनीतिक उथल-पुथल नहीं, बल्कि लोगों ने विजय को इस लिए वोट दिया, क्योंकि उनके पसंदीदा अभिनेता ने एक राजनीतिक पार्टी शुरू की है. ये कोई राजनीतिक सुनामी नहीं बल्कि महज एक ‘सिनेमा सुनामी’ थी.

उन्होंने स्पष्ट किया कि टीवीके बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें भी नहीं जीत सकी है और वर्तमान में डीएमके की मेहरबानी से ये (टीवीके) सरकार सत्ता में है.

एमके स्टालिन ने टीवीके सरकार के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आठ और पांच मिलकर केवल 120 होते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि टीवीके ने अन्नाद्रमुक (AIADMK) को तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन वे पूरी तरह असफल रहे. आज उनकी सरकार ‘दीवार पर बैठी बिल्ली’ की तरह है जो किसी भी दिन गिर सकती है.

‘पूरे घटनाक्रम पर है DMK की नजर’
स्टालिन ने तंज भरे लहजे में कहा कि कम्युनिस्ट, वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने पहले केवल बाहर से समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन अब वो सीधे कैबिनेट का हिस्सा बन चुके हैं, जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं. द्रमुक इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए है और सही वक्त का इंतजार कर रही है.

डीएमके अध्यक्ष ने आगे कहा कि जैसे कोई छोटा बच्चा अंत में अपनी मां को ही ढूंढता है, ठीक वैसे ही तमिलनाडु की जनता बहुत जल्द वापस हमारे पास आएगी. लोगों का जल्द ही इस राजनीतिक खिलौने (टीवीके सरकार) से मोहभंग हो जाएगा. जनता ने केवल उत्साह में आकर वोट दिया था, जिसे ये सरकार अपनी बड़ी कामयाबी मान रही है.

BJP की जीत के पीछे कांग्रेस
उधर, तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता (LOP) और द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पूर्व सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लगातार उभार और जीत के लिए सीधे तौर पर उसे जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने चेन्नई में दिए अपने एक हालिया बयान में साफ शब्दों में कहा कि वह पहले सोचते थे कि देश में बीजेपी की लगातार हो रही जीतों के लिए सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह जिम्मेदार हैं, लेकिन अब वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि इसका असली और मुख्य कारण केवल कांग्रेस ही है.

उदयनिधि ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो बुनियादी शिष्टाचार है और न ही कोई कृतज्ञता, इसलिए इस दल पर अब कभी-भी दोबारा भरोसा नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि उनके नेता कूटनीतिक रूप से ऐसी कांग्रेस का बोझ अपने कंधों पर उठाकर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि उनके जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने के लिए इस चुनाव में भी अपना खून-पसीना एक किया था.

आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में  अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK)सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. इसके बाद कांग्रेस और अन्य दलों के साथ सरकार बनाई. इसके बाद विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में विजय की सरकार ने अभूतपूर्व समर्थन हासिल करते हुए 140 से ज्यादा वोट प्राप्त किए थे.

सुकमा : सुकमा को स्वच्छ बनाने मिशन मोड में नगर पालिका

सुकमा.

नगर पालिका परिषद सुकमा द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापारियों एवं नागरिकों को जागरूक करने मंगलवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

केन्द्र सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संशोधित नियमों को 01 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद सुकमा के सभा कक्ष में व्यापारियों, दुकानदारों, होटल प्रबंधकों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनीत साव ने बताया कि नए नियमों के तहत कचरे को 4 श्रेणियों में विभाजित कर स्त्रोत पर ही पृथकीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों को अब हरा डस्टबीन (गीला कचरा), नीला (सूखा कचरा), लाल (सेनेटरी कचरा) और पीला (विशेष देखभाल वाला हानिकारक कचरा) निर्धारित नियमों के अनुसार उपयोग करना होगा।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक और व्यापारी कचरा अलग-अलग करके स्वच्छता दीदियों को देगा, तो शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी होगी। नगर पालिका द्वारा अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों अर्थात बल्क वेस्ट जनरेटरों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य किया गया है तथा गीले कचरे के निपटान हेतु स्वयं के परिसर में ही प्रसंस्करण सुविधा स्थापित करना जरूरी होगा। नगर पालिका ने नागरिकों की सुविधा के लिए शिकायत निवारण हेतु निदान हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं व्हाट्सएप चौटबॉट नंबर 8519009090 भी जारी किया है, जिससे सफाई संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में प्रशासन ने सिंगल यूज़ पॉलिथीन को पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे पूर्णतः बंद करने की अपील की। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत गारबेज फ्री सिटी के नियमों की जानकारी देते हुए नागरिकों से तालाबों व सार्वजनिक स्थलों में कचरा न फेंकने, खुले में कचरा न जलाने, खुले में शौच न करने और केवल स्वच्छता दीदियों को ही कचरा देने की अपील की गई। नगर पालिका परिषद सुकमा ने भरोसा दिलाया कि जनसहयोग से शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और आदर्श नगर के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम सहित व्यापारी, पार्षद और शहर के वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।

अजमेर ट्रिप पर हुआ था बड़ा विवाद! ट्विशा केस में समर्थ सिंह ने कबूला झगड़ा

भोपाल.

भोपाल में त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान पति समर्थ सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल को गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद त्विषा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। यह बयान उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि समार्थ सिंह ने पत्नी से गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता को लेकर सवाल पूछे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में थी।

अजमेर यात्रा को लेकर हुआ था विवाद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि त्विषा शर्मा और समर्थ सिंह के बीच विवाह के पांच महीनों के दौरान अक्सर विवाद होते थे। मौत से कुछ घंटे पहले भी दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर जाने को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद 12 मई को भोपाल स्थित उनके घर में त्विषा शर्मा मृत पाई गईं।

मां को भेजे संदेशों में जताई परेशानी
जांच के दौरान त्विषा शर्मा और उनकी मां के बीच हुए संदेश भी सामने आए हैं। इन संदेशों में उन्होंने गर्भावस्था के दौरान ससुराल के माहौल को लेकर तनाव और असहजता व्यक्त की थी। एक संदेश में उन्होंने लिखा था, “मेरा दम घुट रहा है मां।” परिवार का आरोप है कि त्विषा लगातार अपने माता-पिता से उन्हें वहां से ले जाने की गुहार लगा रही थीं।

मौत से पहले मां को किया था फोन
त्विषा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में अधिकारी हैं, ने बताया कि 12 मई की रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। बातचीत के दौरान अचानक समार्थ सिंह कमरे में पहुंचे, जिसके बाद कॉल कट गई। परिवार ने इसके बाद त्विषा , समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ घंटों बाद समार्थ की मां गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत की जानकारी परिवार को दी।

समार्थ सिंह पुलिस रिमांड पर
समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। वह घटना के बाद से लापता थे और बाद में जबलपुर में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर भोपाल ले आई। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। उनकी मां गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, को अग्रिम जमानत मिली है। पुलिस ने उन पर जांच में सहयोग नहीं करने और नोटिसों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

अदालत में समार्थ सिंह के व्यवहार पर चर्चा
शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान समार्थ सिंह का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना। मौजूद लोगों के अनुसार, वह अदालत में पूरी तरह शांत और आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए। उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछावे के संकेत नहीं थे।

AIIMS करेगा दूसरा पोस्टमार्टम
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर रविवार को नई दिल्ली स्थित AIIMS के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल में त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम करेगी। त्विषा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मौत के बाद उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने व्यापक जनआक्रोश पैदा कर दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

मध्यप्रदेश अकादमी की नितिका आक्रे ने राष्ट्रीय एथलेटिक्स में जीता रजत पदक

भोपाल 

रांची में 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी नितिका आक्रे ने महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित किया। नितिका ने 4.10 मीटर की शानदार छलांग लगाकर न केवल प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क भी हासिल कर लिया।

मंत्री  सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नितिका आक्रे को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नितिका आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी।

एशियन गेम्स एवं एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में बनाई जगह

नितिका आक्रे ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मानक प्राप्त करते हुए प्रतियोगिता में स्थान सुनिश्चित किया है। साथ ही उन्होंने 9 से 12 जुलाई 2026 तक ऑर्डोस, चीन में आयोजित होने वाली प्रथम एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि प्रदेश और देश दोनों के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।

कोच घनश्याम के मार्गदर्शन में हासिल की सफलता

नितिका आक्रे की इस उपलब्धि में उनके कोच  घनश्याम यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके तकनीकी मार्गदर्शन, निरंतर प्रशिक्षण एवं प्रेरणा ने नितिका को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया। यह सफलता खिलाड़ी और प्रशिक्षक के समर्पण एवं समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम

नितिका आक्रे का यह प्रदर्शन उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दबाव के बीच उत्कृष्ट तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए पदक अपने नाम किया।

प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को मिल रही नई पहचान

मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। नितिका की यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं नितिका

नितिका आक्रे की सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि समर्पण, सतत अभ्यास और सही मार्गदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।

 

MP के 30 हजार स्वास्थ्य कर्मियों का हल्ला बोल, 5 महीने से वेतन नहीं मिलने पर आंदोलन का ऐलान

भोपाल

मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों से 25 मई को भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच से छह महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी उपमुख्यमंत्री निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।
30 हजार कर्मचारी दे रहे हैं सेवाएं

संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन, नौकरी की सुरक्षा और न्यूनतम वेतन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

निजी एजेंसियों की मनमानी और शोषण का आरोप

संघ का आरोप है कि निजी एजेंसियों और अधिकारियों की मनमानी के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। शासन द्वारा स्वीकृत राशि और कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक भुगतान में बड़ा अंतर है। कर्मचारियों को आठ से 12 हजार रुपए तक वेतन दिया जा रहा है, जबकि न्यूनतम 26 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग लंबे समय से की जा रही है।

कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें

संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य के बदले समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा, अवकाश सुविधा, मातृत्व अवकाश और निजी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई हैं।

 

इबोला संकट पर भारत अलर्ट: कांगो-युगांडा यात्रा से बचने की सलाह

 नई दिल्ली

 इबोला बीमारी के प्रकोप को देखते हुए, भारत सरकार ने रविवार को उन भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है जो कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं।

सरकार ने उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा है कि कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बदलती स्थिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इन देशों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।

बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप और जोखिम
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक बुन्दिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने आधिकारिक तौर पर कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।

कांगो और युगांडा की सीमाओं से सटे दक्षिण सूडान जैसे देशों को भी संक्रमण के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है।

निगरानी बढ़ाने के निर्देश
WHO की आपातकालीन समिति ने 22 मई को प्रवेश बिंदुओं पर रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी की हैं।

इसका उद्देश्य उन यात्रियों का पता लगाना, उनका आकलन करना और उन्हें रिपोर्ट करना है जो ऐसे क्षेत्रों से आ रहे हैं जहाँ बुन्दिबुग्यो वायरस की पुष्टि हुई है और जिनमें अस्पष्ट बुखार के लक्षण हैं।

इबोला की गंभीर स्थिति
इबोला बीमारी एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है, जो इबोला वायरस के बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से होता है। यह एक अत्यंत गंभीर बीमारी है जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक है।

बुन्दिबुग्यो वायरस के कारण होने वाली इबोला बीमारी को रोकने या इलाज के लिए कोई वैक्सीन या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं है।

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